समय से पहले डेंगू की दस्तक, मलेरिया की आशंका
- चार केस आये सामने, एक मरीज झज्जर का
- लोगों की लापरवाही और सफाई कर्मचारियों की गैर जिम्मेदारी फैला सकती है महामारी
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
प्रदेश में तीन माह पूर्व ही डेंगू ने दस्तक दे दी है। वहीं सफाई कर्मचारियों की गैर जिम्मेदारी से कभी भी मलेरिया फैल सकता है। इन दोनों समस्याओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग के पसीने छूटे हैं कि इन दोनों पर वह एक साथ कैसे काबू पायेंगे। जिला रोहतक में अब तक चार मरीजों के डेंगू ग्रस्त होने की पुष्टि हो चुकी है, इसमें से एक मरीज झज्जर से है।
स्वास्थ्य विभाग के लिये समस्या खड़ी हो गई है कि वह एंटी लारवा एक्टिविटी कैसे चलाये। घरों, स्कूलों, कार्यालयों में तो वह जा कर पानी में लारवा की जांच कर रहा है। लेकिन सड़क पर बिखरे कूड़े का वह क्या करें। यहां मलेरिया के मच्छर पनप रहे हैं, यदि यह जल्द साफ नहीं होता तो यह कभी भी समस्या बन सकता है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अनुपमा मित्तल का कहना है कि मच्छर जनित रोगों का अब कोई निश्चित समय नहीं रहा है। इससे तो आमजन जागरूक हो कर ही बच सकते हैं। वर्तमान समय में डेंगू और मलेरिया के मरीज बढ़ने की आशंका है। इससे बचाव के लिये सबसे अधिक जरूरी है कि आसपास साफ पानी न खड़ा होने दे और गंदगी को तुरंत साफ करायें। गौरतलब है कि जिला रोहतक में फतेहपुर, भरत कॉलोनी व शीतल नगर में एक-एक डेंगू के मरीज की पुष्टि हो चुकी है।
मलेरिया व डेंगू के मरीजों की जिले में स्थिति
वर्ष मलेरिया डेंगू चिकनगुनिया
2015 92 3937 0
2016 105 183 938
2017 77 906 0
2018 1 3 0
नोट : यह आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग के अनुसार है।
बोली अधिकारी
एंटी लारवा एक्टिविटी टीम को पूरी तरह अलर्ट किया गया है। सभी सरकारी व निजी अस्पतालों को सूचना दी गई है कि वह डेंगू जांच एलाइजा टेस्ट से करें और किसी मरीज से 600 रुपये से अधिक न लें। मरीज के मिलते ही, उसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दें। डेंगू व मलेरिया के उपचार के लिये सभी स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है।
- डॉ. अनुपमा मित्तल, जिला मलेरिया अधिकारी
डेंगू के लक्षण
- तेज सिर दर्द व बुखार
- मांसपेशी व जोड़ों में दर्द
- आंखों के पीछे दर्द
- उल्टी
- शरीर के किसी हिस्से से खून आना व त्वचा पर लाल चकत्ते उभरना
बचाव
- कूलर, पानी की टंकी आदि में साफ पानी जमा न होने दें
- डेंगू का मच्छर दिन में काटता है, शरीर को ढकने वाले कपडे़ पहनें
- बुखार उतारने के लिये पैरासिटामोल गोली लें, एस्प्रीन व ब्रूफेन का प्रयोग न करें