काली घटाओं ने शाम को बदला रात में
50 मिनट में 50 एमएस बरसात
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। लंबे समय से तपन झेल रहे शहरवासियों को शनिवार शाम उस समय राहत मिली जब काली घटाओं ने शाम को एकाएक रात में बदल दिया। इसके बाद तेज हवाओं के चलते ही मौसम ठंडा हो गया और 50 मिनट के अंदर 50 एमएम झमाझम बरसात हुई। 79 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली हवाओं ने कई स्थानों पर पेड़ उखाड़ दिए, तो कई स्थानों पर घरों में पानी घुस गया। वहीं हसन गढ़ गौशाला की टीन की छत तेज हवा में उड़ गई और कई स्थानों पर इसके चलते बिजली गुल रही।
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार शनिवार को 4:20 से 5:10 बजे तक तेज बरसात हुई। इसके चलते तापमान 41.4 से गिरकर 23 डिग्री पर आ गया। तेज बरसात के चलते शहर की सड़के डूब गई और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सीवरेज शाखा की पोल खुल गई। सड़कों के अलावा लोगों के घरों में बरसात पानी खड़ा हो गया। वहीं तेज बरसात के चलते आंबेडकर चौक स्थित निर्माणाधीन एलिवेटिड रोड का निर्माण कार्य भी प्रभावित हो गया। यहां एकाएक बिजली गुल हो गई। इसके चलते राहगीरों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा। तेज हवाओं ने सिविल सर्जन कार्यालय के समीप एक पेड़ की बड़ी टहनी को तोड़ दिया तो पीजीआईएमएस के सभागार के बाहर एक पेड़ उखड़ कर गिर गया और सीआरएस ओपीडी से निदेशक कार्यालय की ओर जाने वाले मार्ग को बाधित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गनीमत रही कि पेड़ गिरते समय बिजली की तारों से नहीं टकराया, अन्यथा हादसा बड़ा हो सकता था। यदि पेड़ आडिटोरियम पर गिरता तो भी नुकसान पहुंचा सकता था।
जल मग्न सड़कें, घरों में पानी ही पानी
50 एमएम बरसात के चलते शहर की सड़कें व गलियां चंद मिनटों में ही जल मग्न हो गई और निचले इलाकों में रह रहे लोगों के घरों में पानी घुस गया। देर सायं तक लोग अपनी दुकानों व घरों से पानी निकालते नजर आए। वहीं कई स्थानों पर खुले मेनहोल भी बरसात के दौरान परेशानी का सबब बने रहे। आसपास के लोगों ने संकेतक के तौर पर इन मेनहोल के पास इंतजाम कर दिया था। तेज बरसात के साथ ही बिजली गुल होने से लोगों की समस्या और बढ़ गई।
वाहन चालकों की आई शामत
सड़क पर दो से चार फुट पानी खड़ा होने के चलते सबसे अधिक शामत दो पहिया वाहन चालकों की आई। वाहन बीच सड़क में खडे़ हो गए और उन्हें खींच कर बाहर निकालना पड़ा। वहीं कई स्थानों पर लोग कारों को धक्का मारते नजर आए। बरसात के चलते बंद हुए वाहनों को चालू करने के लिए मोटर मेकेनिकों के यहां कतार लगी रही। वाहन चालकों ने बताया कि बरसात में वाहन खराब होने के चलते कई स्थानों पर मेकेनिकों ने मनमानी कीमत भी वसूली।
बोले स्थानीय लोग
2041 से 2060 तक हुडा कार्यालय के पीछे सड़क टूटी हुई है। यहां एक से दो फुट बरसाती पानी खड़ा है। शिकायत के बाद भी यहां समस्या का हल नहीं हो रहा है। आमजन का गली में निकलना भी दूभर हो गया है। इस संबंध में सीएम विंडो, नगर निगम और हुडा कार्यालय में कई बार शिकायत लगाई जा चुकी है।
- नरेश दहिया, प्रधान सेक्टर तीन आरडब्ल्यूए
