रेवाड़ी : नगर परिषद अध्यक्ष पद के शहरवासियों की पहली पसंद अनुभवी नेता हैं। यहां के 66 फीसदी मतदाता चाहते हैं कि शहर की सरकार की कमान किसी अनुभवी चेयरपर्सन के हाथ में हो। लोगों का मानना है कि अनुभवी नेतृत्व ही शहर की मूलभूत समस्याओं को बेहतर तरीके से समझकर उनका समाधान कर सकता है।
अमर उजाला की ओर से 1 से 8 मई तक चलाए गए ऑनलाइन सर्वे में रेवाड़ी शहर के लोगों ने नगर परिषद चुनाव को लेकर अपनी प्राथमिकताएं खुलकर सामने रखी हैं। सर्वे में यह भी सामने आया कि 50 फीसदी से अधिक शहरवासी युवा और ज्यादा पढ़ा-लिखा प्रत्याशी भी पसंद कर रहे हैं। उनका कहना है कि आधुनिक सोच और नई कार्यशैली वाला नेतृत्व शहर के विकास को नई दिशा दे सकता है। वहीं करीब आधे मतदाताओं ने ऐसे नेता को प्राथमिकता दी जो जनता से सीधे जुड़ाव रखता हो और लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनता हो।
सर्वे के नतीजे यह संकेत दे रहे हैं कि इस बार मतदाता विकास, अनुभव और जनता से जुड़ाव को सबसे बड़ा मुद्दा मान रहे हैं।
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83 फीसदी लोगों ने माना- जलनिकासी और लावारिस पशु शहर की सबसे बड़ी समस्या
50 फीसदी लोग सड़कों की सफाई और 33 प्रतिशत स्ट्रीट लाइट की कमी को मानते हैं बड़ी
अमर उजाला के ऑनलाइन सर्वे में शहर की बुनियादी समस्याओं को लेकर लोगों ने खुलकर अपनी राय रखी। 1 से 6 मई तक अमर उजाला ने शहरवासियों से पांच बिंदुओं पर राय मांगी। इसमें 83 प्रतिशत लोगों ने जलनिकासी और लावारिस पशुओं की समस्या को शहर की सबसे बड़ी परेशानी बताया। लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान जलभराव से आमजन को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जबकि सड़कों पर घूमने वाले लावारिस पशु हादसों का कारण बन रहे हैं।
सर्वे में 50 प्रतिशत लोगों ने सड़कों की सफाई व्यवस्था को खराब बताते हुए इसे बड़ी समस्या माना। वहीं 33 प्रतिशत लोगों ने स्ट्रीट लाइटों की कमी पर चिंता जताई। लोगों का कहना है कि कई क्षेत्रों में रात के समय अंधेरा रहने से सुरक्षा संबंधी परेशानी बढ़ रही है।