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24 घंटे में बनाई नंदीशाला, 120 पशु भी पकड़े

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24 घंटों में बनाई नंदीशाला, 120 पशु भी पकड़े
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चरखी दादरी।
डीसी के आदेश पर नगर परिषद के अधिकारियों ने 24 घंटे में अग्रसेन धर्मशाला के समीप करीब एक एकड़ जमीन पर नंदीशाला का प्रबंध कर दिया है। मार्केटिंग बोर्ड के पुराने कार्यालय में इस नंदीशाला को शुरू करने के लिए नगर परिषद ने यहां की क्षतिग्रस्त दीवारों को दुरुस्त करवाया। और जमीन पर उगी झाड़ियों को उखाड़कर जमीन को भी समतल किया। यहां पर पशुओं के रखरखाव के लिए यहां दस कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा पशुओं के लिए पानी का प्रबंध करने के लिए दो खेल (पानी की टंकी) का निर्माण करवाया गया है। इतना ही नहीं नप टीमों ने अभियान चलाकर शहर से करीब सवा सौ पशु पकड़कर इस नंदीशाला में छोड़ दिए हैं। पशु पालन विभाग ने इन पशुओं की टैगिंग प्रक्रिया भी शुरू कर दी है और पहले दिन पकड़े गए लावारिस गोवंश में से आधे से ज्यादा को टैग लगाए जा चुके हैं।
वहीं, नंदीशाला में फिलहाल पशुचारे की व्यवस्था नहीं होने से नगर परिषद अधिकारी चिंतित है। इसके लिए डीसी विजय कुमार सिद्प्पा और नप सचिव ने सामाजिक संगठनों, व्यापारियों व शिक्षण संस्था संचालकों से नंदीशाला की मदद के लिए आगे आने की अपील की है। नगर परिषद अधिकारियों का दावा है कि डीसी की डेडलाइन से पहले ही शहर को कैटल फ्री बना दिया जाएगा। नंदीशाला में पशुओं की रखवाली के लिए दस कर्मचारियों की भी भर्ती की जाएगी। इसके लिए नगर परिषद अधिकारियों ने डीसी विजय सिद्प्पा को पत्र लिख दिया है। नप सचिव की के मुताबिक डीसी के अनुमति मिलते ही कर्मचारियों की भर्ती कर ली जाएगी।
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प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार दादरी शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में लावारिस पशुओं की संख्या करीब 4106 है। पिछले करीब डेढ़ माह से जारी अभियान की दो दफा डेडलाइन निर्धारित की चुकी है। इस बार डीसी विजय सिद्प्पा ने 26 सितंबर की नई डेडलाइन निर्धारित की है जबकि इससे पहले यह 20 सितंबर थी। 20 सितंबर को डीसी ने जिले को कैटल फ्री बनाने के लिए पंचायत विभाग, पशु पालन विभाग व नगर परिषद अधिकारियों की बैठक ली थी। बैठक में अधिकारियों की कार्यप्रणाली से नाखुश डीसी ने खामियां मिलने पर अधिकारियों को लताड़ भी लगाई थी। बैठक में डीसी ने नगर परिषद को शहर में नंदीशाला का प्रबंध करने और आदेशों को गंभीरता से नहीं लेने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी। डीसी के आदेशों के बाद नगर परिषद ने जगह का चुनाव कर लिया। फिलहाल नगर परिषद न नंदीशाला में पानी का प्रबंध करवा रही है जबकि पशुचारे का प्रबंध नहीं होने से व्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती हैं। डीसी के अनुसार बुधवार तक शहर में लावारिस पशुओं की संख्सा करीब 550 थीं जबकि पूरे जिले में यह संख्या करीब 1550 थी। अब तक प्रशासन 2600 से अधिक लावारिस पशुओं को पकड़ चुका है। शुक्रवार सुबह नगर परिषद टीम ने शहर के विभिन्न भागों में अभियान चलाकर करीब 120 पशुओं को पकड़ा। इसकेबाद नप टीम इन्हें नवनिर्मित नंदीशाला में ले आई। यहां पशु पालन विभाग की टीम को भी बुलाया गया और करीब 60 पशुओं की टैगिंग भी की गई। फिलहाल शहर में करीब 400 लावारिस गोवंश और बचे हैं जिन्हें अगले दो दिन में पकड़कर नंदीशाला में छोड़ दिया जाएगा।
नगर परिषद ने यहां की शहर की नंदीशाला की व्यवस्था
