काठमंडी सौंदर्यीकरण मामला: कार्य में बाधा डाली तो दर्ज होगी एफआईआर
चरखी दादरी।
काठमंडी से अतिक्रमण हटाने के बाद अब सौंदर्यीकरण को लेकर खींचातानी शुरू हो गई है। लंबे इंतजार के बाद जब नगर परिषद अधिकारियों ने टाइलें बिछाकर सौंदर्यीकरण का काम शुरू करवाया तो व्यापारियों ने विरोध करते हुए काम रुकवा दिया। चार दिनों से काम रूका होने के चलते डीसी विजय कुमार सिद्प्पा ने नगर परिषद के पार्षदों और अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में नगर परिषद कार्यकारिणी ने जब व्यापारियों के विरोध के चलते काम बंद पड़ा होने का तर्क दिया तो डीसी ने हर हाल में इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के निर्देश दे दिए। डीसी ने नगर परिषद अधिकारियों से कहा कि अगर कोई कार्य शुरू करने पर लड़ाई-झगड़ा या बाधा उत्पन्न करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। ऐसे में अभी इस मामले पर तकरार बढ़ने के आसार नजर आ रहे हैं। नगरपरिषद ने दशकों पुराने अतिक्रमण को करीब आठ माह पहले काठमंडी से हटाया था। अतिक्रमण हटाने से पहले नगर परिषद व काठमंडी एसोसिएशन के बीच तकरार भी हुई और अंत में दोनों पक्षों में सहमति बनने व व्यापारियों के सहयोग देने के आश्वासन पर दोनों पक्षों में बात सिरे चढ़ पाई थी। इसके बाद नगर परिषद ने फडों की आड़ में रखे गए सामान को उठवाकर जगह को समतल करवा दिया था। इसके बाद नगर परिषद ने काठमंडी सौंदर्यीकरण का प्रोजेक्ट तैयार कर डीसी विजय सिद्प्पा से इसकी प्रशासनिक स्वीकृति ली थी। डीसी की स्वीकृति मिलने के बाद यहां सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट को धरातल पर पूरा करने के लिए टेंडर लगाए थे लेकिन किसी एजेंसी ने इसके लिए आवेदन नहीं किया। इसके करीब एक माह बाद नप ने दोबारा टेंडर लगाए थे और एजेंसी के आवेदन करने से टेंडर अलॉटमेंट कर वर्क ऑर्डर जारी कर दिए गए थे। करीब चार दिन पूर्व जब नगर परिषद ठेकेदार लेबर सहित यहां काम करने पहुंचा तो व्यापारियों ने दुकानों के आगे तक टाइलें बिछाने से इंकार कर दिया। जब व्यापारियों की मांग सिरे नहीं चढ़ी तो वो बीच सड़क आकर बैठ गए थे। इसके बाद एसडीएम ओमप्रकाश देवराला मौके पर पहुंचे थे और उन्होंने दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला सिरे चढ़वाया था। हालांकि इस दौरान काम बंद होने से प्रशासन बैकफुट पर नजर आया था। बुधवार को डीसी विजय कुमार सिद्प्पा ने नगर परिषद सचिव संजय यादव, एमई हरिकिशन शर्मा, चेयरमैन संजय छपारिया, पार्षद रविंद्र गुप्ता को इस मामले में बातचीत करने के लिए अपने कार्यालय बुलाया। नप पदाधिकारियों ने बताया कि काठमंडी में व्यापारियों के विरोध के चलते काम रूका हुआ है और मौजूदा हालातों को देखते हुए बिना सख्ती किए काम शुरू होने के आसार नजर नहीं आ रहे। इस पर डीसी विजय सिद्प्पा ने विकास कार्य को पूरा करने के लिए पुलिस मदद लेने के निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि अगर कोई नियमों के मुताबिक काठमंडी में विकास कार्य करवाया जाएगा और अगर कोई ऐसा करने में आनाकानी करता है तो उससे जिला प्रशासन सख्ती से निपटेगा। डीसी ने कहा कि इस मामले में पुलिस मदद के लिए वो स्वयं एसपी सुनील दलाल से बातचीत करेंगे। डीसी के निर्देशों के बाद नप पदाधिकारियों ने सोमवार से काठमंडी में दोबारा जाकर विकास कार्य शुरू करने का तर्क दिया।
कर्मचारी से मारपीट मामले में भी नहीं हुई कार्रवाई डीसी साहब
बैठक में मौजूद नप पदाधिकारियों ने डीसी विजय सिद्प्पा को बताया कि कई माह पहले चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान नप कर्मचारी से व्यापारी द्वारा गाली-गलौज व मारपीट की गई थी। इसके बाद सिटी थाने में इस मामले की लिखित शिकायत भी दी गई, लेकिन अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई पुलिस द्वारा नहीं की गई है। इस पर डीसी ने पुलिस को कार्रवाई के लिए रिमांइडर भेजने का तर्क दिया।
दो चरणों में 44 लाख से होगा सौंदर्यीकरण
नगर परिषद ने काठमंडी के लिए सौंदर्यीकरण का जो प्रोजेक्ट तैयार किया है वो दो चरणों में पूरा करवाया जाएगा। टाइलें बिछाकर यहां सौंदर्यीकरण कराने के लिए करीब 44 लाख रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी। नगर परिषद अधिकारियों ने बताया कि एक चरण में लाजपतराय चौक से लेकर सैनीपुरा मोड़ तक सड़क किनारे टाइलें बिछाई जाएंगी जबकि दूसरे चरण में गर्ल्स स्कूल की साइड सड़क किनारे व फड की जगह पर टाइलें बिछाने का काम करवाया जाएगा।
वर्जन::
मैंने नगर परिषद को हर हाल में काठमंडी सौंदर्यीकरण कार्य शुरू कराने के आदेश दे दिए हैं। जरूरत पड़ने पर नगर परिषद पुलिस बल की मदद भी लेगी, इसके लिए एसपी साह्ब से बातचीत हो चुकी है। व्यापारियों से अनुरोध है कि सौंदर्यीकरण के प्रोजेक्ट में प्रशासन का सहयोग करें। नगर परिषद टीम के साथ लड़ाई-झगड़ा या काम शुरू करने का विरोध करने वाले पर कानूनी कार्रवाई जिला प्रशासन करेगा। विजय कुमार सिद्प्पा, डीसी