औद्योेगिक क्षेत्र पर भारी पड़ रही बिजली, सड़क और असुरक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
बिजली, सड़क और सुरक्षा की बदहाल व्यवस्था धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र की भारी पड़ रही है। हुडा और एचएसएसआईडीसी के बीच फंसे औद्योगिक क्षेत्र का मामला विधानसभा में भी उठ चुका है लेकिन इसके बाद भी हालात में सुधार नहीं हुए हैं। एक तरफ यहां काम करने वाले श्रमिक अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं वहीं खराब सड़कों केे कारण ट्रांसपोर्टर भी यहां वाहन लाने में आनाकानी करने लगे हैं। जनस्वास्थ्य मंत्री भी मानते हैं कि यहां की व्यवस्था खराब है। बदतर हो रही हालातों के कारण उद्योगपति 20 जून को प्रशासनिक सचिव (उद्योग) से मिलने की तैयारी में हैं।
औद्योगिक क्षेत्र धारूहेड़ा में करीब 100 कंपनियां संचालित हैं। प्रदेश सरकार को राजस्व देने के मामले में भी धारूहेड़ा काफी आगे है। हालात यह है कि आज यहां सड़कों की जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। बारिश के बाद सड़कें पानी से लबालब हो जाती हैं। इससे वाहन चालकों और पैदल चलने वाले लोगों को परेशानी होती है। कई बार वाहन इन गड्ढों में फंस जाते हैं। ऐसे में ट्रांसपोर्टर्स भी औद्योगिक क्षेत्र में सामान लाने से इनकार करने लगे हैं। पानी निकासी की भी कोई समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के दिनों में तो कई कंपनियों में पानी घुस जाता है। इस कारण कई बार फैक्ट्रियों से श्रमिकों की छुट्टी तक करनी पड़ती है।
उठ चुका है विधानसभा में मसला
धारूहेड़ा की खस्ताहाल का जिक्र रेवाड़ी विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास भी विधानसभा में उठा चुके हैं। औद्योगिक क्षेत्र का हुडा और एचएसएसआईडीसी के बीच फंसना भी मुख्य कारण है। इन सबके बीच औद्योगिक क्षेत्र का विकास ही नहीं हो पाता। इसका खामियाजा औद्योगिक इकाइयों और आसपास के लोगों को उठाना पड़ रहा है। यह हालत तब है जब यह औद्योगिक क्षेत्र गुरुग्राम और फरीदाबाद के बाद सरकार को सर्वाधिक राजस्व देने की सूची में शामिल है।
रात को लगता है डर
औद्योगिक क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या स्ट्रीट लाइटों का खराब होना है। यहां अधिकतर स्ट्रीट लाइटें खराब रहती हैैं। इसके चलते देर शाम या रात को कंपनियों से आने वाले कर्मचारियों से छीना झपटी और मारपीट की घटनाएं होती रहती हैं। कई बार तो श्रमिकों को पुलिस तक शिकायतें भी नहीं देते हैं। इससे इनमें भय रहता है। धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में एमटेक, दूध सागर, जीकेटेन, सोना स्टेयरिंग, हुंडई का मोनिस, एयर लिक्विड, पैरामाउंट कम्यूनिकेशन जैसी बड़ी कई बड़ी इकाइयां भी यहां संचालित हो रही हैं।
बड़ी है समस्या
धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी समस्या है। अभी यह हुडा के अधीन है। हम कई बार इसे अपने यहां लेने की बात कर चुके हैं, लेकिन यह संभव ही नहीं हो सका है। समस्याओं का समाधान हो तो औद्योगिक क्षेत्र के दिन फिर सकते हैं। - एसएस लांबा, इस्टेट ऑफिसर, एचएसएसआईडीसी
हम धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र की समस्या को लेकर 20 जून को प्रशासनिक सचिव (उद्योग) से मिलेंगे। यहां काम करना ही मुश्किल हो गया है। अब तो ट्रांसपोर्टर भी यहां गाड़ियां लाने से मना करने लगे हैं। - बीपी भारद्वाज, डीजेएम कॉमर्शियल, पैरामाउंट केबल
यह सही है कि धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र की हालत खराब है। इस संबंध में कई बार विधानसभा में भी मुद्दा उठाया जा चुका है। सरकार अपने स्तर पर काम कर रही है। शीघ्र ही समस्या का समाधान हो जाएगा। - डॉ. बनवारीलाल, जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री