रोहतक। युवाओं ने नौकरियों को छोड़कर अपना स्टार्टअप शुरू करने के अनोखे तरीके अपनाने शुरू कर दिए हैं। युवाओं का कहना है कि डिग्रियां लेने के बाद भी दिनोंदिन बढ़ती बेरोजगारी में वह दर-दर भटकते हुए नौकरी मांगने की बजाय दूसरों को नौकरी देना पसंद करेंगे। अमर उजाला की खास पड़ताल में सामने आया कि सिटी के युवा एलएलबी और इंजीनियरिंग की डिग्रियां करने के बाद अपना स्टार्टअप शुरू करने के लिए चाय और गन्ने के जूस जैसा काम शुरू कर रहे हैं। वहीं, कुछ युवा कैफे और रेस्टोरेंट खोलने के लिए खास ट्रेनिंग ले रहे हैं।
---
केस-1
अपना कैफे शुरू करने के लिए ले रहे ट्रेनिंग
अपना कैफे शुरू करने के लिए तीन दोस्त ईशान, जितेंद्र और संजीत स्पेशल ट्रेनिंग ले रहे हैं। बीपी जैन स्किल डेवलेपमेंट सेंटर पर यह तीनों दोस्त इटालियन, चाइनीज और कॉन्टिनेंटल फूड बनाना सीख रहे हैं। ईशान ने बताया कि बीकॉम के बाद जब लगा कि जॉब के सेक्टर में कोई स्कोप नहीं है और बेरोजगार रहने से अच्छा है कि अपना ही स्टार्टअप शुरू किया जाए। खाना बनाने और खाने का बचपन से ही शौक था, इसलिए कैफे खोलने का मन बनाया। वहीं, जितेंद्र ने बताया कि एमए के बाद कई सरकारी नौकरियों के लिए टेस्ट और इंटरव्यू दे चुके हैं। लेकिन हर बार इंटरव्यू में निकाल देने के बाद अपना बिजनेस करने का मन बनाया और ट्रेनिंग लेनी शुरू की।
---
केस-2
चाय लवर्स को पसंद आ रही तंदूरी और कुल्हड़ की चाय
शहर के चाय लवर्स के लिए एलएलबी पास रिषभ गुलाटी ने मॉडल टाउन में चायहोलिक का स्टार्टअप शुरू किया है। यहां पर शहरवासी तंदूरी और चाय होलिक स्पेशल चाय की चुस्कियों का मजा लेते नजर आते हैं। रिषभ गुलाटी ने बताया कि वह भीड़ से हटकर कुछ करना चाहते थे, इसलिए 12वीं के बाद लॉ की डिग्री ली। लेकिन आत्म संतुष्टि न मिलने के कारण कुछ नया और अलग करने का सोचा। दोस्तों के साथ जहां भी बैैठते सबसे पहले चाय आर्डर की जाती, चाय की चुस्कियों के साथ ही बातों का दौर शुरू होता। इसी से आइडिया आया क्यों न रोहतक में मेट्रो सिटी जैसा तंदूरी चाय का यूनिक कॉन्सेप्ट शुरू किया जाए।
केस-3
हाइजीन का ध्यान रखते हुए नहीं डालते जूस में बर्फ
गन्ने के जूस में अब तक लोगों ने केवल एक ही प्रकार का स्वाद लिया होगा, लेकिन धीरज इस चिलचिलाती गर्मी में लोगों की बीस फ्लेवर्स में गन्ने के जूस का स्वाद दिला रहे हैं। धीरज ने बीटेक करने के बाद कुछ समय नौकरी की, लेकिन उसे नौकरी करना रास नहीं आया और उसने कुछ अलग कर अपना खुद का बिजनेस करने का मन बनाया। बाजार के मुकाबले कुछ नयापन देते हुए बाबा मस्तनाथ स्कूल से आगे गन्ना जूस कार्नर के नाम से अपना स्टार्टअप शुरू किया। धीरज सर्दी के मौसम में गन्ने के जूस में गाजर और आंवला का फ्लेवर मिक्स करते हैं।