घर में घुसकर महिला की दिनदहाड़े छुरी से गोदकर हत्या
भिवानी
चौधरी बंसीलाल पार्क के सामने घर में घुसकर कुछ अज्ञात लोगों ने छुरी से गोदकर महिला की हत्या कर दी। आरोपियों ने घर में अकेली इस महिला के सिर, चेहरे और गले पर ताबड़तोड़ वार किए। इससे खून के छींटे दीवार और फर्श पर बिखरे हुए हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि हत्या पांच-छह घंटे पहले की गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। इस सनसनीखेज वारदात के बारे में परिजनों को शुक्रवार शाम साढ़े सात बजे उस वक्त पता चला, जब मृतका की मां घर आई। मृतका का नाम कविता (35) है। सामान्य अस्पताल में सुरक्षा कर्मी रह चुकी कविता का शव क्षत-विक्षत हालत में घर के कमरे के दरवाजे के बीच मिला। पुलिस के मुताबिक महिला के सिर, चेहरे, और गर्दन पर कई वार किए गए हैं। वहीं कमरे से कुछ दूरी पर दीवार पर खून के छींटे देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि हत्या आंगन में की गई। इसके बाद शव को घसीटकर कमरे में ले जाने की कोशिश की गई।
पुलिस के मुताबिक मजदूरी करने वाला महिला का पति सूरजभान घर पर नहीं था और मृतका के तीनों बच्चे खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पिछले तीन दिन से कुरुक्षेत्र गए हुए थे। कविता की ससुराल लोहरवाड़ा गांव में है, मायका यहां दादरी गेट इलाके में है। यह भी जानकारी मिली है कि महीने भर पहले ही उसने इस मकान को किराए पर लिया था। हत्या के बाद आरोपियों ने छुरी को आंगन में छोड़ दिया। एक बर्तन में लाल पानी मिलने से अनुमान लगाया जा रहा है कि हत्यारों ने छुरी को धोने का प्रयास भी किया है। महिला की हत्या की खबर पाकर बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद महिला का पति भी मौके पर पहुंच गया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस के साथ फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंच कर साक्ष्य जुटाए। दिनोद गेट पुलिस चौकी प्रभारी ने बताया कि कविता के पति की शिकायत पर पुलिस ने फिलहाल अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या और अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
परिजनों ने जताया धमकी देने वालों पर शक
मृतका के भाई मनोज व मुकेश ने बताया कि दादरी गेट पर रहने वाले कुछ युवकों ने कविता को धमकी दी थी। धमकी देने वाले कविता पर किसी से बात कराने की बात को लेकर दबाव बना रहे थे। इस बारे में पुलिस में शिकायत भी हुई थी, लेकिन बाद में मामला सुलझ गया था।
जान-पहचान के हो सकते हैं हत्यारे
जिस तरीके से घर के अंदर घुसकर वारदात को अंजाम दिया और आस-पड़ोस के लोगों के कानों तक कोई चीख-शोर न पहुंचना चौंकाता है। अनुमान यह भी लगाया जा रहा है कि हो सकता है हत्यारों में से कोई जान-पहचान का हो, जिसे देख कर कविता ने अंदर आने दिया।
टाइमिंग को लेकर संशय
हत्या की टाइमिंग को लेकर अभी उलझन बनी हुई है। वारदात स्थल पर बिखरा खून जिस तरीके से सूखा नजर आ रहा था, उससे इस बात को बल मिलता है कि हत्या कम से कम चार-पांच घंटे पहले हुई होगी। शाम साढ़े सात बजे मृतका की मां घर पहुंची, तब हत्या के बारे में पता लगा।