पब्लिक पर बोझ पड़ने से पार्षदों की उड़ी नींद, रविवार को बुलाई आपात मीटिंग
: सोमवार को निगम आयुक्त से मिलकर फैसला वापस लेने की तैयारी
: आम पब्लिक की आ रही शिकायत, हाउस दोबारा करे फैसले पर विचार : अनिल कुमार
रोहतक (ब्यूरो)। नगर निगम द्वारा घर-घर से कूड़ा कलेक्शन के नाम पर एक अप्रैल से यूजर चार्जर वसूली के मामले में पार्षदों की नींद उड़ा दी है। चुनावी माहौल में लोग पार्षदों से सवाल कर रहे हैं, क्या आखिरी बजट में यही तोहफा देना था। हकीकत समझ पार्षदों ने हाउस के फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए रविवार को आपात मीटिंग बुलाई है, ताकि सोमवार को निगम आयुक्त से मंत्रणा कर फैसले को वापस लिया जा सके।
निगम पार्षद अनिल कुमार ने बताया कि दो दिन से लगातार लोग शिकायत कर रहे हैं। सवाल कर रहे हैं कि पब्लिक से यूजर चार्जर के नाम से वसूली नहीं होनी चाहिए, क्योंकि निगम पहले से ही प्रापर्टी टैक्स, विकास शुल्क, रजिस्ट्री के समय शुल्क व बिजली बिल में शुल्क ले रहा है। ऐसे कूड़ा कलेक्शन के नाम पर नया टैक्स का क्या औचित्य है। इसके चलते रविवार को निगम पार्षदों की मीटिंग होगी। इसमें हाउस के फैसले पर पुनर्विचार करने पर मंथन होगा। बता दें कि निगम की तरफ से एक साल पहले लोगों के घरों से कचरा उठाने की योजना शुरू की दी, लेकिन कोई शुल्क नहीं लगाया था। 20 मार्च को हुई हाउस की बजट मीटिंग में निगम प्रशासन ने प्रस्ताव रखा कि घरों से कूड़ा कलेक्शन के नाम पर 5 रुपये से 100 व संस्थानों से 4 हजार रुपये तक यूजर चार्जर वसूल किया जाए। पार्षदों ने भी प्रस्ताव पास कर दिया, लेकिन पब्लिक की लगातार आ रही शिकायतों के चलते फैसले पर पुनर्विचार करने की तैयारी शुरू हो गई है।