रोहतक। कानपुर में सड़क हादसे के बाद बीस मिनट से अधिक समय तक घायल यात्री सड़क किनारे ही पड़े रहे। यहीं नहीं बीस से अधिक वाहनों से घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए रुकने का इशारा किया मगर किसी ने भी घायलों को अस्पताल पहुंचाना अपना फर्ज नहीं समझा। बाद में कानपुर के ही एक महंत ने अपने साथियों के साथ मिलकर सभी को अस्पताल पहुंचाया। उक्त बातें बुधवार को कानपुर के अस्पताल से छुट्टी के बाद घर पहुंची बोहर गांव की अंगूरी देवी ने बताई।
अंगूरी देवी ने बताया कि तड़के सुबह करीब 4 बजे बर्रा बाईपास हाईवे पर गाड़ी का पिछला पहिया पंचर हो गया था। कार का चालक मोहन और सुरेंद्र बाहर निकल कर टायर बदलने के लिए जैक लगा रहे थे। इसी बीच तीव्र गति से आए ट्रक ने गाड़ी में टक्कर मार दी। जिस पर गाड़ी ने दो पलटे खाए थे। इसके बाद वे घायल अंगूरी, सुरेंद्र और अन्य घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए वाहन चालकों को रुकवाने का प्रयास कर रहे थे। मगर बीस से अधिक चालकों ने संवेदनहीनता दिखाई और वाहन नहीं रोका। बाद में कानपुर के महंत ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
सुबह गांव में पहुंचे तीनों शव, गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार
कानपुर में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाली बोहर गांव की साहब कौर, राम कौर और भूरो देवी का शव बुधवार सुबह गांव में लाया गया। इसके बाद गमगीन माहौल में तीनों शवों का अंतिम संस्कार हुआ। तीन मौतों से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मोहल्ले के लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने में लगे हुए थे। बोहर के प्रवीण ने बताया कि घायलों को कानपुर के अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
रुपये चोरी करने का आरोप
घायल अंगूरी देवी ने आरोप लगाया की मृतक साहब कौर ने अपनी चुनरी के पल्ले में कुछ रुपये बांध रखे थे। मैंने वह रुपये निकालने की कोशिश भी की लेकिन चुनरी के पल्ले की गांठ ना खुल पाने के कारण रुपये नहीं निकाल पाई। बाद में हमने चुनरी का पल्ला चैक किया तो उसमें से दो हजार रुपये गायब थे।