मार्केटिंग बोर्ड के पुराने कार्यालय में नंदीशाला शुरू करने के लिए नगर परिषद ने यहां की क्षतिग्रस्त दीवारों को दुरुस्त करवाया। इसके अलावा नगर परिषद ने इस एक एकड़ जमीन पर उगी झाड़ियों को उखाड़कर जमीन को भी समतल किया। इसके अलावा पशुओं के रख-रखाव के लिए यहां दस कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा पशुओं के लिए पानी का प्रबंध करने के लिए दो खेल (पानी की टंकी) का निर्माण करवाया गया है। सचिव संजय यादव ने बताया कि इस जमीन पर दर्जनों हरे पेड़ हैं और इसलिए पशुओं के छाया में बैठने के लिए टीन शेड के निर्माण की जरूरत नहीं है।
पांच टीमों में शामिल 40 कर्मचारी पकड़ रहे पशु
नगर परिषद सचिव संजय यादव ने बताया कि डीसी साह्ब के निर्देशों पर अमल करने के लिए पांच टीमों का गठन किया गया है। एक टीम में आठ कर्मचारी है और 40 कर्मचारियों को लावारिस पशुओं को पकड़ने के काम में लगाया गया है। ये टीमें दिन की बजाय सुबह चार से सात बजे तक शहर में अभियान चलाएगी। अभियान का यह समय चुनने का कारण शहर की सड़कों का खाली होना है। एसडीएम ने किया नंदीशाला का निरीक्षण
नगर परिषद द्वारा शुक्रवार को शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में अभियान चलाने व पकड़े गए पशुओं को नंदीशाला में भेजने के बाद एसडीएम ओमप्रकाश देवराला ने भी नंदीशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान वहां मौजूद कर्मचारियों ने एसडीएम के सामने पशुचारा की व्यवस्था न होने संबंधी तर्क भी रखा। इस दौरान एसडीएम ने नंदीशाला में व्यवस्थाओं को जायजा लिया और नप अधिकारियों को यहां पानी के प्रबंध के निर्देश भी दिए।
शहर के इन क्षेत्रों से पकड़े 120 पशु
सेनेटरी इंस्पेक्टर विजय शर्मा ने बताया कि शुक्रवार सुबह शहर के कॉलेज रोड, गीता भवन के बैक साइड, नील पैक्ट्री, रंगीला हनुमान मंदिर, पुरानी सब्जी मंडी क्षेत्र, अनाज मंडी क्षेत्र में अभियान चलाया। उन्होंने बताया कि अगले दो भी नगर परिषद सुबह चार से सात बजे तक अभियान चलाएगी। उन्होंने बताया कि नंदीशाला का प्रबंध होने के बाद पहले ही दिन 120 लावारिस पशु पकड़े गए हैं।
बाक्स: टैंकरों से होगी पेयजल की व्यवस्था, चारा का प्रबंध नहीं
नगर परिषद को ही डीसी विजय सिद्प्पा ने नंदीशाला में पानी का प्रबंध करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। 20 सितंबर को आयोजित बैठक में डीसी ने मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों को भी नप का सहयोग करने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों की पालना करते हुए नगर परिषद ने सुबह-शाम पानी के टैंकर डलवाकर पशुओं के लिए पानी का प्रबंध करने की योजना तैयार कर ली है। अभी तक पशुचारा को लेकर स्थिति असमंजस की बनी हुई है। पहले दिन तो शहर के मौजिज लोगों ने अपने स्तर पर यहां पशुचारा का प्रबंध करवा दिया लेकिन यह स्थायी व्यवस्था नहीं मानी जा सकती।
वर्जन::
एसडीएम ने नंदीशाला का निरीक्षण किया है। कुछ व्यवस्था में खामियां थीं जिन्हें दूर करने के निर्देश दे दिए गए हैं। इस बार निर्धारित डेडलाइन पर शहर ही नहीं जिले को कैटल फ्री बना दिया जाएगा। सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, शिक्षण संस्थाओं व प्रमुख लोगों से अपील है कि वे नंदीशालाओं में पशुओं के पानी-चारे के प्रबंध के लिए मदद को आगे आएं।
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विजय कुमार सिद्प्पा, डीसी
वर्जन:
डीसी साह्ब के आदेशों पर मार्केटिंग बोर्ड के पुराने कार्यालय में नंदीशाला खोली गई है। पहले दिन करीब सवा सौ पशु पकड़े जा चुके हैं। जल्द ही नंदीशाला में पशुओं की रखवाली के लिए डीसी की अनुमति लेकर दस कर्मचारी भी भर्ती किए जा सकते हैं। शहरवासियों से अपील है कि पशुचारा का प्रबंध करने में प्रशासन का सहयोग करें।
संजय यादव, सचिव नगर परिषद
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