संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। शीतलकालीन अवकाश के बाद सोमवार को विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। पहले दिन 65 प्रतिशत बच्चे स्कूलों में हाजिर रहे। सर्दी के चलते हरियाणा सरकार ने एक जनवरी से 19 जनवरी तक अवकाश घोषित किया था।
शिक्षा विभाग ने निपुण हरियाणा कार्यक्रम के अंतर्गत बालवाटिका-3 से कक्षा पांचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए विशेष गृहकार्य योजना जारी की थी। 18 दिन के अवकाश के दौरान का गृहकार्य पारंपरिक लिखाई-पढ़ाई से हटकर अनुभव और खेल पर आधारित रहा।
प्रकृति से जुड़ाव को लेकर शीतकालीन अवकाश में विद्यार्थियों को आसपास के पौधों की पत्तियां एकत्रित करना और उनकी छाप कापी में बनाना, पेड़ों के नाम जानना और उनके उपयोगों पर चर्चा करना जैसी गतिविधियां शामिल थी।
व्यावहारिक ज्ञान में सर्दियों के कपड़ों की पहचान करना और उनके उपयोग को समझना, रसोई के बर्तनों पर छोटा वीडियो बनाना, खेल के माध्यम से वस्तुओं की पहचान और गणना करना शामिल रही।
विद्यार्थियों को शीतलकालीन अवकाश के दौरान फिंगर पेंटिंग करना और रंगों के साथ प्रयोग करना, मिट्टी या रेत पर अपना नाम लिखना, अपनी पसंद की बालवाटिका या स्कूल का चित्र बनाने का भी कार्य दिया गया।
विभाग का मानना है कि यह पहल बच्चों को मोबाइल और टीवी से दूर रखकर उन्हें अपने परिवार और परिवेश के करीब लाने का एक अभिनव प्रयास है। अनुभव आधारित यह गृहकार्य बच्चों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास को बढ़ावा देगा।
निपुण हरियाणा कार्यक्रम के तहत यह कदम शिक्षा को जीवन से जोड़ने और सीखने को आनंदमय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।