सेक्टर की सड़कों पर दो से तीन फुट पानी खड़ा है। नगर निगम की ओर से इस पानी को निकालने के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। सेक्टर 14 में यह समस्या एक साल से बनी हुई है। बरसाती पानी को निकालने के लिए यहां कोई इंतजाम नहीं है। इस संबंध में सरकार ने भी सेक्टर निवासियों की मांग को मान लिया गया था, लेकिन सीवर सिस्टम ठप होने के चलते पानी सड़क व गलियों में खड़ा है। हुडा अधिकारियों से भी उन्हें कोई उम्मीद नहीं है, क्योंकि इस संबंध में फाइल अटकी है और कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है।
- एमएल अरोड़ा, जरनल सेक्रेटरी, आरडब्ल्यूए सेक्टर 14
मॉडल टाउन में चौधरी लेन को ऊंचा कर दिया गया, जबकि 125 एल रविंद्र हुड्डा, सिलवर बेल स्कूल व संजय खत्री के मकान के आगे सड़क को ऊंचा नहीं किया गया। अब स्थिति यह है कि इन तीन आवास स्थलों के बाहर सड़क पर झील बन गई है। इससे स्कूल व घर में पानी घुस रहा है।
- रविंद्र हुड्डा
सरकार ने अप्पू घर के तालाब को कवर कराने के लिए कार्य शुरू किया, लेकिन लेटलतीफी के चलते सारा पानी तालाब में भर गया। इसके चलते आने वाले समय में कार्य फिर लटक जाएगा। इससे स्थानीय लोगों को काफी समस्या होगी। इससे एक बार फिर बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाएगा।
- महाबीर, छोटूराम चौक
बरसात होते ही सड़क पर पानी खड़ा हो गया और इसके चलते घर से निकलना मुश्किल हो गया। सीवर जाम की समस्या करके सभी परेशान हो चुके हैं, अब बरसात में सीवरेज के ब्लाक होने के चलते समस्या खड़ी हो गई है। सड़क पर दो पहिया वाहन बंद हो गए, बरसात ने पूरे जीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है।
- लवकुश, प्रेमनगर
जन स्वास्थ्य विभाग का पक्ष
जन स्वास्थ्य विभाग के बरसाती पानी निकालने के सभी पंप कार्य कर रहे हैं। पूरी टीम को ग्राउंड पर भेजा गया है कि किसी को कोई समस्या न हो। एक साथ तेज बरसात हुई है, इसलिए शहर के पानी को चार से पांच घंटे में निकाल दिया जाएगा। पूरी टीम मेरे संपर्क में है, यदि कहीं से कोई समस्या आती है तो तत्काल समाधान कर दिया जाएगा। विभाग के पास कई स्थानों से बरसाती पानी जमा होने की शिकायत आई हैं, वहां पर भी पानी निकासी का इंतजाम कराया जाएगा।
- आईसी जैन, अधीक्षण अभियंता, पब्लिक हेल्थ विभाग
पहली बरसात ने ही जन स्वास्थ्य विभाग की पोल खोल दी है। डिस्पोजल पंप हाउस के जनरेटर की बैटरी चार्ज न होने के कारण ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में पानी भर गया। शिवाजी कॉलोनी चौक से भगवती चौक की सड़क पर चार-चार फूट पानी खड़ा है। तकरीबन दस दिन पूर्व जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में शिकायत दी थी, लेकिन उन्होंने इसे अनसुना कर दिया। जब इस संबंध में अधीक्षण अभियंता से बात की उन्होंने कहा कि वह ठेकेदार से बात करके बैटरी चार्ज करवाते हैं। यदि विभाग हाउसिंग बोर्ड के डिस्पोजल पंप के जनरेटर की चार्जिंग बैटरी ठीक नहीं करवाते वह उनका घेराव करेंगे।
- डॉ. दर्शन सचदेवा, अध्यक्ष, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी कल्याण समिति
खुद को बचा नहीं सके, शहर को क्या बचाएंगे
पब्लिक हेल्थ विभाग की सीवर शाखा की लापरवाही शनिवार हुई बरसात ने पल भर में खोल दी। बरसाती पानी की निकाली की अव्यवस्थाओं के चलते पानी अधीक्षण अभियंता के कार्यालय में ही घुस गया। इसके चलते अधिकारियों के पसीने छूट गए कि वह पहले अपने विभाग के कागज बचाएं या शहर को डूबने से। देर रात तक अधिकारी कार्यालय से पानी निकालने की जद्दोजहद में लगे रहे।