रोहतक। अखिल भारतीय जाट सूरमा स्मारक महाविद्यालय में शनिवार को स्वास्थ्य जांच एवं फेफड़ों से संबंधित परामर्श शिविर लगाया गया। शिविर में 75 विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों ने स्वास्थ्य जांच कराकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लिया।
शिविर में पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. रमन पसरीजा ने कहा कि बढ़ता वायु प्रदूषण, धूम्रपान, धूल और बदलती जीवनशैली फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों के प्रमुख कारण हैं। जाट शिक्षण संस्था के प्रधान गुलाब सिंह दिमाना ने कहा कि विद्यार्थियों और कर्मचारियों का अच्छा स्वास्थ्य किसी भी शिक्षण संस्थान की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने ऐसे स्वास्थ्य शिविरों को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर धर्मराज, कपूर सिंह ढाका, जय भगवान, सुनील कुमार फरमाना, डॉ. रामेंदर हुड्डा सहित अन्य मौजूद रहे। संवाद