जीएसटी : राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल हुए शहर के कपड़ा व्यवसायी
नारनौल। जीएसटी के विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल का नारनौल शहर में व्यापक असर दिखा। दोपहर दो बजे तक शहर की अधिकांश दुकानें बंद रही। वहीं दो बजे बाद भी एकआध दुकानें ही खुली। शहर का मुख्य बाजार पूर्ण रूप से बंद रहा। वहीं महावीर चौक के आसपास, पार्क गली व मुख्य बाजारों में कुछ दुकान खुली रही। कपड़ा व्यापारियों के लगातार लगातार चौथे दिन हड़ताल से करीब 15 करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित हुआ।
जीएसटी के विरोध में नारनौल शहर के व्यापारियों ने शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का समर्थन दिया। सुबह दस बजे के आसपास कुछ व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों को खोलना चाहा तो व्यापार मंडल के जिला प्रधान बजरंगलाल अग्रवाल ने प्रतिष्ठान बंद करा दिया। इसके बाद बाजार में दुकानें नहीं खुली।
ग्राहकों को हुई परेशानी
कपड़ा बाजार बंद के कारण शहर के खरीददारी करने आये विभिन्न गांवों के लोगों को परेशानी हुई। गांव बलाहा कलां की सुनीता, कोमल यादव, रोशनी आदि ने बताया कि वे सामान लेने के लिए शहर आई थी, मगर यहां आकर पता चला कि बंद है। इससे उनको काफी परेशानी हुई। अब उनको दुबारा किराया लगाकर कल आना पड़ेगा।
कपड़ा व्यापारी चौथे दिन रहे हड़ताल में शामिल
तीन दिनों से हड़ताल कर बैठे कपड़ा व्यापारी चौथे दिन भी हड़ताल में शामिल रहे। कपड़ा होलसेल व रिटेल यूनियन के पदाधिकारियों ने वीरवार को ही हड़ताल में शामिल होने का आह्वान कर दिया था। जिसके बाद शुक्रवार को भी कपड़ा व्यापारियों ने हड़ताल रखी।
सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ने दिया समर्थन
सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर आफ इंडिया कम्यूनिस्ट के किसान नेता बलबीर सिंह ने जीएसटी के खिलाफ व्यापारियों के चलाये जा रहे आंदोलन को समर्थन दिया है। उन्होंने बताया कि जीएसटी लागू करके सरकार छोटे व मंझले दुकानदारों व व्यापारियों को खत्म कर देगी। उन्होंने कहा कि जीएसटी यदि इतना ही जरूरी है तो पेट्रोलियम पदार्थाें पर क्यों नहीं लगाया जा रहा। उन्होंने कहा कि यदि जीएसटी लगे तो पेट्रोल व डीजल सस्ते हो जाएं। इससे आम जनता को फायदा होगा, मगर सरकार आम जनता को फायदा नहीं देना चाह रही है।
जीएसटी लगाकर सरकार व्यापारियों के साथ अन्याय कर रही है। इसके विरोध में शहर के सभी व्यापारियों ने बंद रखा। शहर के सभी व्यापारी जीएसटी का विरोध कर रहे हैं। -ओमप्रकाश पुलयानी, व्यापारी
जीएसटी के लागू होने से व्यापारियों के साथ-साथ आम लोगों को भी नुकसान है। सरकार को सोच समझकर जीएसटी लागू करना चाहिए था। -सुंदरलाल जैन, व्यापारी
व्यापारियों का विरोध जायज है। जीएसटी लगने के बाद व्यापारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। - नागरमल, व्यापारी
सरकार को जीएसटी सरल तरीके में लागू करना चाहिए था लेकिन सरकार ने इसे सरल बनाने की बजाय बड़ा ही पेचीदा बना दिया है। जिसके कारण व्यापारी ज्यादा परेशान हैं। -जोगेंद्र कुमार, व्यापारी