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रोहतक के संजीत व मणिपुरी के इ तास ने कजाकस्तान के बॉक्सरों को हराया

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राजीव गांधी खेल स्टेडियम में वर्ल्ड सिरीज ऑफ बाक्सिंग का हुआ आगाज
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रोहतक के संजीत व मणिपुर के इतास ने कजाकिस्तान के बाक्सरों को हराया
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
राजीव गांधी खेल स्टेडियम में शनिवार को वर्ल्ड सिरीज ऑफ बाक्सिंग का रंगारंग आगाज हुआ। इसमें भारतीय टीम की ओर से इंडियन टाइगर्स कजाकिस्तान की टीम अस्ताना अरलैंस से 2-3 अंकों से हार गई। प्रतियोगिता में रोहतक के संजीत और मणिपुर के मोहम्मद इतास खान ने कजाकिस्तान के खिलाड़ियों को अपने मुक्कों से पस्त कर दिया।
भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के समर्थित इंडियन टाइगर्स टीम के लिए खेल रहे संजीत और मोहम्मद इतास खान ने कजाकिस्तान की टीम के अनुभवी मुक्केबाजों के खिलाफ शानदार जीत हासिल की। इसके अलावा भारत के अन्य तीन मुक्केबाजों ने भी बाक्सिंग रिंग में अच्छा प्रयास किया, लेकिन वह तीन बार के चैंपियन कजाक मुक्केबाजों के अनुभव के आगे नहीं टिक सके। भारतीय टीम को दिन के पहले मुकाबले में हार मिली थी, लेकिन दूसरे मुकाबले में जीत के साथ उसने शानदार वापसी की और स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद तीसरे मुकाबले में भी उसे हार मिली, लेकिन यह मुकाबला काफी रोचक हुआ। चौथा मुकाबला भारतीय टीम एकतरफा अंदाज में हार गई, लेकिन पांचवें मुकाबले में रोहतक के मुक्केबाज संजीत ने शानदार जीत के साथ टीम को 2-3 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। चौथे मैच में आशीष की हार के साथ यह हेवीवेट मुकाबला महज औपचारिकता रह गया था, लेकिन संजीत ने इसे रोचक बना दिया। इंडियन टाइगर्स की इस चैम्पियनशिप में यह तीसरी हार है। शुरुआती दो हुए मुकाबलों में इंडियन टाइगर्स को हार का सामना करना पड़ा था। पहले उसे अरलैंस ने ही 4-1 से हराया था और फिर रूस की पैट्रायट बाक्सिंग टीम ने उसे इसी अंतर से पराजित किया था।
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गौरतलब है कि एशिया ग्रुप में इंडियन टाइगर्स तीसरे स्थान पर हैं। इस ग्रुप में चाइना ड्रैगंस चौथी टीम है। इस टीम को 22 अप्रैल को इंडियन टाइगर्स से भिड़ना है। इसमें भारत दूसरी बार डब्ल्यूएसबी में हिस्सा ले रहा है। इससे पहले उसने 2011 में डब्ल्यूएसबी लीग में हिस्सा लिया था, जो भारतीय मुक्केबाजी महासंघ द्वारा नहीं बल्कि एक प्राइवेट कंपनी द्वारा फंडेड और समर्थित थी। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ ने 2016 में अपने गठन के बाद भारतीय टीम की डब्ल्यूएसबी में वापसी की और इस तरह भारत 2017-18 सीजन के लिए इस चैंपियनशिप में शामिल हुआ।

