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रोहतक के 14 में सात जिला पार्षदों ने चेयरमैन के खिलाफ फूंका विगुल, बोले चेयरमैन राजी खुशी दे हक वरना छीन लेंगे

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फोटो सहित
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जिला परिषद में दो फाड़ :
रोहतक के 14 में सात जिला पार्षदों ने चेयरमैन के खिलाफ फूंका बिगुल, बोले चेयरमैन राजी खुशी दें हक वरना छीन लेंगे
-पार्षदों ने चेयरमैन पर विकास कार्यों के लिए फंड देने में भेदभाव का लगाया आरोप, रोहतक ब्लॉक में सात जिला पार्षदों ने बैठक कर लिया फैसला
-विरोध में उतरे सात पार्षदों में चार पार्षद भारतीय जनता पार्टी के
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। रोहतक जिला परिषद में दो फाड़ हो गए और 14 में से सात जिला पार्षदों ने चेयरमैन के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। पार्षदों का चेतावनी भरे लहजे में कहना है कि चेयरमैन राजी खुशी उनका हक दें तो ठीक वरना वे अपना हक छीन लेंगे। चेयरमैन के खिलाफ धरना तक देेंगे। पार्षदों का आरोप है कि गांवों के विकास के लिए फंड देेने में चेयरमैन भेदभाव कर रहे हैं। जनता ने गांव के विकास के लिए चुनकर भेजा है, लेकिन चेयरमैन की मनमानी से फंड ही नहीं दिए जाने से वे काम नहीं करा पा रहे हैं।
विरोध में उतरे जिला पार्षदों ने मंगलवार को रोहतक ब्लॉक में बैठक की और तय कि सभी सात पार्षद साथ रहेंगे। इनमें से चार पार्षद भाजपा के हैं। उन्हें वार्ड के गांवों के विकास के लिए उनके हिस्से का पूरा बजट चाहिए। जिसके लिए वह हर तरह का विरोध करने को तैयार हैं। पार्षदों का आरोप है कि पिछले ढाई वर्ष में 15 करोड़ रुपये का बजट आ चुका है, इसके बावजूद सभी 14 पार्षदों में विकास कार्यों के बजट को बराबर नहीं बांटा गया। वार्ड-7 को तो विकास कार्यों के लिए कुछ भी नहीं मिला, जबकि बाकी वार्ड-एक, तीन, 10, 11, 13 और 14 को पांच से 30 लाख रुपये के बीच में ही बजट की राशि पिछले ढाई वर्ष में मिली है।
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बोले जिला पार्षद

वाइस चेयरमैन हूं, पार्षदों का दुख भी देखना होता है। चेयरमैन ने कुछ पार्षदों की पूरी तरह से अनदेखी की है, बहुत ही कम बजट ही विकास के दिया है।
-राजेंद्र कुमार (पटवापुर), वाइस चेयरमैन, वार्ड-11

मेरे वार्ड में एक भी रुपये का बजट नहीं दिया। नाराज पार्षदों ने अलग होने की इच्छा जताई, जिस पर बैठक की गई। विकास का बजट कब आता है और कहां चला जाता है, इसका पता नहीं चलता।
-सतीश (भालौट)

ढाई वर्ष में वार्ड के गांवों में जितना विकास कार्य होना चाहिए था, बजट मिलने में भेदभाव की वजह से काम नहीं हो सका।
-लाजवंती (चिड़ी)

अपने वार्ड में कोई काम ही नहीं करा पा रहे हैं। लोगों ने हमे चुनकर भेजा है, लेकिन बजट न मिलने से कोई विकास कार्य नहीं हो पा रहा है। चेयरमैन से शिकायत करने से हल ही नहीं निकलता।
-धर्मवीर (बलंभा)

सरकार की ओर से आने वाले वाले बजट को विकास कार्यों के लिए सभी पार्षदों को हिसाब से नहीं दिया जा रहा है।
-जेपी (भाली)

विकास कार्यों के लिए बजट देने की बात करो तोे चेयरमैन टाल देते हैं, कहते हैं फिर दूंगा। फिर देने वाला मौका आता ही नहीं है।
-लक्ष्मी देवी (मोखरा)

ला सकते हैं अविश्वास प्रस्ताव
भाजपा से जिला पार्षद मनोज कुमार (फरमाणा) ने दावा किया किया उनके साथ तीन से चार और जिला पार्षद भी संपर्क हैं। चेयरमैन ने विकास के लिए उनके हक की राशि नहीं दी तो अविश्वास प्रस्ताव भी ला सकते हैं। हर वर्ष करीब पांच करोड़ रुपये का बजट आता है और ढाई वर्ष में 15 करोड़ रुपये आ चुके हैं, लेकिन सिर्फ कुछ ही पार्षदों को बजट मिला है।
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चेयरमैन बोले-बाहर हूं मैं, मुझे नहीं है कोई जानकारी
जिला परिषद के सात पार्षदों के विरोध में उतरने और सरकार से गांवों के विकास के लिए आ रहा फंड नहीं दिए जाने पर चेयरमैन बलराज कुंडू से फोन पर बात की गई तो उनका कहना था कि वह शहर से बाहर हैं, उन्हें पूरे मसले की कोई जानकारी नहीं है। फंड न दिए जाने के आरोप पर भी उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
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