खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का अधिकारी है नकली डीजल बेचने वाले गिरोह का सरगना
चरखी दादरी।
दिल्ली रोड स्थित शहीद राजेंद्र फिलिंग स्टेशन पर चल रहे मिलावटी डीजल बेचने के गोरख धंधे का सरगना सोनीपत निवासी खाद्य आपूर्ति विभाग का एक इंस्पेक्टर है खरखौदा निवासी देवेंद्र दहिया है और फिलहाल रोहतक में वह कार्यरत है। देवेंद्र ही नकली डीजल तैयार कर पेट्रोल पंप संचालक को मुहैया कराता था। यह खुलासा एमसी कॉलोनी निवासी पेट्रोल पंप संचालक धर्मेंद्र के बेटे अतुल और सेल्समैन कुलदीप ने प्रशासनिक टीम के सामने किया है। इन दोनों के खुलासे को खाद्य आपूर्ति विभाग ने पुलिस को दी शिकायत में शामिल कर लिया है। पुलिस ने इस संबंध में देवेंद्र दहिया, धर्मेंद्र, अतुल, कुलदीप व टैंकर चालक सोनू के खिलाफ ईसी (एस्सेंशियल कॉमोडिटी) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मामले की जांच दादरी सदर थाना पुलिस के साथ-साथ सीआईए टीम भी कर रही है। खाद्य आपूर्ति विभाग डीएफएससी अनिल कालरा ने बताया कि देवेंद्र दहिया के खिलाफ दर्ज कराई एफआईआर और अपनी रिपोर्ट आगामी कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को वो भेज चुके हैं।
गौरतलब है कि शनिवार रात ढाई बजे राजेंद्र सिंह फिलिंग स्टेशन पर सीएम फ्लाइंग ने दबिश देकर नकली डीजल बेचने के कारोबार का भंड़ाफोड़ किया था। टीम ने नकली डीजल का टैंकर डीजल टैंक में खाली करते रंगे हाथों पकड़ा था। इस दौरान टैंकर चालक सोनू मौके से भाग निकला था जबकि दो युवकों को प्रशासनिक टीमों ने काबू भी किया था। दोनों युवकों की पहचान पेट्रोल पंप संचालक धर्मेंद्र के बेटे अतुल व सेल्समैन कुलदीप के रूप में हुई। पुलिस को दी शिकायत में डीएफएससी अनिल कुमार ने बताया कि पूछताछ करने पर अतुल व कुलदीप ने नकली डीजल बेचने के अवैध कारोबार का खुलासा किया है। इन दोनों ने टीम की ओर से की गई पूछताछ में बताया कि कैंटर चालक का नाम सोनू है। उन्होंने बताया कि ये पेट्रोल पंप उन्होंने भिवानी निवासी सुशीला भुक्कल से 50 हजार प्रतिमाह की लीज पर ले रखा है। उन्होंने बताया कि उनके पास नकली डीजल की सप्लाई सोनीपत के खरखौदा निवासी व खाद्य आपूर्ति विभाग में कार्यरत देवेंद्र दहिया करता है। वे इस मिलावटी तेल को वो डीजल स्टोरेज टैंकों में तैयार कर महंगे दामों पर बेचते हैं।
कर्मचारी कुलदीप ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि देवेंद्र दहिया, धर्मेंद्र, अतुल, सोनू व कुलदीप सहित अन्य लोग मिलावटी डीजल का कारोबार कर जनता के साथ सरकार को चूना लगा रहे हैं। इसलिए इन पर मोटर स्प्रिट 20 व हाई स्पीड डीजल, रेगुलेशन ऑफ सप्लाई डिस्टीब्यूशन एंड प्रिवेंशन ऑफ माल प्रैक्टिस ऑर्डर 2005 की धारा के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाए।
बाक्स: पुलिस की तीन टीमें करेंगी मामले की जांच
पुलिस प्रवक्ता सुरेंद्र दांगी ने बताया कि पुलिस ने पांच नामजद व अन्य आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच पुलिस की तीन टीमें कर रही हैं। सदर थाना पुलिस की एक टीम एसआई गल्लाराम के नेतृत्व में तो दूसरी थाना प्रभारी रघवीर सिंह के नेतृत्व में गठित की गई है। तीसरी टीम सीआईए प्रभारी हितेंद्र दांगी के नेतृत्व में गठित की गई है।
बाक्स: ये खुलासा रहेगा अहम
सदर थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी देवेंद्र दहिया के खिलाफ पहले भी इस तरह का केस दर्ज है। इसलिए पुलिस के लिए यह मामला और पेचीदा हो गया है। पुलिस सूत्रों की मानें तो आरोपी के नेटवर्क अन्य जिलों में भी बताए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस को यह पता लगाना होगा कि नकली डीजल कहां व कैसे तैयार होता है। इसके अलावा इस बड़े गैर कानूनी खेल में और कौन-कौल संलिप्त हैं।
वर्जन::
पुलिस की तीन टीमें मामले की जांच कर रही हैं। पांच नामजद व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। जल्द से जल्द गिरफ्तारी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सैंपल रिपोर्ट आने का भी पुलिस को इंतजार है।
सुरेंद्र दांगी, पुलिस प्रवक्ता
वर्जन::
हमने विभाग के इंस्पेक्टर देवेंद्र दहिया व अन्य के खिलाफ पुलिस में दर्ज कराई गई एफआईआर की कॉपी व अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। देवेंद्र दहिया के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
अनिल लाकरा, डीएफएससी, खाद्य आपूर्ति विभाग