फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीजीआई में स्वास्थ्य मंत्री ने कराया दांतों का इलाज, नहीं सुनी फरियाद

विज्ञापन
विज्ञापन
पीजीआई में स्वास्थ्य मंत्री ने कराया दांतों का इलाज, नहीं सुनी फरियाद
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के कार्यक्रम में पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री सेहत का ख्याल रखते भी नजर आए। वीरवार सुबह मंत्री अनिल विज पीजीआई के डेंटल कॉलेज पहुंचे और दांतों का इलाज करवाया। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. संजय तिवारी और उनकी टीम ने मंत्री के दांतों का उपचार किया। इस दौरान एक महिला फरियादी ने स्वास्थ्य मंत्री से बात सुनने की गुहार भी लगाई, लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया। मंत्री तक पहुंचने से पहले ही कॉलेज स्टाफ ने महिला को पीछे कर दिया।
पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के डेंटल कॉलेज में दांतों के उपचार कराने स्वास्थ्य मंत्री सुबह पहुंचे और तकरीबन ढाई घंटे के ट्रीटमेंट के बाद वह वापस लौट गए। इससे पहले भी कई बार डॉ. संजय तिवारी मंत्री अनिल विज के दांतों का उपचार कर चुके हैं। इस दौरान हेल्थ यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. ओपी कालरा कालरा भी पहुंचे। स्वास्थ्य मंत्री से मिलने के लिए एक महिला कक्ष के बाहर भी बैठ गई। महिला ने बताया कि वह अपने पति की संस्थान में नौकरी लगवाने की सिफारिश के लिए आई थी, लेकिन स्टाफ ने मंत्री से मिलने नहीं दिया।
विज्ञापन


मंत्री को बताई महाविद्यालय की उपलब्धियां
सूत्रों की मानें तो डेंटल कॉलेज की टीम ने उपचार के बाद मंत्री को कॉलेज की उपलब्धियों के बारे में बताया। साथ ही यहां की कार्य प्रणाली और सीटों के बारे में जानकारी दी।

कॉलेज के सामने नहीं खड़ी होंगी डॉक्टर की कारें
मंत्री के आने से पहले कुलपति डॉ. कालरा डेंटल कॉलेज पहुंचे। यहां पहले से ही मुख्य गेट पर डॉक्टरों की कारें खड़ी होने से नाराजगी जताई। कुलपति ने कहा कि ऐसी स्थिति में मंत्री की और अन्य कार कैसे खड़ी हो पाएंगी। उन्होंने तत्काल निर्देश देते हुए कहा कि डॉक्टरों की कारें ट्रामा सेंटर के साथ पार्किंग में खड़ी की जाएं। जाम के चलते स्वास्थ्य मंत्री की कार को महाविद्यालय के पीछे गेट पर खड़ी कराया गया और यही से मंत्री वापस चले गए।

ट्रामा सेंटर नहीं गए स्वास्थ्य मंत्री
उपचार के बाद मंत्री ट्रामा सेंटर नहीं गए। गौरतलब है कि ट्रामा सेंटर चालू करने के प्रशासन के लगातार सभी प्रयास फेल होते जा रहे हैं। अब प्रशासन दावा कर रहा है कि 28 अगस्त तक वह इसे शुरू कर सकता है। इससे पहले मंत्री ने दौरा करके ट्रामा सेंटर की खामियों को दूर करने का आदेश दिया था।
विज्ञापन


मंत्री ने नहीं जाना किसी मरीज का हाल
स्वास्थ्य मंत्री पीजीआईडीएस में आए और अपना उपचार कराकर चले गए। मंत्री के आगमन की जानकारी किसी को नहीं दी गई। इसके चलते कोई मरीज और उनके परिजन मंत्री से नहीं मिल पाए। वहीं मंत्री भी किसी अन्य स्थान पर जाने की बजाए सीधा अपने अगले कार्यक्रम की ओर रवाना हो गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें