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जीएसटी के विरोध में कपड़ा व्यापारी हड़ताल पर, दिया धरना

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रेवाड़ी।
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जीएसटी के विरोध में रेवाड़ी के कपड़ा व्यवसायियों ने भी मंगलवार को तीन दिवसीय हड़ताल कर रोष जताया। इस दौरान व्यापारियों ने दुकानें बंद कर रोष जताते हुए धरना भी दिया। यह पहली बार नहीं जब कपड़ा व्यापारी जीएसटी के विरोध में खड़े हुए हो, इससे पहले भी व्यापारी मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देने के साथ एक दिन की हड़ताल कर चुके हैं। व्यापारियों का कहना है कि 29 जून तक दुकानें बंद रखी जाएंगी। बावजूद इसके सरकार के कोई फैसला नहीं लिया तो एसोसिएशन के आह्वान पर अनिश्चितकालीन हड़ताल से भी पीछे नहीं हटेंगे। रिटेल क्लॉथ एसोसिएशन के प्रधान राजेश लखानी ने कहा कि व्यापारी पहले से ही मंदी की मार झेल रहे हैं। अब जीएसटी लागू होने से उनके धंधे ठप पड़ जाएंगे। लखानी ने बताया कि शहर के सभी कपड़ा व्यापारी एकजुट हैं। अपने धंधे को बचाने के लिए जीएसटी का पुरजोर विरोध किया जाएगा। हड़ताल के दौरान कई व्यापारी धरने पर बैठे रहे।

सरकार एक जुलाई से जीएसटी लागू करने जा रही है। लेकिन किसी भी व्यापारी तक पूरी तरह से जीएसटी की जानकारी तक नहीं है। ऐसे में व्यापारी काम-धंधा छोड़ सीए दफ्तर के बाहर खड़े रहेंगे। बताया जा रहा है कि साल में चार बार रिटर्न भरी जाएगी। सरकार की मंशा ठीक को सकती है, लेकिन तरीके गलत हैं। -घनश्याम डाटा, दीपमाला साड़ी शोरूम
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सरकार व्यापारियों को मारने पर उतारू है। पेट्रेाल-डीजल पर जीएसटी लगाया जाता तो इससे उपभोक्ताओं को फायदा होता। लेकिन सरकार केवल व्यापारियों को परेशान करने के लिए यह सिस्टम तैयार कर रही है। फायदे कुछ हो सकते हैं लेकिन नुकसान बहुत ज्यादा हैं। - राजेश कौशिक, डिलाइट सर्विसिज

सरकार जीएसटी के माध्यम से अपनी तिजोरी भरने के प्रयास में है। लेकिन जीएसटी को लागू कराने के लिए सरकार के पास पर्याप्त तंत्र मौजूद नहीं था। सरकार को जीएसटी लागू करने से पहले ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करना चाहिए था जिसका छोटे-बड़े सभी व्यापारी उपयोग कर सके। -कृष्ण यादव, इंटीरियर डेकोरेटर

देशभर में समान कर की व्यवस्था लागू करना ठीक हो सकता है। लेकिन जिस तरह से सरकार बिना तैयारी के इसको लेकर आ रही है। इसका सबसे बड़ा खामियाजा छोटे-बड़े सभी को झेलना पड़ेगा। इंस्पेक्टरी राज बढ़ने से व्यापारियों में डर बढ़ेगा। इससे काम करना और मुश्किल हो जाएगा। -सुषमा यादव, आर्किटेक्ट

जीएसटी से पहले कुछ सर्विस टैक्स कम थे। जिसका सीधा फायदा उपभोक्ता को मिलता था। वह उसी सर्विस के लिए पैसे ज्यादा देने से प्रभाव पड़ना निश्चित है। पहले छोटा व्यापारी अपना काम आसानी से कर लेता था। अब उसे भी सीए के बाहर चक्कर काटने पड़ेंगे। -सतीश यादव, कांट्रेक्टर

सर्विस इंडस्ट्री तेजी से बढ़ी है। लेकिन सरकार जिस तरह से जीएसटी लेकर आ रही है। इससे धंधे पर प्रतिकूल असर पड़ना निश्चित है। व्यापारी एक सुरक्षा एवं आसन तरीके से धंधा करना चाहता है। लेकिन अब उसकी सारी ऊर्जा खाते तैयार करने में ही चली जाएगी। -चाणक्य यादव, मोबाइल विक्रेता

कपड़ा व्यापार में जुड़े से छोटे से लेकर बड़े व्यापारियों में जीएसटी लागू करने के तरीके से सरकार के खिलाफ रोष है। व्यापारियों ने ज्ञापन सहित सांकेतिक बंद के माध्यम से अपना विरोध जताया। लेकिन एक बात भी नहीं सुनी गई। यदि सरकार नहीं मानी तो कपड़ा व्यापारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं। -राजेश लखानी, प्रधान, कपड़ा व्यापार संघ
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जब तक जीएसटी लागू नहीं हो जाता कुछ भी कहना मुश्किल है। अभी किसी को जीएसटी के बारे में कुछ ज्यादा जानकारी नहीं है। हम यही आशा करते हैं कि सरकार व्यापारियों के हित में जीएसटी का सरल से सरल रूप लेकर आएगी। -दिनेश कपूर, पूर्व प्रधान, मोती चौक व्यापार मंडल
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