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स्मॉग ने बिगाड़ी रेलवे की समय सारिणी

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स्मॉग ने बिगाड़ी रेलवे की समय सारिणी
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- यात्रियों को करना पड़ रहा घंटों इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
स्मॉग ने रेलवे की समय सारिणी को बिगाड़ दिया है। सवारी गाड़ी से लेकर एक्सप्रेस गाड़ियां तक सभी घंटों देरी से चल रही हैं। इसके चलते यात्रियों को रेलवे स्टेशन पर घंटों प्रदूषण में बैठ कर गाड़ी के आने का इंतजार करना पड़ रहा है। इसमें सबसे अधिक समस्या बुजुर्ग और बच्चों को हो रही है।
रेलवे प्रशासन की मानें तो उन्होंने स्मॉग में रेल संचालन को सुरक्षित करने के लिए कडे़ इंतजाम किए हैं। इसमें वह सिग्नल की जगह पटरियों पर पटाखों का प्रयोग कर रहे हैं। दृश्यता कम होने की वजह से गाड़ियां धीरे चल रही हैं, इससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। वहीं यात्रियों ने बताया कि पहला तो घर से रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए कम दूरी में ही लंबा सफर तय करना पड़ रहा है।
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एक किलोमीटर की दूरी तय करने में ही आधा से पौना घंटा लग जाता है। सड़क पर डर बना रहता है कि कहीं सड़क दुर्घटना न हो जाए। जब वह रेलवे स्टेशन आते हैं तो गाड़ी भी समय पर नहीं मिलती। गाड़ियों के इंतजार में तो वह स्टेशन पर ही थक जाते हैं। कुछ यात्रियों ने बताया कि दिल्ली पहुंचने में दो से तीन घंटे का समय लगता है, जबकि गाड़ियों के इंतजार में चार से पांच घंटे का समय लगता है। इसके चलते वह अपनी यात्रा ही टाल रहे हैं। रेलवे पर बुकिंग क्लर्कों ने बताया कि 40 फीसदी यात्री अपनी टिकट ही वापिस कर देते हैं। बुधवार को छिंदवाड़ा एक्सप्रेस अपने तय समय से साढे़ आठ घंटे लेट रही। वहीं दिल्ली इंटर सिटी एक्सप्रेस अपने समय से सात घंटा लेट रही। इसके अलावा अंडमान एक्सप्रेस साढे़ सात घंटे, दिल्ली इंटर सिटी एक्सप्रेस सात घंटे, जनता एक्सप्रेस दो घंटे, अवध असाम एक्सप्रेस सात घंटे देरी से रवाना हुई। वहीं सायं दिल्ली जाने वाली डीजे सवारी गाड़ी तीन घंटा और रोहतक से जींद-पानीपत सवारी गाड़ी 20 मिनट देरी से रवाना हुई।

दैनिक यात्रियों की बढ़ी समस्या
नरेश, राकेश यात्री ने बताया कि इन दिनों तो कार्यालय पर समय से पहुंचना नामुमकिन हो गया है। रेल गाड़ियां कई-कई घंटे देरी से आ रही है और पहुंचने का समय भी तय नहीं होता। इसका परिणाम यह हो रहा है कि उन्हें अपने कार्यालयों में डाट सुनने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं नीतिश, सुरेशा व रजनी ने बताया कि सुबह आठ बजे पहुंचने की बजाए वह दिल्ली दोपहर 12 बजे लंच टाइम में पहुंचते हैं। इसके चलते अब स्मॉग रहने तक वह बस में यात्रा करने को मजबूर हैं। क्योंकि बस आगे ही समय लेती है, पीछे से उसके आने का इंतजार तो नहीं करना पड़ता। लेकिन रेलवे पास होने के बावजूद बस में जाना उनकी जेब पर अतिरिक्त खर्च बढ़ा रहा है।

रेलवे प्लेटफार्म पर नहीं कोई मेडिकल सुविधा
रेल यात्रियों ने रोष जताते हुए बताया कि स्मॉग के चलते खुले में बैठना मुश्किल भरा हो रहा है। इससे एलर्जी की समस्या बढ़ रही है। मौके पर मेडिकल सुविधा न होने के चलते उन्हें रोजाना परेशानी झेलनी पड़ती है। इसके अलावा रेलवे को आने वाले समय में यात्रियों को सर्दी से बचाने के लिए भी इंतजाम करने चाहिए। वहीं बुजुर्ग महिला यात्री राजरानी, पतासों, मनभरी देवी ने बताया कि रेलवे को बंद केबिन का इंतजाम करना चाहिए। इससे बुजुर्ग यात्रियों को बीमार होने से बचाया जा सकता है।
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रेल का दबाव बढ़ा बस सेवा पर
रेल गाड़ियों के देरी से चलने का असर हरियाणा रोडवेज पर पड़ने लगा है। दैनिक यात्री रेल की अपेक्षा बस पर यात्रा कर रहे हैं। बुधवार को रोडवेज प्रशासन को दिल्ली, गुरुग्राम के लिए अतिरिक्त बसें चलवानी पड़ी। हरियाणा रोडवेज के महाप्रबंधक राहुल जैन ने बताया कि बस चालकों को स्पष्ट निर्देश हैं कि वह सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बसों का संचालन करें।
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