कागजों तक ही सिमट सीएम की घोषणा के बड़े प्रोजेक्ट
चरखी दादरी।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बड़े प्रोजेक्ट डेढ़ साल बाद भी कागजों तक सिमट कर रह गए हैं। श्यामसर तालाब के अलावा गांधी नगर अंडरपास, एफओबी (फुट ओवर ब्रिज), बलाली कुश्ती हॉल, 10 व्यायामशालाओं सहित पांच स्कूलों को अपग्रेड करने की योजना अब तक पूरी नहीं हो पाई है। कुछ प्रोजेक्ट के लिए बजट की दरकार है तो कुछ में कागजी कार्रवाई पूरी नहीं हुई है।
अक्तूबर माह में सीएम नगर प्रवास कार्यक्रम के तहत जिले में आए थे। उन्होंने विभागों की घोषणाओं पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी खुद तलब की थी। 10 करोड़ की ड्रेन निर्माण घोषणा तो किसानों के विरोध के चलते सिंचाई विभाग ड्रॉप कर चुका है और ऑपन ड्रेन की बजाय यूपीडी ड्रेन निर्माण की फाइल तैयार कर सरकार को भेजी जा चुकी है लेकिन अब तक इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। यह प्रपोजल सीएम की घोषणा मुताबिक करीब दस करोड़ के दायरे में ही तैयार किया गया था। एक साल से यह ठंडे बस्ते में पड़ा है। गत 18 सितंबर 2016 को सीएम मनोहर लाल ने दादरी की अनाज मंडी में छोटी-बड़ी कुल 40 घोषणाएं की थी जिनमें से 50 फीसदी पर ही अभी काम पूरा हुआ है। छोटे प्रोजेक्टों पर तो काम लगभग पूरा हो चुका है लकिन सभी बड़े प्रोजेक्ट अभी अटके पड़े हैं। वहीं सीएम ने जिले के विभिन्न गांवों में 24 व्यायामशालाएं बनाए जाने की घोषणा की थी। इन व्यायामशालाओं का निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ पा रहा है।
16 करोड़ का श्यामेसर तालाब प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में
भूपेंद्र हुड्डा के बाद मनोहर लाल खट्टर ने भी शहर के एतिहासिक श्यामसर तालाब के जीर्णोद्घार की घोषणा की थी। गुरुग्राम के आर्किटेक्ट से नगर परिषद ने इसकी ड्राइंग और इस्टीमेट तैयार किए थे। आर्किटेक्ट ने इस प्रोजेक्ट पर करीब 16 करोड़ रुपये की लागत आने की संभावना जताई थी। इसके बाद नगर परिषद ने यह प्रपोजल सरकार को भेजा था। फिलहाल यह प्रोजेक्ट खटाई में पड़ा नजर आ रहा है। सरकार ने इसके लिए न तो बजट जारी किया है और न ही जिला प्रशासन इसमें जमा दूषित पानी की निकासी रोकने और यहां रॉ वॉटर का प्रबंध करने के विकल्प तक नहीं तलाश पाया है। ऐसे में घोषणा के डेढ़ साल बाद भी यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में पड़ा नजर आ रहा है।
दस करोड़ का सिंचाई ड्रेन प्रोजेक्ट लटका
सिंचाई विभाग ने जिले में 60 हजार फीट लंबाई में सिंचाई ड्रेन बनाए जाने की प्लानिंग तैयार की थी। बाद में किसानों द्वारा जमीन दिए जाने से इंकार कर दिए जाने पर यह प्रोजेक्ट रिजेक्ट कर दिया गया था। करीब डेढ़ दर्जन गांवों के किसानों ने लिखित में बयान देकर इसका विरोध किया था। तत्पश्चात विभाग ने यूपीडी ड्रेन निर्माण का नया प्रोजेक्ट तैयार किया था। इस प्रोजेक्ट के तहत गांव सरूपगढ़-सातौर में बड़ा तालाब बनना था