अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। नगर निगम की अनुमति के बिना एक दर्जन शिक्षण संस्थाओं को शहर में सार्वजनिक जगह पोस्टर लगाना महंगा पड़ गया। निगम आयुक्त की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने संस्था के खिलाफ प्रॉपर्टी एक्ट के तहत 12 संस्थाओं पर केस दर्ज किया गया है।
निगम आयुक्त की ओर से आदेश जारी किया गया था कि सार्वजनिक जगहों पर पोस्टर लगाने से पहले निगम की अनुमति जरूरी है। इसके लिए निर्धारित फीस जमा करवानी पड़ती है। एक बार शिक्षण संस्थाओं को नोटिस भेजकर न केवल चेतावनी दी गई, बल्कि पोस्टर हटवा भी दिए गए। इसके बावजूद दोबारा फिर से पोस्टर लगा दिए गए। इस तरह प्रॉपर्टी एक्ट का संस्थाओं ने उल्लंघन किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
इन संस्थाओं के खिलाफ दर्ज किए केस
कोटा एकेडमी, प्रेमनगर जेल रोड
स्कॉलर हब, डीएलएफ कॉलोनी
पायनियर एकेडमी, मॉडल टाउन
गुलशन कन्फेक्शनरी आर्यनगर
मिस्टर संजय शाह हुड्डा कॉम्प्लेक्स
ग्लोरिस हेयर ब्यूटी शूट, सुभाषनगर
कोचिंग फोर मैथ, कमल कॉलोनी
आईएमएस कोचिंग सेंटर, गायत्री कॉम्प्लेक्स मॉडल टाउन
लांचिंग सून स्टूडियो, मानसरोवर पार्क
मिनाक्षी स्टूडियो अशोका चौक, सरकुलर रोड
करियर अर्चीवर, मुंझाल कॉम्प्लेक्स
ध्येय कोचिंग सेंटर, जेके टावर माडल टाउन
वर्जन
प्रॉपर्टी एक्ट का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं : आयुक्त
नोटिस देने के बावजूद संबंधित संस्थाओं ने पोस्टर लगाने के लिए अनुमति नहीं ली। हरियाणा संपत्ति अधिनियम 1989 (संशोधित अधिनियम 1990) का सरेआम उल्लंघन है। मामले में पुलिस को कानूनी कार्रवाई के लिए लिखा गया है।
प्रदीप कुमार, निगम आयुक्त एवं एडीसी