प्रबंधन के क्षेत्र में बेटों पर भारी पड़ रही बेटियां
- पिछले 9 साल में पहली बार लड़कियों का अनुपात लड़कों से ज्यादा
- आईआईएम में नए सत्र के लिए हुई दाखिला प्रक्रिया के दौरान 123 लड़कियों ने लिया संस्थान में प्रवेश
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। नया शैक्षणिक सत्र आईआईएम के लिए खुशियों भरा साबित होता नजर आ रहा है। पहले आईआईएम को अपना भवन और अब नए बैच में लड़कियों की संख्या लड़कों से ज्यादा होना यही बयां कर रहा है। संस्थान के इस बार के बैच में 242 विद्यार्थी पहुंचे हैं। इनमें से 123 लड़कियां हैं। यह संख्या बैच के 119 लड़कों से चार अधिक है। या यूं कहें कि बेटियां प्रबंधन क्षेत्र में भी बेटों पर भारी पड़ रही हैं।
भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रोहतक को नौवां स्नातकोत्तर कार्यक्रम (पीजीपी प्रोग्राम) बैच मिल गया है। कैट परीक्षा व साक्षात्कार की लंबी प्रक्रिया से गुजरते हुए नया बैच तय हो गया है। इस साल कैट परीक्षा में शामिल हुए दो लाख विद्यार्थियों में से 11 हजार का साक्षात्कार रोहतक आईआईएम ने लिया। इनमें से 242 विद्यार्थियों को संस्थान के लिए चयन हुआ। इसमें 123 लड़कियां हैं। इनमें से ज्यादातर की उम्र 23 से 25 वर्ष है। यह संख्या पिछले नौ वर्षों में अब तक की सबसे अधिक रही है। इस बार लड़कियों की संख्या लड़कों से चार अधिक हैं। पिछले कुछ वर्षों से यह आंकड़ा काफी कम था।
सब लेफ्टिनेंट, क्रिकेटर, फिजिसिस्ट पढ़ेंगे प्रबंधन
आईआईएम के इस नए बैच में इस बार खास विद्यार्थी आए हैं। इनमें नेवी के सब लेफ्टिनेंट, अंडर-19 क्रिकेट टीम के कैप्टन, डीआरडीओ के फिजिसिस्ट सरीखी शख्सियत शामिल है। इन्होंने प्रबंधन की पढ़ाई के लिए रोहतक आईआईएम को चुना है। यहां हर क्षेत्र से विद्यार्थी हैं। इसमें इंजीनियरिंग, कॉमर्स, इकानोमिक्स, मैनेजमेंट, ह्यूमेनिटीज़ व विज्ञान संकाय के विद्यार्थी शामिल हैं। यहीं नहीं बैच के 50 प्रतिशत सदस्य पहले से कार्य का अनुभव रखते हैं।
इंडक्शन व ओरिएंटेशन कार्यक्रम कल
नए बैच की जान पहचान व औपचारिकताओं के लिए दो जुलाई को इंडक्शन व ओरिएंटेशन कार्यक्रम रखा गया है। यहां विद्यार्थियों को संस्थान व अन्य बातों से रूबरू कराया जाएगा। यह करीब एक सप्ताह तक चलेगा। नया बैच कुछ हट के है। इस बार लड़कियों की संख्या लड़कों से अधिक है। संस्थान में देश के 20 राज्यों से विद्यार्थी आए हैं। ये विधिताओं के बीच एकता रूप हैं। संस्थान अपने आउटरीच प्रोग्राम, मैनेजमेंट कोंक्लवेज, ऑन लाइन इंट्रेक्शन के जरिए क्षमतावान उम्मीदवारों को गतिविधियों में व्यस्त रखेगा। इन्हीं प्रयासों के चलते विविधता के बावजूद पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष लड़कियों की संख्या 450 प्रतिशत अधिक रही है।
प्रो. धीरज शर्मा, निदेशक, आईआईएम।
पिछले वर्षों में संस्थान में प्रवेश लेने वाली लड़कियों का ब्योरा
वर्ष संख्या
2010 03
2011 09
2012 12
2013 73
2014 49
2015 14
2016 09
2017 27
2018 123
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