ताकि बरसात के पानी को तालाब में स्टॉक किया जा सके। अतिरिक्त बरसात के पानी को अंडरपाइप लाइन के जरिए नहरों में डाले की प्लान तैयार की गई थी। विभाग की ओर से यह प्रोजेक्ट फाइल तैयार कर हैड ऑफिस भेजी गई थी। बाद में सीएम कार्यालय की ओर से इस प्रोजेक्ट को यह कहते हुए खारिज कर दिया गया था कि पहले झज्जर जिले के गांव ढाकला में यूपीडी ड्रेन का निर्माण करवाया जाएगा अगर यह प्रोजेक्ट सफल हो जाता है तब चरखी दादरी में यूपीडी ड्रेन का निर्माण होगा। जिले में जलभराव संभावित करीब चार हजार एकड़ भूमि है।
पांच करोड़ के विकास कार्य अब तक नहीं हुए पूरे
मुख्यमंत्री ने शहरी विकास के लिए नगर परिषद को पांच करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी। करीब 14 माह के इंतजार और कई दफा की कागजी कार्रवाई के बाद नगर परिषद के पास यह राशि पहुंची। इस राशि से नगर परिषद को 12 प्रोजेक्ट पूरे कराने थे लेकिन टेंडर प्रक्रिया में रेट ज्याद आने से चार प्रोजेक्ट अटके हुए हैं। जिला उपायुक्त से स्वीकृति लेने के लिए नप अधिकारियों ने फाइल भेज रखी है लेकिन फिलहाल तक अनुमति नहीं मिल पाई है। कुछ प्रोजेक्टों पर ही काम अब तक पूरा हुआ है जबकि कुछ पर काम अभी जारी है। चार प्रोजेक्ट अटकने से करीब 30 से 35 गलियों व सड़कों का निर्माण रुका हुआ है।
शहर को नहीं मिला अंडरपास, बलाली कुश्ती हॉल का लंबा हुआ इंतजार
आज तक शहर को अंडरपास भी नहीं मिला है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते हुए बंद पड़ी सीसीआई फाटक के समीप अंडरपास बनाए जाने की घोषणा हुई थी लेकिन अब तक यह प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ सका है। अंडरपास निर्माण की मांग को लेकर शहर के गांधी नगर निवासी कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं । रेलगाड़ी तक रोकी गई हैं। सीएम के चरखी दादरी आगमन पर शहरवासियों ने उनके समक्ष यह मांग रखी थी। सीएम ने भी खुद इस प्रोजेक्ट का प्रायोगिक तौर पर जायजा भी लिया था। इस प्रोजेक्ट के लिए बजट हरियाणा को देना था। गांव बलाली में कुश्ती निर्माण कार्य भी फिलहाल फाइलों में ही उलझा हुआ है। हालाकि 95 प्रतिशत कागज प्रक्रिया जरूर पूरी हो चुकी है लेकिन निर्माण कार्य में देरी हो रहे हैं। इसके लिए पंचायत की ओर से 10 एकड़ जमीन दी जा चुकी है। यह कुश्ती हॉल अंतरराष्ट्रीय पहलवान गीता-बबीता के गांव बलाली में बनना है।
लोहारू नहर के 25 करोड़ के प्रोजेक्ट का काम अधूरा
जिले की नहरों की पेयजल क्षमता बढ़ाए जाने को लेकर 25 करोड़ का बजट सीएम घोषणा के तहत जारी हुआ था। हालाकि इस प्रोजेक्ट पर पिछले दिनो ही काम शुरू हुआ है लेकिन यह प्रोजेक्ट भी पूर्ण नहीं हुआ है। इसके तहत लोहारू नहर का जीर्णोद्धार होना है। करीब 50 साल पुराने घिकाड़ा पंप हाउस पर न मोटरें व पंप लगाए जाने हैं ताकि पानी का उठान ठीक प्रकार से हो सके। यह प्रोजेक्ट पूरा होने पर जिले की नहरी पानी की क्षमता में करीब 300 क्यूसेक पानी तक बढने की उम्मीद है।