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स्मार्ट सिटी अभियान : काला सोना की मंडी कटवाएगी नंबर, निगम ने उठाया कदम

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स्मार्ट सिटी अभियान : काला सोना की मंडी कटवा सकती है नंबर, निगम ने उठाया कदम
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: एलओ ब्रांच ने मुख्यालय को लिखा पत्र, भैंस मंडी कम माडर्न डेयरी कांप्लैक्स के लिए जगह की जाए फाइनल
: पार्षद प्रतिनिधि बोले, जब गांव ही निगम में नहीं रहना तो क्यों लें गोबर व गंदगी
: अधिकारी बोले, सरकार लेगी आखिरी फैसला
: मुंबई, कोलकता से लेकर हैदराबाद तक के आते हैं भैंस खरीदने पशु व्यापारी
: सीएम के पास भेज चुके हैं प्रस्ताव : प्रधान

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
स्वच्छता अभियान के तहत निरीक्षण करने जहां केंद्र की टीम कभी भी रोहतक आ सकती है, दूसरी तरफ शहर के बीचोंबीच चल रही काला सोना यानी भैंसों की मंडी निगम प्रशासन का सिरदर्द बनी हुई हैं। डेयरियों के चलते गलियों में जगह-जगह गोबर फैला हुआ है। ऐसे में समय रहते निगम प्रशासन ने चंडीगढ़ मुख्यालय को पत्र लिखकर भैंसों की मंडी कम माडर्न डेयरी कांप्लैक्स के लिए जगह तय करने के लिए कहा है। हालांकि वार्ड नंबर 7 की महिला पार्षद अपने एरिया में डेयरी कांप्लैक्स का विरोध करती आ रही है।
शहर के पुराने एरिया में दुर्गा भवन के पीछे पांच दशक से डेयरियां चल रही हैं, जिनकी संख्या 125 के पार पहुंच गई है। डेयरियों में न केवल दूध बेचा जाता है, बल्कि भैंसों की खरीद-फरोख्त तक होती है। न केवल जिले, बल्कि आसपास के दूसरे एरिया से भी हर रोज ग्रामीण रोहतक में मुराह नस्ल की भैंसों को बेचने के लिए लेकर आते हैं। क्योंकि यहां पर कोलकता, मुंबई, हैदराबाद, यूपी, पंजाब व मध्यप्रदेश तक से व्यापारी भैंस खरीदने आते हैं। खुद उन्होंने 38 लाख की भैंस पिछले साल बेची थी। जगह की कमी और सुविधाएं न होने के कारण न केवल डेयरी मालिक परेशान हैं, बल्कि सीवरेज सिस्टम जाम हो जाता है। ऐसे में डेयरी मालिक खुद भैंसों की मंडी कम माडर्न कांप्लैक्स बनाने की नगर निगम से मांग कर चुके हैं।
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हाउस में आया था प्रस्ताव, पार्षद ने किया विरोध
निगम प्रशासन की तरफ से हाउस की मीटिंग में प्रस्ताव आया था कि वार्ड नंबर सात में बोहर गांव के नजदीक निगम की जमीन खाली है, जहां पर मंडी कम डेयरी कांप्लेक्स बनाया जा सकता है। यहां पर दुर्गा भवन के पीछे उन डेयरियों को शिफ्ट किया जा सकता है, जहां दूध उत्पादन के साथ-साथ भैंसों का व्यापार भी होता है। वार्ड पार्षद सरिता देवी ने इसका विरोध किया था। इसके बाद हाउस ने जगह फाइनल नहीं की।

धूल फांक रहा चौटाला राज में कन्हेली रोड पर बना डेयरी कांप्लेक्स
पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला के कार्यकाल में कन्हेली रोड पर डेयरी कांप्लैक्स बनाया गया था, लेकिन आज भी दो दर्जन डेयरियां ही वहां चल रही है। बाकी प्लॉट खाली पड़े हैं। निगम प्रशासन प्लॉटों को जब्त करने की भी चेतावनी दे चुका है, लेकिन सुविधाएं न होने के कारण दूध का उत्पादन करने वाली डेयरियां वहां नहीं जा सकी हैं।

मुख्यालय भेजा पत्र, सरकार ले फैसला
निगम की तरफ से बोहर गांव के पास वार्ड नंबर सात में जमीन तय की गई थी, लेकिन हाउस में प्रस्ताव पास नहीं हो सका। अब पशुओं की मंडी कम डेयरी कांप्लैक्स के लिए जगह तय करने के लिए सरकार को पत्र लिखा गया है।
- आनंद मित्तल, एलओ नगर निगम

एक तरफ उनके गांव को निगम से बाहर करने की बात कही जा रही है, दूसरी तरफ डेयरियों के लिए जमीन मांगी जा रही है। डेयरियां आने से एरिया में गंदगी व गोबर फैलेगा। अगर निगम कुछ करना चाहत है कि यहां पर कांप्लैक्स या दूसरी बिल्डिंग बनाए। नहीं तो निगम के कदम का विरोध किया जाएगा।
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- सुरेश नांदल, पार्षद प्रतिनिधि वार्ड नंबर सात

सीएम की टेबल पर रखा प्रस्ताव : सहगल
निगम प्रशासन व सरकार को वे भैंस मंडी कम माडर्न डेयरी कांप्लैक्स को शहर से बाहर निकालने का प्रपोजल बनाकर भेज चुके हैं, जो सीएम की टेबल पर रखा है। न केवल डेयरियों के लिए जगह चाहिए, बल्कि पशु अस्पताल, बल्कि गोबर गैस प्लांट के लिए भी जगह दी जाए। जल्द वे सीएम से मिलकर इस संबंध में बात करेंगे।
- राजू सहगल, प्रधान डेयरी एसोसिएशन
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