संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत/खरखौदा। दिल्ली में नए संसद भवन के सामने पहलवानों की तरफ से बुलाई महिला सम्मान महापंचायत में जा रहे किसान नेताओं, खाप प्रधान व संगठन पदाधिकारियों को पुलिस ने दिनभर हिरासत में रखा। कई किसान नेताओं को तो घर से ही हिरासत में ले लिया था। वहीं पंजाब व राजस्थान से पहुंचे 44 किसानों को बॉर्डर से हिरासत में लिया गया।
दहिया खाप के प्रधान जयपाल दहिया को घर में ही बंद रखा गया। गोहाना से दिल्ली पहुंचा किसानों का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली के कापसहेड़ा में हिरासत में ले लिया गया। किसान नेता अभिमन्यु कोहड़ सहित अन्य को हिरासत में लेने पर किसानों ने रविवार सुबह खरखौदा थाने में पहुंचकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने देर शाम किसानों को छोड़ा गया।
खरखौदा पुलिस ने भारतीय किसान नौजवान यूनियन के पदाधिकारी व एसकेएम गैर राजनीतिक के सदस्य अभिमन्यु कोहाड़, दहिया खाप प्रधान सुरेंद्र दहिया, किसान संगठन के विजेंद्र उर्फ ढीलू, गहलावत खाप प्रधान सतबीर गहलावत, भाकियू ब्लाक प्रधान जय सिंह नकलोई को हिरासत में लिया गया।
किसानों की अगुवाई करते हुए सरोहा खाप के पदाधिकारी सतीश सरोहा ने कहा कि जब तक उनके साथियों को रिहा नहीं किया जाता है वह खरखौदा थाने में ही डेरा डाले रहेंगे और यहां से छूटते ही दिल्ली की तरफ कूच करेंगे। देर शाम वह थाने से बाहर आए। दहिया खाप के प्रधान जयपाल सिंह दहिया को घर में ही बंद रखा गया। पुलिस शाम तक उनके घर पर रही। पुलिस हिरासत में लिए गए दहिया खाप के प्रधान सुरेंद्र दहिया ने कहा कि 28 मई को दिल्ली कूच का फैसला जल्दबाजी में लिया गया। संसद का घेराव एक प्रकार से संसद पर हमले के समान है। कुछ खाप प्रतिनिधियों ने स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर कोई बैठक नहीं की।
गोहाना से दिल्ली पहुंचे किसान, हिरासत में लिए
गोहाना से दिल्ली के कापसहेड़ा बॉर्डर पर पहुंचे किसानों को वहां दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। किसान भगत सिंह, पूर्ण, तस्वीर मलिक व चार साथियों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। वह शनिवार देर रात 11 बजे गोहाना से निकल गए थे।
एआईकेकेएमएस ने स्टेशन पर जताया रोष
ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन (एआईकेकेएमएस) के सदस्यों ने सोनीपत रेलवे स्टेशन पर रोष जताया। जिला उपाध्यक्ष ईश्वर सिंह दहिया ने कहा कि बेटियों संग अन्याय हो रहा है। जिसकी आवाज उठाने पर हिरासत में लिया जा रहा है। एआईकेकेएमएस सरकार के इस कदम की निंदा करता है। बलबीर सिंह ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों का विरोध जारी रहेगा।
सरकार कर रही अन्याय
देश में लोकतंत्र को समाप्त किया जा रहा है। तानाशाही अपनाई जा रही है। धरना दे रही बेटियों को न्याय देने के बजाय उनके समर्थन में आ रहे लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है। हम झुकने वाले नहीं हैं। बेटियों को न्याय दिलाने की लड़ाई लगातार जारी रहेगी।
राजूराज, किसान नेता, श्रीगंगानगर, राजस्थान
लोकतंत्र की हो रही हत्या
केंद्र व हरियाणा की प्रदेश सरकार लोकतंत्र की हत्या करने पर तुली है। लोकतंत्र के मंदिर के उद्घाटन स्थल पर किसान व कमेरा वर्ग जा रहा था। उन्हें वहां नहीं जाने दिया जा रहा है। महिला सम्मान के लिए हम गिरफ्तारी दे रहे हैं। इस लड़ाई को जारी रखा जाएगा।
गुरदीप सिंह, किसान नेता, जयपुर, राजस्थान।
सरकार आवाज दबाने का कर रही प्रयास
संघर्ष का अंत नहीं, नई शुरुआत
आज के घटनाक्रम को इस संघर्ष का अंत ना समझे, यह अंत नहीं शुरुआत है। पहलवानों के समर्थन में जाने से पहले ही हिरासत में ले लिया गया। आंदोलन को लेकर जो खामियां इस बार रहीं हैं, उन्हें सुधारा जाएगा। आज दिल्ली में बेटियों के साथ जिस प्रकार से बदतमीजी की गई है इस अपमान को किसी भी स्तर पर सहन नहीं किया जाएगा। इतिहास गवाह है महिलाओं का जब भी अपमान हुआ है तो रामायण और महाभारत हुई है।
- अभिमन्यु कोहाड़, किसान नेता सोनीपत