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झटका लगने से महिला बेसुध ,कटे मिले चोटी के बाल

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झटका लगने से महिला बेसुध ,कटे मिले चोटी के बाल
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चरखी दादरी।
ग्रामीण क्षेत्र के बाद शुक्रवार देर शाम शहर में भी संदग्धि हालातों में महिला की चोटी कटने का मामला प्रकाश में आया है। इससे पहले अलग-अलग गांव में इस तरह के पांच मामले सामने आ चुके हैं। गांव धनासरी में तो ग्रामीणों ने चोटी काटने की आशंका पर एक साधु की धुनाई भी कर दी थी। यह मामला थाने पहुंचा था और दो गांवों की पंचायतें साधु के पक्ष में आ खड़ी हुई थी। शुक्रवार देर शाम शहर के वार्ड नंबर 15 में भी एक महिला के साथ ऐसी घटना घटित हुई। पीड़ित परिवार ने इस संबंध में पुलिस को शिकयत नहीं दी है। वहीं, पुलिस प्रशासन के साथ मनोविज्ञान विशेषज्ञ भी इस तरह की घटनाओं को लोगों का मानसिक भ्रम बता रहे हैं।
शहर के वार्ड नंबर 15 निवासी महिला कृष्णा देवी ने बताया कि वह शुक्रवार देर शाम को घर पर खाना खा रही थी। उसने बताया कि वह किसी काम से घर के आंगन में गई थी। इस दौरान उसे एक जोर का झटका लगा और एकाएक वह बेसुध हो गई। महिला ने बताया कि इसके बाद उसके पति सुरेश ने उसे संभाला और उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया। अस्पताल में कुछ देर बाद पीड़िता को होश आ गया और इसके बाद परिजन उसे एक मंदिर में झाड़ा लगवाने ले गए। पीड़िता के पति सुरेश कौशिक ने बताया कि उसकी पत्नी के आंगन में जाने के बाद एक नेवला भी घर में नजर आया था। सुरेश ने बताया कि जब उसे भगाने का प्रयास किया तो वह अंदर कमरे में घुस गया। सुरेश ने बताया कि अपनी पत्नी कृष्णा की चीख सुनकर जब वह आंगन में पहुंचा तो वहां जमीन पर बाल कटे मिले। सुरेश कौशिक ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने पड़ोसियों के साथ मिलकर पूरे घर की छानबीन की लेकिन नेवला कही नजर नहीं आया। इसी तरह क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह के दौरान 5 अन्य महिलाओं की भी चोटी कट चुकी है।
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बाक्स:इन गांवों में सामने आ चुके हैं इस तरह के मामले
गत 22 जुलाई को गांव दूधवा निवासी एक महिला ने भी ऐसी घटना होने की बात कही थी। परिजनों ने उसे उपचार के लिए शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। गत 24 जुलाई को गांव धनासरी में भी खेत में गई महिला ने ऐसा ही वाक्या होने की बात कही थी। इस संबंध में ग्रामीणों के साधु की पिटाई के बाद मामला थाने पहुंचा था। पुलिस जांच में यह मामला फर्जी पाया गया था। गत 25 जुलाई को गांव फतेहगढ़ निवासी महिला ने भी अज्ञात द्वारा चोटी के बाल काटने की बात कही थी। गांव बिरोहड़ निवासी एक महिला ने भी गत 27 जुलाई को काम के दौरान अचानक चोटी के बाल कटकर जमीन पर गिरने की बात कही थी। यह महिला भी इस दौरान बेसुध हो गई थी और उपचार के लिए उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गत 27 जुलाई को गांव खातीवास में लघुशंका के लिए गई महिला को भी झटका महसूस हुआ था और इसके बाद उसके चोटी के बाल कटकर नीचे गिर गए।
वर्जन:
इस तरह की भ्रांतियां नकारात्मक विचारों के कारण महसूस होती है। हकीकत में ऐसा कुछ नहीं होता। इसलिए महिलाओं को चाहिए कि मन में सकारात्मक विचार रखें। असामाजिक तत्वों द्वारा लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। ये केवल बनावटी बातें हैं और इनसे समाज पर गलत असर पड़ेगा।
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डॉ. अनुपमा धमीजा, मनोविज्ञान विशेषज्ञ
वर्जन:
कई गांवों में उड़ी अफवाहों के बाद हमने मामले की जांच की थी। ये मामले फर्जी पाए गए थे। इस तरह की भ्रामक सूचनाओं पर जिलेवासियों को ध्यान नहीं देना चाहिए। पुलिस ने हर पहलु से इस मामले की जांच की है।
सुनील दलाल, एसपी
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