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रुड़की और मुंगाण गांव के जलघरों में पहुंचा पानी
- वीरवार को जलघरों में पहुंचा पानी, 10 दिन पहले करसेंटी माइनर टूटने के बाद आई थी दिक्कत
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
करसेंटी माइनर निगरानी के अभाव में करीब 10 दिन पहले चार जगह से टूट गई थी, जिसके बाद से रुड़की और मुंगाण गांव की करीब 15 हजार की आबादी को पानी नहीं मिल रहा था। गांव वासियों के साथ ही पशुओं को भी पीने का पानी नहीं मिल रहा था। आखिर वीरवार को दोनों गांवों केे पांच जलघरों में पानी पहुंचा और इसके साथ ही दिक्कत दूर हो गई।
दोनों गांव के जलघर और तालाब सूख गए थे। गांव वासी बूंद बूंद पानी को तरस रहे थे। गत 26 अप्रैल को करसेंटी माइनर में चार जगह फॉल्ट आ गया था और 13 घंटे बीत जाने के बावजूद नहर की मरम्मत नहीं की गई। नतीजा पानी करीब 12 किले खेल में घुस गया था और इसके साथ ही आगे गांवोें में पानी जाना भी बंद हो गया। गांवों में पेयजल संकट खड़ा हो गया। रुड़की गांव की पेयजल व्यवस्था भालौठ सब ब्रांच पर निर्भर करती है। करसेंटी माइनर से जलघर के आपूर्ति होती है, लेकिन नहर में पानी नहीं होने से दिक्कत आ रही थी, क्योंकि नहर बार-बार टूट जा रही थी और पानी बच ही नहीं रहा था। मुंगाण गांव की भी यही हालात था, यहां को पशुओं को पिलाने तक का पानी भी नहीं बचा।
सिंचाई विभाग अधीक्षण अभियंता राम निवास ने बताया कि नहर के रखरखाव में लापरवाही बरतने वाले एसडीओ को हटाकर नए एसडीओ की नियुक्ति कर दी गई है। इसके साथ ही वहां पर रात की गश्त भी बढ़ा दी गई है। रुड़की गांव के जलघरों तक आपूर्ति शुरू हो चुकी है, इसके साथ ही मुंगाण गांव के जलघरों तक भी करसेंटी माइनर से पानी ले जाया गया है। इसके साथी गांवों में पानी की दिक्कत को दूर हुई है।