फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

7 डिग्री तक गिरा पारा, अधिकारी कागजों में ही ढूंढते रह गए रैनबसेरा

विज्ञापन
विज्ञापन
6 डिग्री तक गिरा पारा, अधिकारी कागजों में ही ढूंढते रह गए रैनबसेरा
विज्ञापन

रोहतक।
एक तरफ जहां पारा 6 डिग्री तक गिर चुका है, दूसरी तरफ नगर निगम अब भी रैनबसेरा बनाने के लिए जगह ढूंढ रहा है। पिछले दिनों ही निगम के अधिकारियों ने हुडा के अधिकारियों को पत्र लिखकर पुराने बस स्टैंड के नजदीक जगह मांगी। हालांकि अब तक जगह फाइनल नहीं हो सकी है। मजबूरी में जिला प्रशासन को मेडिकल मोड़ पर नशा मुक्ति केंद्र और गांधी कैंप स्थित महिला आश्रम और सांपला में टेलीफोन एक्सचेंज एवं रेलवे स्टेशन के पास रैनबसेरा बनाना पड़ा है।
गर्मी में बेघर लोग सड़क किनारे फुटपाथ या रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर रात गुजार लेते हैं, लेकिन ठंड के मौसम में ऐसा करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे लोगों के लिए हर शहर में जिला प्रशासन की तरफ से रैनबसेरे बनाए जाते हैं। एक साल पहले निगम ने सरकारी जमीन पर स्थाई रैनबसेरा बनाने का फैसला किया था, लेकिन अभी तक जमीन फाइनल नहीं हो सकी। निगम ने हुडा को पत्र लिखकर पुराने बस स्टैंड के पास जमीन मांगी थी, लेकिन हुडा के अधिकारियों ने जवाब नहीं दिया। अभी दिसंबर माह में ही निगम के अधिकारियों ने दोबारा पत्र भेजा, लेकिन अभी तक मामला सिरे नहीं चढ़ सका। ऊपर से सर्दी अपने चरम पर पहुंच चुकी है। शनिवार को न्यूनतम तापमान दिन में जहां 12 डिग्री तो रात को गिरकर 6 डिग्री तक आ गया।
विज्ञापन


महिला आश्रम गांधी कैंप : 20 से ज्यादा लगाए बेड
जिला प्रशासन ने रेडक्रास सोसायटी के माध्यम से तीन जगह अस्थाई रैनबसेरे बनाए हैं। हरिओम सेवा दल द्वारा संचालित गांधी कैंप स्थित महिला आश्रम में 20 से ज्यादा बेड महिलाओं के रात्रि विश्राम के लिए लगाए गए हैं। बेघर महिलाओं को वहां पर न केवल सर्दी से बचने के लिए गद्दे व रजाई से लेकर कंबल तक मिल सकते हैं। हरिओम सेवा दल के पदाधिकारी विजय खुराना ने बताया कि बेघर महिलाओं के रात्रि विश्राम के लिए अच्छी व्यवस्था की है। प्रशासनिक हिदायतों के तहत किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।

नशा मुक्ति केंद्र मेडिकल मोड़ : 15 से ज्यादा बिस्तर लगाए
मेडिकल मोड़ के नजदीक नशा मुक्ति केंद्र है, जहां युवाओं की नशे की लत छुड़वाई जाती है। रेडक्रास सोसायटी के माध्यम से जिला प्रशासन ने यहां पर अस्थाई रैनबसेरा बनाया है, जिसमें 15 से ज्यादा बिस्तर लगाए गए हैं। केंद्र के अधिकारी रणबीर सिंह ने बताया कि कुछ लोग दिन में ही रैनबसेरे में आ रहे हैं। ठंड से बचाने के लिए अपनी तरफ से पूर प्रयास करते हैं।
विज्ञापन


कोट
निगम ने हुडा को पत्र लिखा था, लेकिन रैनबसेरे के लिए जगह फाइनल नहीं हो सकी है। अब निगम कोई दूसरा विकल्प तलाश कर रहा है।
- आनंद मित्तल, एलओ नगर निगम

जिला उपायुक्त की हिदायतों के तहत तीन जगह अस्थाई रैनबसेरे बनाए गए हैं, जहां ठंड से बचने की पूरी व्यवस्था की गई है। रैनबसेरों में केवल रात्रि विश्राम की अनुमति है।
- देवेंद्र चहल, सचिव जिला रेडक्रॉस सोसायटी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें