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जीएसटी

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फर्जी पते पर चल रही स्क्रैप कंपनी ने महज बिल बनाकर किया 11 करोड़ का घपला
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-जीएसटी क्रेडिट देने को बगैर कारोबार किए ही बिल दिए जा रहे थे, जीएसटी विभाग को लगा रहे थे चूना
-जनता कॉलोनी में एक मकान के पते पर चल रही थी कंपनी, रिपोर्ट दर्ज कर डायरेक्टरों को भेजा गया जेल
-सेंट्रल जीएसटी विभाग 11 करोड़ की रिकवरी के लिए जीएसटी क्रेडिट लेने वाले कंपनियों पर कर रहा कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। फर्जी पते पर रोहतक में चल रही स्क्रैप कंपनी ओम इंडस्ट्रीज ने सिर्फ बिल (इनवॉइस) बनाकर सरकार को 11 करोड़ रुपये के जीएसटी का चूना लगा दिया। यह कंपनी कोई कारोबार नहीं कर रही थी बल्कि कमीशन लेकर करोड़ों रुपये के कच्चा माल की खरीद का बिल बनाकर दूसरी कंपनियों को दे रही थी। करोड़ों रुपये के हो रहे ट्रांजेक्शन पर संदेह होने पर जीएसटी रोहतक आयुक्तालय ने जांच में पाया कि रजिस्टर्ड पते पर कोई कंपनी ही नहीं है। ओम इंडस्ट्रीज के डायरेक्टर गौरव जैन और नवीन गुप्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई और पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स रोहतक आयुक्तायल के आयुक्त विजय मोहन जैन ने बताया कि मार्च 2018 में पाया गया कि जनता कॉलोनी स्थित ओम इंडस्ट्रीज ने स्क्रैप के 11-11 करोड़ के बिल काटे हैं। बिल में दूसरी कंपनियों को कच्चे माल के तौर पर स्क्रैप बेचना दिखाया गया था। इस कंपनी ने कुल 62 करोड़ रुपये का स्क्रैप दूसरी कंपनियों बेचना दिखाकर महज बिल दिए थे। जिस पर कुल 11 करोड़ रुपये का जीएसटी बनता था। जुलाई में निरीक्षण किया गया तो कंपनी का जनता कॉलोनी का पता फर्जी मिला। पते पर एक घर था। जांच को आगे बढ़ाया गया और 30 अगस्त 2018 को जीएसटी की चोरी पकड़ी गई। ओम इंडस्ट्रीज अपना कमीशन लेकर फर्जी बिल दूसरी कंपनियों को देती थी। जो कच्चे माल की खरीद पर दिए जाने वाले जीएसटी को तैयार माल को बेचने के दौरान दिए जाने जीएसटी की रकम में से घटाकर बहुत कम कर केंद्र सरकार को अदा कर रही थीं।
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उन्होंने बताया कि ओम इंडस्ट्रीज के डायरेक्टर गौरव जैन और नवीन गुप्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके साथ ही अब उन कंपनियों पर भी कार्रवाई की जा रही है, जिन्होंने फर्जी जीएसटी क्रेडिट तैयार कर जीएसटी की चोरी की। इन कंपनियों से जीएसटी की रिकवरी की जाएगी।
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