पांच माह में कई राज्यों के अपनाें से बिछडे़ 50 को मिलवाया, होंगे सम्मानित
मां दानो देवी धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट जल्द एएसआई को करेगी सम्मानित
अधिकतर परिजनों की डांट से क्षुब्ध होकर पहुंचे थे रोहतक
ट्रेन की चपेट में आने से घायल होने वाले गोवंश या फिर अन्य पशुओं को उपचार देने में भी रहते हैं आगे
महबूब अली
रोहतक।
जीआरपी में तैनात एएसआई ने पांच माह में गुजरात, दिल्ली व हरियाणा के 50 बिछड़े बच्चों को अपनों से मिलवाने में अहम भूमिका निभाई है। साथ ही ट्रेन की चपेट में आकर घायल हुए पशुओं को उपचार देने में भी सहयोग किया है। अब जल्द ही विभागीय अधिकारी एएसआई को सम्मानित करेंगे। समाजसेवी संगठन ने भी एएसआई को सम्मानित करने की बात कहीं है।
रोहतक के भराण गांव निवासी बलवान सिंह वर्ष 1989 में पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। पिछले पांच माह से रोहतक के जीआरपी थाने पर एएसआई के रूप में तैनात हैं। बताया कि पिछले पांच माह में एएसआई बलवान ने गुजारात, दिल्ली, हरियाणा के सोनीपत, झज्जर व रोहतक से गायब हुए बच्चों व किशोरों को अपनों से मिलवाने में अहम भूमिका निभाई है। पांच माह में पचास बिछडों को अपनों से मिलवाने में अहम भूमिका निभाई है। इसके अलावा ट्रेनों की चपेट में आने से घायल हुए गोवंश व अन्य पशुओं को उपचार दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई है। मां दानो देवी धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट के चेयरमैन तसवीर सिंह हुड्डा ने जल्द एएसआई को सम्मानित करने की बात कहीं है। इसके अलावा जीआरपी एसपी विनोद कुमार का कहना है कि बलवान को अपने स्तर से भी सम्मानित कराया जाएगा। ताकि अन्य पुलिसकर्मी भी सीख लेकर सराहनीय कार्य कर सकें। जीआरपी एसएचओ नरेंद्र सिंह का कहना है कि बलवान से अन्य को भी सीख लेनी चाहिए।
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ऑपरेशन मुस्कान के तहत 25 को मिलवाने मे किया था सहयोग
एसएचओ ने बताया कि दो माह पूर्व ही ऑपरेशन मुस्कान के तहत एएसआई बलवान सिंह ने विभिन्न स्थानों से लापता 25 को परिजनों से मिलवाने में अहम भूमिका निभाई थी। एएसआई लोगों को पशुओं की सेवा करने के प्रति भी जागरुक करते हैं। एएसआई बलवान ने बताया कि बाल कल्याण समिति के पदाधिकारियों को भी बिछुड़ों को अपनों से मिलवाने में अहम योगदान रहा है। उन्हीं के प्रयास से यह संभव हो सका है।
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इन्हें मिलवाने में किया सहयोग
15 वर्षीय रोहतक निवासी दीपक, मुरादाबाद निवासी 10 वर्षीय सोमेंद्र, दिल्ली निवासी 13 वर्षीय मनीष, गुजरात निवासी मोना, कैथल निवासी काजल, सात वर्षीय रोहतक निवासी पूनम समेत 50 को मिलाने में सहयोग किया।