फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बच्चा चोरी प्रकरण के बाद अज्ञात बच्चे की सुरक्षा पर चिंतित सीडब् ल्यूसी

विज्ञापन
विज्ञापन
12 घंटे के अंतराल पर दो स्वयंसेविका कर रही नवजात की देखभाल
विज्ञापन

- बच्चा चोरी प्रकरण के बाद अज्ञात बच्चे की सुरक्षा पर चिंतित सीडब्ल्यूसी
फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पीजीआईएमएस का बहुचर्चित बच्चा चोरी प्रकरण हरिओम सेवा दल और सीडब्ल्यूसी के लिए वार्ड 14 में उपचाराधीन नवजात बच्चे की सुरक्षा को लेकर चिंता का विषय बना हुआ है। यहां नवजात की देखभाल के लिए 12 घंटे के अंतराल पर दो महिला स्वयंसेविकाओं की ड्यूटी लगाई गई है। दोनों की ओर से बच्चे की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की तैयारी है।
मंगलवार को सुबह सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन डॉ. राज सिंह सांगवान ने टीम सहित नवजात की कुशलक्षेम जानने संस्थान पहुंचे। डॉ. सांगवान ने बताया कि नवजात आर्य नगर में मिला था, वह अब बिल्कुल ठीक है। बच्चे का वजन ढाई किलो हैं और वह सही तरह से दूध पी रहा है। जब उसे बाल रोग विभाग छुट्टी देगा तो उसे जिला बाल संरक्षण अधिकारी बाल गृह में उसे भिजवा देंगे। अधिकारी ने बताया कि उनके संज्ञान में आया है कि बच्चे को देखने और गोद लेने की इच्छा रखने वालों की संख्या अधिक है। लेकिन इसके लिए सभी को प्रशासन के बनाए गए नियमानुसार आवेदन करना होगा। अधिकारी ने बताया कि बच्चे की सुरक्षा के लिए पीजीआईएमएस प्रशासन को कहा जाएगा और तय किया जाएगा कि उसके पास कोई न जाए। नवजात के पास प्रशासनिक व्यक्ति, डॉक्टर व स्टाफ ही जा सकेगा। इन सभी के पास पहचान पत्र होंगे। वार्ड के बाहर बोर्ड भी लगवाया जाएगा कि बच्चा गोद लेने के लिए कहां संपर्क किया जा सकता है।
विज्ञापन


पुलिस तलाशेगी बच्चे का कहां हुआ जन्म
सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन डॉ. राज सिंह सांगवान ने बताया कि पुलिस को कहा गया है कि वह पता लगाए कि नवजात का जन्म अस्पताल में हुआ है या घर पर। इसके लिए पुलिस पिछले दो दिन का रिकार्ड खंगालेगी और मोहल्ले में दाइयों से भी पता करेगी।
विज्ञापन


सड़क पर छोड़ने की बजाए सीधा हमको सौंप दे बच्चा
अधिकारी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सड़क पर लावारिस हालत में नवजात बच्चों को छोड़ने की बजाए सीडब्ल्यूसी को सौंप दिया जाए। इसमें बच्चे की मां और उनके परिजनों की गोपनीयता बरकरार रहेगी। क्योंकि सड़क पर बच्चे को छोड़ने से उसकी जान को खतरा बन जाता है। आर्य नगर में जिस तरह बच्चे को छोड़ा गया था, यदि उसे समय पर नहीं उठाया जाता तो समस्या हो जाती। क्योंकि तेज बरसात में यदि नवजात रहता तो उसकी जान खतरे में आ जाती। इस केस में बच्चे की समय पर जानकारी देने वाले को सम्मानित भी किया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें