अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। शहर में बुधवार को हुई बारिश से लोगों को काफी परेशानी हुई। पहले हुई बारिश ने गर्मी से राहत दी तो इसके बाद सड़कों पर पानी जमा हो गया। कई इलाकों में सड़कों पर ज्यादा पानी भरने से आवाजाही बंद हो गई। निचले इलाकों में लोगों के घरों में पानी भर गया और सड़क पर दो पहिया वाहन डूबने जैसे हालात हो गए। शाम तक लगभग 50 एमएम बारिश होने के बाद रात के समय बादल झमाझम बरसे। जनस्वास्थ्य विभाग के इंतजाम फिर कागजी साबित हुए। आने वाले दिनाें ज्यादा बारिश होने से लोगों को काफी परेशानी हो सकती है। दिन में लगे लंबे बिजली कट ने भी लोगों की समस्याएं बढ़ाईं।
कई दिनों की गर्मी और उमस के बाद बुधवार सुबह बारिश से मौसम सुहावना हुआ और दोपहर में भी बादल बरसे। इसके बाद ही परेशानी शुरू हुई। शहर की ज्यादातर सड़कों पर पानी भर गया। कई कॉलोनियों में तो देर रात तक लोग घर से अंदर से पानी निकालने के लिए मशक्कत करते रहे। कई जगह सीवर ओवरफ्लो होने के कारण गलियों में बरसात और सीवर का पानी बहने लगा। सैनिक कॉलोनी के कई घरों में पानी अंदर घुस गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि गली नीचे होने के कारण बरसाती पानी की निकासी नहीं हो पाई।
स्थानीय लोगों ने जल्द पानी निकासी न होने पर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। जयकुंवार दहिया, रोहतास, बिजेंद्र रोहिल्ला, लालाराम, देबी, गुड्डी, संतोष और बुधराज ने प्रशासन से जल्द समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
वहीं, माता दरवाजा, बाबरा मोहल्ला, सलारा मोहल्ला, नेहरू कॉलोनी, सुभाष चौक, तहसील रोड, राम गोपाल कॉलोनी, गोहाना अड्डा, बस स्टैंड से फाटक तक, छोटूराम चौक, रेलवे रोड, सैनी कॉलेज रोड, सैनिक कॉलोनी, गांधी कैंप, गोहाना रोड, किला रोड पर मंदिर वाली गली, हिसार रोड, शौरी क्लॉथ मार्केट की स्थिति बदतर बनी रही।
सेक्टरों की सड़कों पर भर गया पानी
शहर के पुराने इलाकों के अलावा सेक्टर एक और दो की सड़कों पर पानी भरने से परेशानी हुई। शीला बाईपास सहित सोनीपत रोड पर कई जगह पर जलभराव ने विकराल रूप धारण कर लिया।
पानी निकासी में लगे 124 पंप
शहर में अभी बरसाती पानी निकालने वाले नालों की क्षमता बढ़ाए जाने की जरूरत है। अभी कई स्थानों पर सीवर की ही व्यवस्था है और यहीं से बरसात का पानी निकाला जाता है। शहर में 31 डिस्पोजल हैं और इन पर तकरीबन 124 पंप काम कर रहे हैं। बरसात अधिक होने से समस्या हो रही है, लेकिन पानी निकाल दिया जाएगा। शहर में सीवर ब्लॉक जैसी कोई समस्या नहीं है। विभाग ने डीजल जनरेटर का इंतजाम किया है।
- बिजेंद्र हुड्डा, अधीक्षक अभियंता, सीवर शाखा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।
मकान पर आसमानी बिजली गिरी, बाल-बाल बची जान
हनुमान कॉलोनी की चौड़ी गली में एक घर पर बुधवार को आसमानी बिजली गिर गई। इसके चलते छत पर रखी पानी की टंकी फट गई और सारा पानी घर में घुस गया। मास्टर कुलविंद्र ने बताया कि गनीमत रही कि उन्होंने घर में अर्थिंग करवा रखी थी। इस कारण आसमानी बिजली ने अधिक नुकसान नहीं किया। जैसे ही उनके घर पर बिजली गिरी जोरदार आवाज हुई और उनकी पानी की टंकी के अलावा सीमेंट को फाड़ते हुए तथा ईंटों को क्षतिग्रस्त करते हुए जमीन में चली गई। इस दौरान घर में तीन व्यक्ति थे और सभी सुरक्षित हैं।
खेतों में बरसा सोना, इस सप्ताह झमाझम
बरसात के चलते शहर में बेशक समस्याओं का अंबार लग गया हो, लेकिन किसानों के लिए खेतों में सोना बरसा है। धान की रोपाई शुरू हो चुकी है और बरसात ने सोने पर सुहागे का काम किया है। धान की रोपाई के लिए यह बरसात जरूरी भी थी। मौसम विभाग की माने तो आने वाले सप्ताह में और बरसात होगी। इससे तापमान भी कम रहेगा।
भाली आनंदपुर के घरों में घुसा पानी, पटवार खाना लबालब
खंड कलानौर के गांव भाली आनंदपुर में लगभग 150 घरों में बरसाती पानी घुस गया। ग्रामीण जीत सिंह, रणबीर, बल्ला, मामन, बनी सिंह, मास्टर हरिचंद, शमशेर और रिसाल ने बताया कि बरसाती पानी ने गांव के निचले हिस्से में जलभराव हो गया। गांव का जोहड़ भरा हुआ है। इसके चलते बरसाती पानी के लिए अब जगह ही नहीं है। तंगहाल ग्रामीणों के लिए अपना घरेलू सामान, अनाज और कपडे़ बचाना मुश्किल हो गया है। कलानौर स्थित पटवारखाना में बरसाती पानी भर गया है। यहां अब कई गांवों का रिकार्ड बचाना मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों को भय है कि कहीं सारा रिकार्ड भीगकर खराब न हो जाए। किसान और पटवारी परेशान हैं कि बरसात में टपकने वाली इमारत कहीं बरसात में बैठ न जाए।