कनपटी पर गोली दाग दो को मार डाला
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
पुरानी रंजिश में शहर के ही एक युवक और अधेड़ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मामले में एक गैंग से जुड़े बदमाशों का नाम सामने आ रहा है। माना जा रहा है कि ताबड़तोड़ फायरिंग कर वारदात को किसी अन्य जगह अंजाम दिया गया। इसके बाद शव को दक्ष प्रजापति चौक से रामगढ़ गांव जाने वाले रास्ते पर नया गांव दौलतपुर के समीप एक खेत के किनारे फेंक दिया। मंगलवार शाम को मामले की जानकारी मिलने पर सदर थाना पुलिस, एफएसएल टीम और डीएसपी हेडक्वार्टर मौके पर पहुंचे। वारदात किसी गैंग से जुड़ा होने के कारण सीआईए को भी मामले की जानकारी दी गई। पुलिस टीम दोनों शवों की शिनाख्त होने के बाद अब मामले से जुड़े आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
मोबाइल फोन और बैंक पासबुक से हुई पहचान
शाम पांच बजे के करीब पुलिस को एक डेयरी से सूचना मिली कि रामगढ़ रोड पर नया गांव दौलतपुर के पास जाने वाले कच्चे रास्ते पर दो खून से लथपथ शव पड़े हैं। मामले की जानकारी पर सदर थाना पुलिस फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट को लेकर मौके पर पहुंची। कुछ देर में डीएसपी हेडक्वार्टर गजेंद्र कुमार भी मौके पर पहुंचे। शवों की तलाशी में एक के पास से बैंक की पासबुक मिली जबकि दूसरे के पास से एक स्मार्टफोन और पास ही एक की-पैड वाला मोबाइल फोन मिला। पूछताछ से पता चला कि एक मृतक धारूहेड़ा चुंगी के पास वाल्मीकि बस्ती निवासी विजय और दूसरा मूल रूप से बिसोहा गांव और हाल में उत्तम नगर में किराए पर रह रहा पंकज था।
दोनों को मारी तीन-तीन गोली
एफएसएल टीम ने मौके पर मिले शवों की जांच की तो प्राथमिक तौर पर दोनों के ही शरीर में तीन-तीन गोली लगी मिलीं। इनमें से एक-एक गोली दोनों की कनपटी पर मारी गई है। इसके अलावा कंधे और पीठ पर भी गोली लगी हुई है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि दोनों हत्या दोपहर एक बजे के आसपास किसी अन्य जगह पर की गई है। हत्या करने के बाद शवों को यहां लाकर फेंका गया है। मौके पर ही कार के टायरों के भी निशान भी मिले। ये निशान इस तरह थे कि रामगढ़ मेन रोड से कच्चे रास्ते पर आकर शव को खेतों के किनारे फेंका गया और फिर कार मोड़कर हत्यारे फरार हो गए।
कुछ दूर मिली बाइक की चाबी, जेब भी नहीं थी खंगाली
पुलिस को शवों के पास से ही एक की-पैड वाला मोबाइल फोन मिला था। इसके अलावा मृतक पंकज के पास भी एक स्मार्ट फोन मिला। पंकज की जेब से कुछ रुपये भी मिले। मृतक विजय की जेब में भी बैंक की पासबुक व अन्य सामान था। ऐसे में साफ था कि हत्या लूट के इरादे से नहीं की गई। जिस जगह दोनों के शव मिले, उससे कुछ दूरी पर बाइक की चाबी भी मिली। इस पर भी खून के निशान थे। इससे माना जा रहा है कि बाइक की चाबी मृतक या हत्यारों में से ही किसी की रही होगी जो कि आने जाने के दौरान वहां गिर गई होगी।
कुख्यात गैंग का आया नाम, धंधे पर रंजिश का शक
मृतकों की शिनाख्त के बाद परिजनों और मित्रों को मामले की जानकारी हुई। पंकज के जानकार दो युवकों ने मामले में पहले ही हत्या की आशंका जताई थी। उन्होंने बताया कि पंकज मॉडल टाउन थाने में खड़ी कार छुड़ाने के लिए मॉडल टाउन थाने गया था। उसके बाद से उसका मोबाइल नंबर स्विच ऑफ था। विजय के भाई राजू ने डीएसपी से हुई पूछताछ में बताया कि विजय कुछ समय से जानवर पालने का काम कर रहा था। इसी काम को एक गैंग से जुड़े लोग भी करते थे। इसी रंजिश में उसकी हत्या कर दी गई है। उसने यह भी बताया कि साल भर पहले उसके सबसे बड़े भाई का भी गैंग से जुड़े लोगों ने पैर तोड़ दिया था।
दोनों मृतकों की पहचान हो चुकी है। कुछ लोगों पर हत्या करने की आशंका भी मृतक के भाई ने जताई है। जिन पर आरोप है वे आपराधिक छवि के लोग हैं। पुलिस ने दबिश देनी शुरू कर दी है। जल्द ही हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - गजेंद्र कुमार, डीएसपी, हेडक्वार्टर