रोहतक। नगर निगम ने करीब 50 करोड़ से ज्यादा बकाया प्रॉपर्टी टैक्स व ट्रेड लाइसेंस फीस वसूली के लिए 800 नए भवनों की सूची तैयार की है। इसमें होटल, बैंक्वेट हाल, निजी अस्पताल व पौध नर्सरी शामिल हैं। सीलिंग के दूसरे चरण में निगम की टीम पुलिस फोर्स की मदद से विशेष अभियान चलाएगा। इसके लिए शुक्रवार को दिनभर निगम की प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच की टीमों ने अपने स्तर पर बिल्डिंगों की प्रॉपर्टी के स्टेटस व लोकेशन का डाटा एकत्रित किया। इस अभियान को इतना गुप्त रखा गया कि चारों टीमों के मोबाइल तक बंद रखे गए। शाम को जोनल टैक्स ऑफिसर जगदीश चंद्र ने निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा को मामले की रिपोर्ट दी।
शहर में नगर निगम का 50 करोड़ से ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। साथ ही मात्र 500 कॉमर्शियल बिल्डिंग का ट्रेड लाइसेंस लिया गया है, जबकि एक अनुमान के मुताबिक शहर में करीब 5 हजार कॉमर्शियल यूनिट हैं। ऐसे में निगम ने टैक्स व फीस वसूलने के लिए वीरवार को शहर में सीलिंग अभियान चलाया था, जिसमें सिटी केबल नेटवर्क के ऑफिस, एक होटल, एक कोचिंग सेंटर से लेकर दो टावर सील किए थे। सिटी नेटवर्क का ऑफिस सील होने से 70 हजार के करीब घरों के केबल प्रसारण बंद हो गया था। अब निगम की टीम 800 के करीब बिल्डिंग मालिकों से बकाया वसूलने की तैयारी में हैं। इसमें 150 करीब निजी पौध नर्सरी हैं। इसके अलावा वे होटल शामिल हैं, जिनकी प्रॉपर्टी का स्टेटस बदला हुआ है।
उधर, छह घंटे बंद रहा शहर में केबल का प्रसारण, नोएडा से आई टीम ने जमा कराई बकाया राशि
उधर, सिटी नेटवर्क का शहर में प्रसारण बंद होने से नोएडा से चंडीगढ़ तक कंपनी में हलचल मच गई। कंपनी के मुख्यालय से विशेष अधिकारी रोहतक पहुंचे और नगर निगम आफिस में अधिकारियों से बातचीत की। इसके बाद बकाया राशि निगम के अकाउंट में ऑनलाइन जमा करवाई। इसके बाद दोपहर 12 बजे शहर में केबल का प्रसारण शुरू हुआ। हालांकि कई उपभोक्ताओं ने बताया कि वीरवार रात को भी केबल का प्रसारण निगम द्वारा ऑफिस सील करने के बावजूद चला है। यह जुगाड़ कंपनी ने कहां से किया, इसका पता अधिकारियों तक को नहीं है।
संयुक्त टीम करेगी 3 हजार पोल का सर्वे
निगम के अधिकारियों का कहना है कि सिटी नेटवर्क कंपनी और निगम की एक संयुक्त टीम शहर में 3 हजार पोल का सर्वे करेगी। सर्वे में पता लगाया जाएगा कि कितने पोल कंपनी प्रयोग कर रही है और कितने दूसरी कंपनी प्रयोग करती है। इसके बाद टैक्स की पूरी राशि तय होगी।
एक और सूची तैयार
नगर निगम की टीम ने 800 भवन मालिकों की एक और सूची तैयार की है। शुक्रवार को उक्त बिल्डिंग के प्रॉपर्टी स्टेटस की जांच पड़ताल की गई। जल्द उन प्रमुख बिल्डिंग को सील किया जाएगा, जिनका कई साल से प्रॉपर्टी टैक्स व ट्रेड लाइसेंस फीस जमा नहीं हुई है। इसमें होटल, बैंक्वेट हाल, निजी अस्पताल व पौध नर्सरी तक शामिल हैं।
- जगदीश चंद्र, जोनल टैक्स ऑफिसर