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हिसार रोड की 10 एसोसिएशन ने मंत्री के प्रस्ताव को नकारा, बोले- आईएमटी की दरों पर दी जाए पुरानी शुगर मिल की जमीन

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रोहतक। सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर के प्रस्ताव को हिसार रोड स्थित ट्रांसपोर्ट नगर के कारोबारी और मकैनिक वर्ग ने सिरे से नकार दिया है। इसके साथ ही फैसला किया कि उन्हें सुनारिया के पास पुरानी शुगर मिल की जमीन पर पहले से तय नए ट्रांसपोर्ट नगर में ही जगह चाहिए। इसके साथ ही इस जमीन के लिए 29 हजार रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से भुगतान करने से भी इंकार कर दिया है। उनकी मांग है कि आईएमटी में जमीन की जितनी कीमत है, उनकी ही कीमत पर जमीन दी जाए। मंगलवार को सहकारिता मंत्री ने जमीन की कीमत को कम करने से इंकार करते हुए प्रस्ताव दिया था कि आईएमटी या किसी और जगह को तय कर जमीन ले लें। हालांकि मंत्री का यह प्रस्ताव नहीं भाया और व्यापारियों अब अपने फैसले के साथ सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर से मिलेंगे।
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विश्वकर्मा ट्रक ऑटो एसोसिएशन के हिसार रोड स्थित कार्यालय पर बुधवार की शाम चार बजे बैठक हुई, जिसमें एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरजीत दांगी और उपाध्यक्ष मुकेश शर्मा ने बताया कि तीन बिंदुओं पर फैसला लिया गया है। पहला सभी एसोसिएशन शुगर मिल की जमीन पर शिफ्ट होने के लिए तैयार हैं। यहां जमीन के कीमत आईएमटी की दर पर ही ली जाए। इसके साथ ही सरकार से गुजारिश की जाएगी कि ट्रांसपोर्ट नगर की जमीन पर ट्रांसपोर्ट नगर ही बसाया जाए, यह जमीन किसी और को न दी जाए। अब यह प्रपोजल सहकारिता मंत्री को सौंपा जाएगा। इस बैठक में द रोहतक पब्लिक गुड्स एसोसिएशन, ट्रक पार्ट्स डीलर्स एसोसिएशन, द रोहतक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, ट्रैक्टर मार्केट एसोसिएशन, ऑटो मार्केट एसोसिएशन, लक्ष्मी ऑटो मार्केट एसोसिएशन, टायर एसोसिएशन और ट्रक सेल्स परचेज एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर देवेंद्र हुड्डा, संजय खोखर, जय भगवान, रिषी, प्रेम, सुरेंद्र ढाथा, राजकुमार जांगड़ा, प्रदीप एवं अन्य लोग रहे। उधर, पूरे मामले में सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर का कहना है कि पहले ही 13 हजार रुपये रेट कम करा चुके हैं, अब जमीन की कीमत को और कम कराना संभव नहीं है।
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फोटो: 13केएम01 हिसार रोड पर ट्रक ऑटो मार्केट एसोसिएशन की बैठक में पदाधिकारी और मकैनिक वर्ग

चार से पांच दिन में हो फैसला, नहीं तो लग जाएगी आचार संहिता: संजय दलाल
हिसार रोड ट्रक ऑटो मार्केट एसोसिएशन की बैठक पुराना भिवानी लिंक रोड पर हुई। एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय दलाल ने बताया कि पुरानी शुगर मिल ही जमीन दी जानी चाहिए और प्रति वर्ग गज जमीन की 10 से 12 रुपये ही कीमत होनी चाहिए। अभी तक बात जमीन की कीमत पर चल रह थी तो अब अलग बात छेड़ दी गई कि कहीं और जमीन ले लो। शुगर मिल की जमीन ट्रांसपोर्ट नगर के लिए है तो वहीं जगह चाहिए। जब चुनाव आता है तब सिर्फ सर्वे ही होता है और हल नहीं होता है। पहले 2009, फिर 2014 और अब 2019 में याद आई है। इसके साथ ही जमीन की कीमत भी चार से पांच दिन में तय होनी चाहिए क्योंकि जल्द ही आचार संहिता लग जाएगी और यह मामला फिर से अटक जाएगा। इस मौके पर मकैनिक वर्ग के दो सौ लोग मौजूद रहे। इस मौके पर जोगेंद्र धनखड़, सुनील सुरजा, लोकेश मोंगिया, प्रवदी आंतिल, जीते सागर आदि मौजूद रहे।
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फोटो: 13केएम02 हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के कार्यालय पर मौजूद झज्जर रोड के व्यापारी

झज्जर रोड के व्यापारियों की दो टूक, कांग्रेस और अधिकारियों ने की देरी, व्यापारी नहीं भुगतेगा
- हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के स्टेट अफसर के साथ ही व्यापारियों ने की बैठक, सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
कांग्रेस सरकार के शासन में रोहतक-दिल्ली रेलवे लाइन पर एक ओवरब्रिज बनाया गया। जिसकी वजह से काठमंडी दो भाग में बंट गई। ओवरब्रिज बनाने के लिए झज्जर रोड के व्यापारियों को आश्वासन दिया गया था कि उन्हें कहीं और जमीन दी जाएगी, जिससे उनका व्यापार प्रभावित नहीं हो। अब जब व्यापारियों को सेक्टर-21 में जमीन दी जा रही है तो उसकी कीमत है 29 हजार रुपये प्रति वर्ग गज, जबकि जमीन की कीमत सिर्फ नौ हजार ही और ब्याज जुड़कर कीमत इतनी ज्यादा हो गई। इस पर बुधवार को व्यापारियों की एचएसवीपी की स्टेट स्टेट अफसर के साथ मीटिंग, जहां दो टूक कहा गया कि जमीन देने में देरी कांग्र्रेस सरकार ने की, अधिकारियों ने दी तो ब्याज व्यापारी नहीं देगा। वह सिर्फ जमीन की कीमत ही देगा।
झज्जर रोड घनीपुरा मार्बल टाइल्स ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान राजू भूटानी ने बताया कि 13 साल से उनकी जमीन की डिमांड लटकी पड़ी है। यह देरी कांग्र्रेस ने की और अधिकारियों ने की, ऐसे में हम हर्जाना क्यों भरें। हमारी बस इतनी मांग है कि व्यापारियों के साथ इंसाफ हो, उनको लाभ मिले न कि उनपर बोझ डाला जाए। ऐसा होगा तो व्यापारी रोष में आएगा और उसे सड़क उतरना पड़ेगा। इसके साथ ही स्टेट अफसर को ओवरब्रिज बनने से पीड़ित 90 और इससे प्रभावित 60 दुकानदारों की सूची भी सौंपी गई है।
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