जानकर भी अनजान बनने की इंसानी फितरत बेजुबान जानवरों के लिए कितनी खतरनाक साबित हो सकती है, बृहस्पतिवार को फिर साबित हो गया। कई दिनों से दर्द से तड़प रहे एक सांड़ (खागड़) का ऑपरेशन कर उसके पेट से 55 किलो पॉलीथिन और अन्य जानलेवा कचरा निकाला गया।
यह कहना मुश्किल है कि बेजुबान ज्यादा दिनों तक जी पाएगा या नहीं, लेकिन घटना ने समझदारी को शर्मसार जरूर कर दिया है। पॉलीथिन के प्रयोग पर बैन लगाने के लिए कई बार आंदोलन कर चुके इंसानों और सफाई अभियान का दंभ भरने वाले प्रशासन की ही लापरवाही से जानवर पॉलीथिन खा रहे हैं।
फिलहाल सांड़ की हालत स्थिर है और दिल्ली बाईपास रोड स्थित लावारिस पीड़ित पशु सेवा संघ में संचालकों की देखरेख में हैं। लावारिस पीड़ित पशु सेवा संघ के संस्थापक जगदीश मलिक ने बताया कि तीन दिन पहले उन्हें किसी ने सूचना दी थी कि आदर्श नगर में एक लावारिस सांड़ बीमार पड़ा है।
बताया कि सांड़ न उठ पा रहा है और न कुछ खा पी रहा है, दर्द से तड़प रहा है। वाहन भेज कर सांड़ को संघ में लाया गया। उसे दवाई दी, लेकिन दो दिन बाद भी उसे कोई फायदा नहीं हुआ। तब डॉ. अवधेश राणा की सलाह पर ऑपरेशन का फैसला लिया गया।
4 घंटे में निकाली पॉलीथिन : डॉ. अवधेश राणा और डॉ. रविकांत ने सहयोगी राजेश और संदीप की मदद से बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे ऑपरेशन शुरू किया। चार घंटे तक चले ऑपरेशन के दौरान सांड़ केपेट से पॉलीथिन, डिस्पोजेबल गिलास, बेल्ट और अन्य कचरा निकाला गया।
जगदीश मलिक ने बताया कि शाम को जब पॉलीथिन का वजन कराया तो सब हैरान रह गए। सांड़ के पेट से 55 किलो पॉलीथिन निकाली गई। डॉ. अवधेश ने बताया कि इसकी वजह से बेजुबान को कब्ज के साथ इंफेक्शन भी हो गया था। उसकी पाचन क्रिया ने काम करना बंद कर दिया था, जिससे पेट में दर्द हो रहा था।