बाक्सिंग रिंग में कुछ यू रहा नजारा
शनिवार को मैच में ग्रुप सी का पहला मैच लाइट फ्लाइ कटेगरी (46-49 किग्रा) में इंडियन टाइगर्स के श्याम कुमार काकरा का सामना अस्ताना अरलैंस के तेमिरास झुसुपोव से हुआ। इसमें काकरा ने बेहतरीन खेल दिखाया, लेकिन वह अनुभवी झुसुपोव के अनुभव के आगे हार गए। काकरा शुरुआती तीन राउंड में थोड़े सुस्त दिखे, लेकिन अंतिम दो राउंड में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए झुसुपोव को दोयम साबित किया। वह अंत के दो राउंड में अपने बेहतरीन प्रदर्शन के बाद भी काकरा 1-2 से हार गए। जज-3 ने काकरा को बेहतर आंका लेकिन जज-1 और जज-2 की नजर में झुसुपोव बेहतर साबित हुए। इस तरह झुसुपोव ने इस चैंपियनशिप में लगातार 12वीं जीत हासिल की। दूसरे मैच में बैंटमवेट कटेगरी (56 किग्रा) में इंडियन टाइगर्स के मोहम्मद इतास खान का सामना अरलैंस के नूरसुल्तान कोचसेगुलोव से हुआ। इतास ने शानदार उलटफेर करते हुए यह मुकाबला 3-0 से अपने नाम किया। इसमें इतास खान के जैब से अरलैंस घायल हो गए और लहू लुहान बॉक्सर को रिंग में ही मेडिकल उपचार दिया गया। तीनों जजों ने इतास के पक्ष में फैसला सुनाया और इस तरह मणिपुर के इस 17 साल के मुक्केबाज ने भारत को इस मुकाबले में 1-1 की बराबरी दिलाई। पूरे मैच के दौरान आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रेनिंग में प्रशिक्षण लेने वाले इतास अपने प्रतिद्वंद्वी पर भारी रहे। तीसरे राउंड में वह थोड़ी देर के लिए ढीले पड़ते नजर आए लेकिन इसके बाद उन्होंने खुद को संभालते हुए 2015 से डब्ल्यूसीबी में हिस्सा लेते आ रहे नूरसुल्तान को हथियार डालने पर मजबूर किया और एक यादगार जीत दर्ज की। लाइट वेल्टर वेट कटेगरी (64 किग्रा) में भारत की चुनौती लेकर उतरे धीरज, इतास की जीत से प्रेरणा नहीं ले सके और दिलमुरात मिझितोव के खिलाफ 1-2 से हार गए। इतास की तरह ही आर्मी इंस्टीट्यूट आफ ट्रेनिंग में प्रशिक्षण लेने वाले धीरज ने पूरे मैच के दौरान अच्छा खेल दिखाया, लेकिन 2017 में डब्ल्यूएसबी का खिताब जीतने वाली टीम के सदस्य दिलमुरात के अनुभव के आगे नहीं टिक सके। इस तरह धीरज की हार ने भारत को पांच कटेगरी बाउट के इस मुकाबले में 1-2 से पीछे कर दिया। इसके बाद भारत को बराबरी पर लाने की जिम्मेदारी आशीष कुमार के कंधों पर थी, जो मिडिल (75 किग्रा) वर्ग में अबीलखान अमानकुल के खिलाफ रिंग में उतरे। आशीष हालांकि इस अनुभवी मुक्केबाज के खिलाफ 0-3 से प्रतियोगिता हार गए। इस चैंपियनशिप में अबीलखान की छठी जीत थी। वह सिर्फ एक मैच हारे हैं। आशीष की हार के साथ भारत ने यह मुकाबला 1-3 से गंवा दिया। अंतिम मैच हेवीवेट (91 किग्रा) कटेगरी का हुआ, जो एक लिहाज से औपचारिकता रह गया था। इसमें टाइगर्स की ओर से रोहतक के खिलाड़ी संजीत ने अबीलखैर तुर्लानबेखोव के खिलाफ चुनौती पेश की और यह मुकाबला 2-1 से आपने नाम किया और सबका दिल जीत लिया। स्थानीय लोगों ने संजीत की जबरदस्त हौसला अफजाई की और इसी के दम पर संजीत ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय देते हुए अबीलखैर पर शानदार घूंसे बरसाए और विजेता बनकर उभरे।
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सांस्कृतिक कार्यक्रमों से मोहा खिलाड़ियों और दर्शकों का मन
प्रतियोगिता के बाद रिंग में प्रतियोगिता आयोजकों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर विदेशी बॉक्सरों और उनकी टीम का स्वागत किया। कजाकिस्तान से आए बॉक्सरों ने हरियाणवी नृत्य का भरपूर आनंद लिया और इसे अपनी जीवन की यादगार प्रतियोगिता बताया।

फोटो सहित
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