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Rohtak News: महज आठ साल चला 70 करोड़ का भवन

Tue, 20 Jun 2023 01:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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नंदिनी शर्मा
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रोहतक। 70 करोड़ रुपये से बना राजकीय मॉडल औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) का भवन महज आठ वर्ष में ही खंडहर में तब्दील हो गया है। विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य प्रदान करने के लिए यहां आधुनिक संसाधन दिए गए, लेकिन वर्तमान में विद्यार्थियों को अन्य विभागों के भवनों में शरण लेनी पड़ रही है। यहां 34 ट्रेड व 77 यूनिट संचालित होती थी, जोकि अब घटकर 25 ट्रेड व 32 यूनिट पर सिमट गई है। ऐसे में भवन के साथ सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।
भवन की दीवार, लेंटर, पिलर सभी जर्जर हो चुके हैं। इसके गिरने का खतरा बना हुआ है। भय के चलते यहां कक्षाएं नहीं लगाई जा रही हैं। वर्ष 2012 में सरकार ने इसका उद्घाटन किया था। शुरूआत के कुछ महीने बाद भवन की दीवारों में दरारें आ गईं, पिल्लर टूटने लगने थे और भवन के लेंटर का काफी झड़ने लगा था। भवन की जर्जर हालत देखते हुए आईआईटी रुड़की से गठित टीम ने भवन का निरीक्षण कर इसे मरम्मत योग्य घोषित कर दिया। उपायुक्त की ओर से गठित जांच टीम ने जब निरीक्षण किया तो वर्ष 2021 में इसको कंडम घोषित कर दिया गया। यहां के विद्यार्थियों को विभिन्न आईटीआई संस्थानों में स्थानांतरित कर दिया गया। निदेशालय की ओर से कई बार सरकार के ध्यानर्थ इसकी शिकायत भेजी गई और मांग की गई कि इसे मरम्मत कराया जाए। इसके लिए आश्वासन दिया गया कि आठ करोड़ का बजट दिया जाएगा। लेकिन यह बात सिरे नहीं चढी। गत तीन वर्षों से सरकार की ओर से इस मामले पर कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है और यह भवन फाइलों के बीच दबा है।
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गेट पर तीन साल से लगा ताला
आईटीआई के गेट पर पिछले तीन वर्ष से ताला लगा है। भवन की कमी के कारण संस्थान में 2500 विद्यार्थियों को जिले के विभिन्न आईटीआई भवनों में स्थानांतरित कर दिया गया। इसमें कुछ विद्यार्थी सैनिक परिवार भवन में शरण लेने को मजबूर हैं। यहां वर्तमान समय में दो आईटीआई स्थापित की गई हैं, इसमें कुल 510 विद्यार्थी विभिन्न ट्रेड में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

मशीनों की जगह नहीं होने से बंद हुई ट्रेड

छोटे भवनों में जगह की कमी के कारण मशीनें नहीं लगाई गईं, इसके कारण मैकेनिक की कई ट्रेडों को बंद कर दिया गया। इसमें ज्यादातर वह ट्रेड शामिल हैं जिनमें बड़ी मशीनों का उपयोग किया जाता है। प्रोद्यौगिकी क्षेत्र में तकनीकी विकास के लिए सोल टेस्ट टेक्नीशियन वॉच एंड क्लॉक ट्रेड जैसी कई आधुनिक ट्रेड को बंद कर दिया गया। संस्थान की ओर से निदेशालय को पत्र लिखकर इस वर्ष पहले बंद हुई 13 ट्रेड को दोबारा शुरू करने की मांग की गई है।




निजी कंपनियों में प्रशिक्षण लेने को मजबूर विद्यार्थी

यहां मशीनें स्थापित न होने से विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के लिए निजी कंपनियों का रुख करना पड़ रहा है। जबकि पहले यह स्वयं के संस्थान में होता था। इसकी वजह से विद्यार्थियों को एक जगह से दूसरी जगह जाने में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में संस्थान में विद्यार्थियों को केवल लिखित पढ़ाई करवाई जाती है।
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संस्थान का भवन निरीक्षण के दौरान कंडम घोषित कर दिया गया था। इसके बाद वहां शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों को विभिन्न आईटीआई संस्थानों में स्थानांतरित कर दिया गया है। निदेशालय की ओर से सरकार को भवन की मरम्मत के लिए पत्र भेजा गया है। आईटीआई भवन की मरम्मत के लिए आठ करोड़ का बजट लागू किया जाना है। उम्मीद है कि बजट आने के बाद भवन की मरम्मत शुरू हो जाएगी।

- वीरेंद्र दांगी, कार्यालय अधीक्षक, आईटीआई
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