शहर को जाम में झोंक रहे अवैध ऑटो:
सोनीपत और पानीपत के ऑटो ने बिगाड़ा रोहतक का ट्रैफिक सिस्टम, विभाग के पास अवैध ऑटो का आंकड़ा तक नहीं
- ऑटो एसोसिएशन का दावा शहर में करीब 14000 ऑटो चल रहे हैं, जबकि एआरटीए के अनुसार पंजीकृत ऑटो 8000 हैं
- आरटीए और ऑटो एसोसिएशन के आंकड़ों की तुलना करें तो शहर में 4600 ऑटो अवैध तौर पर चलाए जा रहे हैं
- एसोसिएशन का कहना है कि 14000 का 10 फीसदी अवैध ऑटो हैं, जबकि आरटीए का अनुमान 1400 अवैध ऑटो चल रहे
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
शहर में दिन-ब-दिन जाम लगने का वक्त बढ़ता रहा है। आप शहर में दिल्ली बाईपास, एमडीयू, मेडिकल मोड़, बजरंग भवन फाटक, पावर हाउस, डी-पार्क , गोहाना अड्डा, झज्जर चुंगी मोड़, भिवानी स्टैंड, छोटू राम चौक, कोर्ट रोड, पुराना बस स्टैंड, सुभाष रोड, सुखपुरा चौक, जींद चौक पर जाम से जूझे बगैर नहीं निकल सकेंगे। इसकी वजह है शहर में चल रहे करीब 4600 अवैध ऑटो। यह ऑटो रोहतक में पंजीकृत नहीं है और ज्यादातर पानीपत-सोनीपत के कंडम ऑटो है, जिन्हें रोहतक में अवैध तौर पर चलाया जा रहा है। हालांकि अवैध ऑटो का सरकारी अंदाजा इससे काफी कम है
सरकारी तंत्र यानी संभागीय परिवहन अथॉरिटी (आरटीए) और ट्रैफिक पुलिस महकमे की लापरवाही से ऑटो चालकों ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को ध्वस्त कर दी है। शहर के अंदर पीक आवर्स में आठ से नौ किलोमीटर की दूरी को तय करने में 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से महज 10 मिनट लगने चाहिए, लेकिन अवैध ऑटो के संचालन की वजह से यह दूरी 25 से 35 लगने लगे हैं। सवारियां बैठाने की होड़ में ऑटो बीच सड़क में खड़े कर दिए जाते है, जिससे पीछे आ रहा ट्रैफिक रुक जाता है।
- आरटीए बोला 8000 ऑटो पंजीकृत, एसोसिएशन का कहना चल रहे हैं 14000 ऑटो
आरटीए के रिकार्ड के अनुसार शहर में आठ हजार पंजीकृत ऑटो हैं वहीं हरियाणा ऑटो रिक्शा कल्याण संघ का कहना है कि करीब 14000 ऑटो संचालित हैं। हालांकि अवैध ऑटो की संख्या का तय आंकड़ा किसी के पास नहीं है। जहां आरटीए का अनुमान है कि करीब 1400 ऑटो अवैध हैं तो एसोसिएशन का आंकड़ा भी 1400 ही है, लेकिन इस आंकड़े को निकालने जाने की प्रक्रिया में फर्क है। एसोसिएशन का कहना है कि 14000 ऑटो का करीब 10 फीसदी अवैध ऑटो हैं, यानि करीब 1400 ऑटो अवैध है, लेकिन अगर शहर में चल रहे कुल ऑटो की संख्या का अंतर देखते तो फर्क ज्यादा है। एसोसिएशन के मुताबिक 10 फीसदी अवैध ऑटो की संख्या निकाल दी जाए तो पंजीकृत ऑटो की संख्या आती है 12600। इस संख्या में अगर आरटीए में पंजीकृत ऑटो की संख्या 8000 घटा दी जाए तो 4600 ऑटो बचते हैं। ऐसे में यह ऑटो भी अवैध होने चाहिए।
- ऑटो चालकों पर नहीं की जाती कार्रवाई
दिल्ली बाईपास, शीला चौराहा, मेडिकल चौराहा, अशोक चौराहा, सुभाष चौक आदि जगह सुबह से देर शाम तक पुलिस ट्रैफिक को सुचारु बनाए रखने के लिए तैनात रहती है फिर भी जाम रहता है। अफसोस की बात है कि चौराहों पर खड़े होने वाले पुलिस कर्मी कभी भी बेतरतीब खड़े होने वाले ऑटो चालक के खिलाफ कार्रवाई नहीं करते। इससे साफ जाहिर होता है कि ऐसा करने के लिए पुलिस की मौन स्वीकृति है।
-एक नजर में
आरटीए के अनुसार
कुल ऑटो 9400
पंजीकृत आटो-8000
अपंजीकृत आटो-1400
- एसोसिएशन के अनुसार
कुल ऑटो 14000
गैर पंजीकृत ऑटो 1400
पंजीकृत ऑटो 12600
0-आटो के प्रमुख मार्ग
-सोनीपत रोड
-पानीपत रोड
-शीला बाईपास
-रोडवेज बस स्टैंड
-मेडिकल रोड
-आईएमटी
- बोले अधिकारी
यह बात सही है कि ऑटो चालकों की मनमानी की वजह से शहर में जाम लगने की समस्या पैदा होने लगी है। चौराहों पर सवारियों की वजह से यह लाइन में नहीं लगते। बेतरतीब खड़े होते हैं, जिससे चौराहों पर यातायात प्रभावित होने से जाम लगता है। सवारियों के चक्कर में चालक अचानक ब्रेक लगा देते हैं, जिससे पीछे आने वाले वाहन ब्रेक नहीं लगने की वजह से अक्सर टकराते हैं। यह समस्या वाकई गंभीर है, जल्द ही पुलिस विभाग के साथ मिलकर आटो चालकों को व्यवस्थिति किया जाएगा अन्यथा कार्रवाई होगी। -ओमप्रकाश मोर, एआरटीओ रोहतक
- बोली एसोसिएशन
रोहतक में करीब 14 हजार ऑटो चल रहे हैं, इनमें से करीब 10 फीसदी ऑटो अवैध हैं, जो सोनीपत और पानीपत के ऑटो है। इनके पास रोहतक में चलने का कोई परमिट नहीं है। इसके साथ ही कई ऑटो बगैर कागजात के चलते रहे हैं। - विक्की, जिला प्रधान, हरियाणा प्रदेश ऑटो रिक्शा कल्याण संघ
-शहर में रोज शोरूम से निकलते हैं 5 से छह ऑटो
ऑटो शोरूम के मुताबिक शहर में दो पांच से छह आठ शोरूम से नए निकलते हैं। अगर रविवार के अवकाश को निकाल दिया जाए तो हर महीने करीब 150 ऑटो की बिक्री सिर्फ रोहतक में होती है। इसी से अंदाजा लगा जा सकता है कि सरकारी और एसोसिएशन के अनुमान से कहीं ज्यादा ऑटो अवैध तौर पर शहर में चल रहे हैं।