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रोडवेज बसें नहीं रुकने पर भागकर चढ़ते हैं छात्र, हादसे की आशंका

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रोहतक। रोडवेज की बसें बाहरी और शहर के प्रमुख चौराहों पर नहीं रुकने पर विद्यार्थियों के दौड़कर चढ़ने से शहर में भी करनाल जैसे हादसे की आशंका बनी रहती है। रोडवेज कर्मियों का कहना है कि लंबे रूट की बसें जगह-जगह तो नहीं रुक सकती। छात्रों की भीड़ चढ़ने से सवारियों को काफी परेशानी होती है। वहीं, रोहतक डिपो के जीएम का कहना है कि सोमवार से प्रमुख चौराहा दिल्ली बाईपास, बाबा मस्तनाथ विवि व भिवानी चुंगी पर रोडवेज इंस्पेक्टरों को दोपहर एक से तीन बजे तक ड्यूटी पर लगाया जाएगा जो छात्रों को बस रुकवाकर बस स्टैंड तक पहुंचवाएंगे।
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बताते चले जींद बाईपास चौराहा, सुखपुरा चौक, हिसार बाईपास, शीला बाईपास, भिवानी चुंगी, वाल्मीकि चौक, बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय से बस स्टैंड पर आने वाली बसों के इंतजार में दोपहर से छात्र खड़े रहते हैं। इस दरमियान आने वाली रोडवेज की बसें जब हाथ देने पर भी नहीं रुकती हैं, तो छात्र चलती बस में चढ़ने को मजबूर होते हैं। इस दौरान हादसों का खतरा अधिक रहता है। हैरानी की बात है कि इतने पर भी न तो चालक बस की स्पीड कम करता है और न ही परिचालक स्पीड कम करने के लिए कहता है। मजबूर विद्यार्थियों को बस की खिड़कियों व छतों पर लटकना कर सफर करना पड़ता है।
डिपो महाप्रबंधक जोगेंदर सिंह का कहना है कि यह बात सही है कि जब कॉलेजों की छुट्टी होती है, तो दोपहर एक से तीन बजे तक एक साथ छात्रों की भीड़ बस स्टैंड आने के लिए नजदीकी चौराहों पर खड़ी हो जाती है। करनाल की घटना के बाद तय किया गया है कि दिल्ली बाईपास, बाबा मस्तनाथ विवि, भिवानी चुंगी पर इंस्पेक्टरों की सोमवार से एक से तीन बजे तक ड्यूटी लगाई जाएगी। इंस्पेक्टर बाहर से आने वाली बसों को रुकवाकर छात्रों को बैठवाएंगे।
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विद्यार्थियों ने बताई अपनी परेशानी
पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय महाविद्यालय की छात्रा नेहा ने बताया कि गांव से कालेज आने जाने में कई बार परेशानी होती है। रोजवेज बस ड्राइवर कभी बस को टाइम से 5-10 मिनट पहले निकाल ले जाते हैं या फिर स्टैंड पर ज्यादा भीड़ हो तो रोकते ही नहीं। नेहा ने बताया कि कॉलेज से घर वापस जाते समय भी अगर लेडीज बस ना मिले तो शीला बाईपास, सुखपुरा चौक और जींद बाईपास पर ड्राइवर बसें नहीं रोकते।

राजकीय महिला महाविद्यालय की छात्रा लक्की ने बताया कि बस सर्विस इतनी खराब है कि घरवालों ने शहर में ही हॉस्टल दिलवा दिया। छु़ट्टियों में हॉस्टल से घर जाते समय बसों में सफर करना एक तरह की परेशानी हो जाता है। किसी भी स्टैंड पर बस ड्राइवर बस रोककर खुश नहीं होते। स्टूडेंट्स को देखकर तो बस को और भी ज्यादा तेज भगाने की सोचते हैं।

छात्रा प्रीती ने बताया कि गांव से शहर राजकीय महिला महाविद्यालय में पढ़ने आती हैं। प्रीती ने बताया कि बस सर्विस अच्छी ना होने के कारण कितनी ही छात्राएं हर रोज ऑटो या अन्य व्हीकल से सफर करती हैं। कई बार तो स्टैंड पर खड़े होकर 1 घंटे तक बस का इंतजार करो और बस ड्राइवर स्टैंड पर बस रोकता ही नहीं। ऐसे में समय बर्बाद करने से अच्छा है कि ऑटो से ही सफर कर लिया जाए।

एमडीयू की छात्रा निशु ने बताया कि हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। लेकिन छुट्टियों में जब कभी घर जाना होता है तो काफी परेशानी होती है। शीला बाईपास और दिल्ली बाईपास स्टैंड पर तो ड्राइवर बस रोकते ही नहीं। बस स्टैंड पर भी इतनी भीड़ होती है कि बसों में जगह नहीं मिलती।
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