प्रत्येक गांव में लगेंगे 100 छायादार पौधे
नांगल चौधरी। पौधों की अंधाधुंध कटाई होने के कारण पर्यावरण में जहरीली गैसों की मात्रा बढ़ गई। जिससे कैंसर, टीबी व अस्थमा आदि मरीजों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। इस समस्या के समाधान को लेकर सरकार ने ‘हर गांव छाया’ योजना क्रियान्वित की है। इसके तहत प्रत्येक गांव में 100 छायादार पौधे लगाए जाएंगे। वहीं ग्रामीणों को उन्हें संरक्षण की प्रेरणा देने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
नांगल चौधरी ब्लॉक में फोरेस्ट विभाग की ओर से गांव में लगाए जाने वाले पौधों की लक्ष्यापूर्ति के लिए भुंगारका में नर्सरी प्लांट स्थापित किया गया है। निर्धारित योजना के मुताबिक सालाना 150-250 एकड़ रकबे पर विभिन्न पौधे लगाए जाएंगे। जिसमें अरावली, पंचायती एवं निजी रकबे को शामिल कर लिया गया। नियमानुसार पौधरोपण के बाद विभाग को 5-6 साल कड़ी रखवाली करनी पड़ेगी। पौधों की सिंचाई, खुदाई एवं तारबंदी व्यवस्था पर वन विभाग की ओर से लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। छोटे पौधे बड़े पेड़ों में तब्दील होने पर वन क्षेत्र को पंचायतों के सुपुर्द करने का प्रावधान है, परंतु लोकल राजनीति से प्रभावित पंचायतें पेड़ों की सुरक्षा को महत्व नहीं देती। जिस कारण वन माफिया के हौसले बुलंद हो चुके। सूत्रों के मुताबिक विभाग जितनी पौधरोपण करवाता है, उससे अधिक पेड़ों की अवैध कटाई हो जाती है। गहरी जंगलात बंजर में तबदील होने से वन्य प्राणियों को खाद्य संकट उत्पन्न हो गया। पर्यावरण की स्वच्छता प्रभावित होने के कारण विभिन्न बीमारी पनपनी शुरू हो गई। वातावरण में जहरीली गैस बढ़ने से ग्लोब वार्मिंग का संकट गहराने लगा है। समाधान को लेकर सरकार हर गांव छाया योजना चलाई है।
पंचायतों में लगेंगे जागरूकता सेमिनार
पौधरोपण के बाद सिंचाई व देखभाल मुख्य समस्या है। इसके लिए विभाग पंचायत व सामाजिक संगठनों की मदद लेगा। जागरूकता सेमीनार लगाकर युवाओं को पेड़ बढ़ाओ स्वास्थ्य बचाओ मिशन से अवगत करवाया जाएगा। जागरूक पंचायत को सम्मानित करने का प्रावधान किया गया है।
एक लाख पौधरोपण की रूपरेखा तैयार
बारिश होने के बाद आरडीएफ और बीडब्लूएल स्कीम के तहत करीब 50 हजार पौधरोपण होगा। निशुल्क 30 और अन्य योजनाओं के तहत 20 हजार पौधे लगवाने की योजना है। गांवों में छायादार पौधों को प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रेम कुमार, रेंज अधिकारी, नारनौल