अमर उजाला ब्यूरो।
रेवाड़ी।
मॉडल टाउन स्थित आनंद समारोह स्थल में अखिल भारतीय साहित्य परिषद की ओर से विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। ‘साहित्यिक दृष्टि’ विषय पर आयोजित इस गोष्ठी में राज्यभर से आए साहित्यकारों ने साहित्य के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
इस दौरान इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर के कुलपति प्रो. एसपी बंसल ने मुख्य अतिथि और वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पवन गोयल ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता परिषद के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. रामसज्जन पांडेय ने की जिसमें 15 जिलों से आए साहित्यकारों ने भाग लिया। इस मुख्य अतिथि एसपी बंसल ने कहा कि स्वार्थ की लेखनी समाज के लिए घातक है। आज भ्रमित युवाओं को राष्ट्र की मुख्यधारा में लाने के लिए साहित्य की भूमिका प्रमुख है। अतीत से सबक लेकर सकारात्मक एवं प्रेरणात्मक साहित्य लिखा जाना चाहिए। उन्होंने भाषा, शिक्षा एवं अध्यापन के भारतीयकरण की वकालत की। वहीं विशिष्ट अतिथि डॉ. पवन गोयल ने कहा कि वर्तमान समय मानवीय मूल्यों की गिरावट एवं अशांति का है। साहित्यकार रचनात्मक दिशा एवं सकारात्मक दृष्टिकोण से देश को विश्व गुरु की ओर अग्रसर कर सकता है।
वहीं संबोधन में डॉ. पांडेय ने कहा कि बाजारवाद के दौर में साहित्य का रसिक कहीं खो गया है। साहित्य की प्राण चेतना को जीवंत बनाने का पक्ष लेते हुए कहा कि साहित्य केवल प्रतिक्रिया नहीं है, जीवन की समग्र अभिव्यक्ति है जिसमें सभी दृष्टि व सरोकार शामिल हैं। कार्यक्रम में अटेली के लोक साहित्यकार रोहित यादव ने अपनी पुस्तकें अतिथियों को भेंट की। परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्रीधर पराड़कर ने कहा कि साहित्य केवल समाज का दर्पण नहीं बने, अपितु समाज को अर्पण भी रहे। उन्होंने कहा कि समाज की वेदना को संवेदना के साथ सकारात्मक रूप से कागज पर उतारने वाला ही सही साहित्यकार है। साहित्य परिषद की स्थानीय इकाई द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में इंदुराज निगम ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
इस मौके पर परिषद के प्रांतीय महामंत्री मनोज भारत, प्रदेश संगठन मंत्री प्रो. रमेशचंद्र शर्मा, स्थानीय अध्यक्ष राजेंद्र निगम, महासचिव गोपाल शर्मा, डॉ. उमाशंकर, विपिन सुनेजा, नरेश चौहान, डॉ. लक्ष्मीनारायण, लाला पूर्णचंद, रमेश सिद्धार्थ, सत्यवीर नाहड़िया, ऋषि सिंहल, रमेश कौशिक, आनंद यादव, प्रेमपाल, दर्शना शर्मा, केके सक्सेना, गणेशदत्त, आरके जांगड़ा समेत विभिन्न संगठनों से आए साहित्य प्रेमी उपस्थित थे।