मौसम बदलते ही मलेरिया ने दी दस्तक, दो पॉजीटिव मिले
झज्जर। मौसम में आए बदलाव के बाद मलेरिया ने दस्तक दे दी है। बहादुरगढ़ के जटवाड़ा मोहल्ला में 30 अप्रैल को व छारा गांव में 1 मई को एक-एक केस सामने आए हैं। मलेरिया के साथ मौसम में आए बदलाव के कारण डेंगू व चिकनगुनिया भी दस्तक दे सकते हैं। इसके लिए सामान्य अस्पताल में डेंगू की एनएसआई जांच किट उपलब्ध नहीं है। इसके लिए अगर डॉक्टर ने टेस्ट लिखा तो मरीजों को निजी लैब का रुख करना होगा। जहां पर मरीजों से सरकार द्वारा निर्धारित 600 रुपये की फीस वसूली जाती है। वहीं सरकारी अस्पताल में ये टेस्ट फ्री हैं। अस्पताल के पास इस समय डेंगू व चिकनगुनिया के आईजीएम एलायजा किट उपलब्ध हैं। साल 2017 में 15 मई तक मलेरिया के तीन केस सामने आए थे।
दो वर्ष में मलेरिया व डेंगू पॉजिटिव केस
साल डेंगू मलेरिया
2016 45 88
2017 111 91
-बढ़ रहा है आंकड़ा
स्वास्थ्य विभाग के द्वारा हर साल बेहतर प्रबंध करने का दावा किया जाता है लेकिन मलेरिया व डेंगू का ग्राफ बढ़ रहा है। साल 2016 में डेंगू के केवल 45 केस आए थे लेकिन 2017 में 111 हो गए, जो कि तीन गुना के करीब हैं। वहीं मलेरिया के साल 2016 के मुकाबले 2017 में केवल 3 केस अधिक आए हैं।
17 पंचायतों के पास हैं फोगिंग मशीन
मलेरिया व डेंगू से बचाव के लिए पूर्व में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा फॉगिंग करवाई जाती थी लेकिन वर्ष 2017 से गांवों में पंचायतों को और शहरों में शहरी निकाय को फॉगिंग करवानी होती है। फॉगिंग में प्रयोग होने वाला केमिकल निशुल्क स्वास्थ्य विभाग के द्वारा उपलब्ध करवाया जाता है। लेकिन समस्या है कि झज्जर की केवल 17 पंचायतों के पास ही अपनी फॉगिंग मशीन हैं। झज्जर नपा के द्वारा भी साल 2017 में ही फॉगिंग मशीनें खरीदी गई हैं। फॉगिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नपा झज्जर, बेरी व नप बहादुरगढ़ को केमिकल भेज दिया है।
मरीज मिलने पर करवाई जाती है स्प्रे
स्वास्थ्य विभाग के द्वारा मलेरिया, डेंगू का मरीज मिलने पर उसके आसपास के 50 घरों में स्प्रे करवाया जाता है। अगर स्प्रे की हुई दीवारों पर मच्छर बैठता है तो वो पैरालाइस हो जाता है। वहीं इसके अलावा मरीज का रेडिकल ट्रीटमेंट चलता है। जिसका 14 दिन तक लगातार टीम के द्वारा ध्यान रखा जाता है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने मत्स्य विभाग की मदद से जिले के 462 तालाबों में गंबूजिया मछली डलवाई हैं। जिससे कि वहां पर काफी दिन पानी जमा रहने के कारण लारवा नहीं पनप पाएगा।
103 टीमें कर रही हैं लारवा की जांच
स्वास्थ्य विभाग की 103 टीमें घर-घर जाकर लारवा की जांच कर रही है। टीमें अभी तक 24656 घरों के 10596 पानी की टंकियां जांची जा चुकी हैं। जहां पर लारवा नहीं मिला। वहीं टीमों के द्वारा 5379 कूलर की जांच की गई, इसमें से तीन में लारवा मिला है। जिन घरों के कूलर में लारवा मिला है, उन्हें नोटिस दिया गया है। वहीं टीमों के द्वारा पशु के लिए बनाई 4421 पानी की होद जांची गई, जिसमें भी लारवा अभी तक नहीं मिला है।
वर्जन
मलेरिया के अभी तक दो पॉजिटिव केस सामने आए हैं। जिनका ट्रीटमेंट चल रहा है। कंट्रोल करने के लिए पहले ही लारवा की जांच अभियान उन्होंने चलाया है। लैब में आईजीएम एलायजा किट उपलब्ध है। वहीं एनएसआई किट नहीं है, जिसके लिए कोटेशन मांगे गए हैं। इसे भी जल्द खरीद लिया जाएगा।
डॉ. मनमोहन, डीएमओ, झजजर।