उद्योग मंत्री के सामने भिड़े चेयरमैन और पार्षद
नारनौल। स्थानीय पंचायत भवन में शनिवार सुबह हुई जनपरिवेदना एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। उद्योग एवं पर्यावरण मंत्री विपुल गोयल के सामने ही अग्रवाल सभा के चुनावों की मांग करने आये नगर पार्षद केशव संघी से हरियाणा व्यापार कल्याण बोर्ड के चेयरमैन भिड़ गए। दोनों ने एक दूसरे पर कई आरोप-प्रत्यारोप लगाये। इसके बाद पुलिस ने केशव संघी को पकड़कर बाहर ले गई। यही नहीं बैठक में कई मामलों में शिकायतकर्ताओं ने भी हंगामा किया। इनमें अधिकतर शिकायतकर्ताओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाया।
बैठक में मंत्री विपुल गोयल ने पूर्व निर्धारित सभी मामलों को सुना। इन मामलों सबसे अधिक पांच मामले पुलिस से संबंधित थे। जिनमें अधिकांश मामलों में शिकायतकर्ता पुलिस की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं दिखाई दिए। शिकायतें सुनने के बाद कष्ट निवारण समिति के सदस्यों ने भी अपनी-अपनी बातें रखी। इनमें नप में एनओसी के नाम पर हो रहे घोटाले, जनस्वास्थ्य विभाग व आम जनता से जुड़ी समस्याओं का समाधान न होने संबंधी शिकायतें समिति सदस्यों के समक्ष रखी। बैठक के बाद उद्योग मंत्री ने लोगों की शिकायतों को सुना।
चुनाव के लिए नियुक्त प्रशासक को हटाने की मांग
बैठक में कुछ लोग नगर पार्षद केशव संघी के नेतृत्व में अग्रवाल सभा का चुनाव कराने तथा सभा पर नियुक्त किए गए प्रशासक को हटाने की मांग की। संघी ने कहा कि सभा में आठ हजार से अधिक सदस्य हैं। नए सोसायटी एक्ट 2012 के बाद यहां तीन बार चुनाव हो चुके हैं। इस बार भी समाज के लोगों ने बैठकर 30 जुलाई को चुनाव कराने की तिथि निर्धारित की थी। लेकिन पूर्व में द्विवार्षिक चुनाव में जीते हुए महामंत्री संजय गर्ग ने उपायुक्त को एक शिकायत पत्र देकर चुनाव को रद्द करा दिया। इसके बाद उपायुक्त ने एडीसी को अग्रवाल सभा का प्रशासक नियुक्त कर नए चुनाव सोसायटी पंजीकरण एक्ट 2012 के तहत कोलेजियम के तहत कराये जाने को कहा है। पार्षद ने इसका विरोध करते हुए कहा कि यह संस्था समाज के लोगों द्वारा बनाई गई है। इसलिए इसके चुनाव सीधे कराने चाहिए, न की नए सोसायटी एक्ट के अनुसार। अभी वे अपनी बात रख ही रहे थे कि व्यापार कल्याण बोर्ड के चेयरमैन अपनी सीट से उठ खड़े हुए और उन्होंने इसका विरोध करते हुए कहा कि पार्षद अपने स्वार्थ के लिए चुनाव कराना चाहता है। जबकि उपायुक्त ने जो किया वह सही है। इस पर केशव संघी तैस में आ गए तथा उन्होंने गोपाल शरण गर्ग पर भरे सदन में कई गंभीर आरोप लगा दिए। इस पर गर्ग भी पीछे नहीं रहे तथा उन्होंने भी पार्षद पर कई आरोप लगाए। दोनों की इस तनातनी में वहां खड़े पुलिस के जवानों ने पार्षद को वहां से बाहर निकाल दिया। इसके बाद ही मामला कुछ शांत हो पाया।
कार्रवाई नहीं करने पर किया हंगामा
मोहल्ला नलापुर से लोग मंत्री से मिलने आए तथा उन्होंने तीन माह पूर्व पुलिस लाइन में हुई राजमिस्त्री की हत्या पर पुलिस द्वारा सही कार्रवाई न करने पर हंगामा किया। पीड़ितों का कहना था कि राजमिस्त्री की हत्या हुई थी, इसके पीछे पुलिस वालों का हाथ है। इसलिए पुलिस अपने लोगों को बचाने के लिए इसे आत्महत्या का रूप दे रही है। उन्होंने कहा कि वे कई जगह बयान दर्ज करा चुके हैं लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसके बाद में इन लोगों ने पंचायत भवन में मंत्री की गाड़ी के सामने पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।
भाजपा कार्यकर्ता के परिजनों ने रो-रोकर सुनाई अपनी व्यथा
बैठक में वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता प्रेम की वेदना भी दिखाई दी। भाजपा के पुराने कार्यकर्ता प्रेम का कहना था कि वह भाजपा का 40 साल से सक्रिय कार्यकर्ता है। फिर भी उनकी सरकार में उसके साथ न्याय नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि गत दिवस कोर्ट के आदेश पर उनके कई साल पुराने मकानों को गिरा दिया, अब वह सड़क पर आ गया है। ऐसे में सरकार व पार्टी का कोई वरिष्ठ नेता कुछ नहीं कर रहा है। यहां पर पीड़ित के बेटे व परिजनों ने रो रोकर अपनी पीड़ा बताई।
पूर्व कैप्टन के परिजन ने पुलिस पर लगाए आरोप
गांव नीरपुर में पूर्व कैप्टन जोगेंद्र सिंह की मौैत के मामले में भी उनकी बेटी व पत्नी मंत्री से मिली। इन्होंने अब तक पुलिस द्वारा सही कार्रवाई न करने पर रोष जताया। उन्होंने बताया कि पूर्व कैप्टन का मर्डर उनके ही सगे भाई ने किया था। इसके कुछ सबूत पुलिस को भी दिए थे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने बताया आरोपी पर पहले भी एक मुकदमा रेवाड़ी में दर्ज है।
कमेटी ने नप में हुए एनओसी घोटाले को किया उजागर
समिति की पूर्व में हुई बैठक में नप में नक्शा व एनओसी के नाम पर हुई लूट के बारे में मुद्दा उठा था। इस पर समिति के चेयरमैन ने एक कमेटी बनाई थी। इस कमेटी ने इस बैठक में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में लिखा कि नप के अधिकारियों ने मिलीभगत करके 120 एनओसी अवैध रूप से जारी किए हैं। इन एनओसी के नाम पर नप के अधिकारियों ने जमकर भ्रष्टाचार किया। ये एनओसी एक माह में ही जारी की हुई हैं। वहीं साल 2010 से अब तक करीब 500 नक्शों में से 150 के करीब ही नक्शे पास किए गए हैं। वहीं 350 नक्शे अभी भी पास नहीं हुए। इस पर मंत्री विपुल गोयल ने चिंता जताई तथा जल्द से जल्द सभी नक्शों को पास करने को कहा।
सीएमओ के लगी कई मामलों में डांट
बैठक में मंत्री ने कई मामलों में सही कार्रवाई न होने पर सीएमओ डीएन बागड़ी को भी फटकार लगाई तथा आगे से ऐसी शिकायत न आने की बात कही। वहीं उज्ज्वला योजना के तहत कनेक्शन नहीं मिलने पर खाद एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को लताड़ा।