संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में आयोजित यूएचएस कोर्स ऑफ एथिक्स इनक्लूडिंग बायोएथिक्स का शनिवार को समापन हुआ। इसका उद्देश्य पीजी छात्रों को नैतिक मूल्यों के प्रति संवेदनशील बनाकर चिकित्सकीय पेशे में एथिकल अभ्यास अपनाने के लिए सक्षम बनाना है।
कोर्स में लगभग 250 पीजी छात्रों ने भाग लिया। अब तक करीब 750 छात्रों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्हें एथिक्स एवं बायोएथिक्स के पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया है। कोर्स के दौरान फैकल्टी डॉ. सविता वर्मा, डॉ. जितेंद्र जाखड़, डॉ. रीतू हुड्डा, डॉ. बीना और डॉ. कमल सिंह ने विभिन्न सत्रों को संबोधित किया।
कोर्स की आयोजक डॉ. आरती ने कहा कि यह कोर्स छात्रों को नैतिक सिद्धांतों, पेशेवर व्यवहार और मरीजों के अधिकारों की रक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियों पर गहन जानकारी देता है।
एथिक्स और बायोएथिक्स का ज्ञान छात्रों को अपने पेशेवर जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने में मदद करता है। मरीजों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने में सहायक होता है।
डॉ. कमल सिंह ने कहा कि यह कोर्स छात्रों को नैतिक मूल्यों के प्रति संवेदनशील बनाने में मदद करेगा। इस अवसर पर डॉ. सविता वर्मा, डॉ. जितेंद्र जाखड़, डॉ. रीतू हुड्डा, डॉ. बीना, डॉ. कमल सिंह व अन्य उपस्थित रहे।