अमित विश्वकर्मा
रेवाड़ी।
दिवाली का त्यौहार इस बार जिले के लिए एक खास सौगात लेकर आ रहा है। अगर सबकुछ ठीकठाक रहा और विभाग ने दावे के अनुरूप समय पर काम निपटा दिया तो जिले के 358 गांवों को 24 घंटे बिजली मिलने लगेगी। जी हां, जगमग योजना के तहत शहर की तर्ज पर गांवों को भी एक अक्तूबर से 24 घंटे बिजली मिलेगी। प्रोजेक्ट को समय पर शुरू करने के लिए निगम ने स्कीम में बदलाव कर 47 फीडरों को पूरी तरह से निजी हाथों में देकर काम कराने का निर्णय लिया है। करीब चार महीनों के दौरान इन फीडर को दुरुस्त करने पर करीब 40 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। निगम जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू कर देगा। उल्लेखनीय है कि गुरुग्राम के गांवों में एक अगस्त से एवं फरीदाबाद के गांवों में एक सितंबर से शहर की तर्ज पर 24 घंटे बिजली सप्लाई शुरू कर दी जाएगी।
11 फीडर का हो चुका है पूरा काम
रेवाड़ी में ग्रामीण क्षेत्र के कुल 74 फीडरों में से 11 फीडर पर पहले एवं दूसरे चरण में काम पूरा कर लिया गया है। 56 गांवों में सभी मीटरों को बाहर लगाने के साथ ही केबल लगा दी गई हैं। वहीं तीसरे चरण में 16 फीडर पर काम शुरू हो चुका है। वहीं समय से काम पूरा करने के लिए सीएमडी शत्रुजीत कपूर की उपस्थिति में बचे हुए 47 फीडर को सारा काम ठेकदारों को देने का निर्णय लिया गया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले मेटेरियल निगम की ओर से उपलब्ध करवाया जाता है। ठेकेदार की महज लेबर होती थी। जगमग योजना के तहत ठेकेदारों को चार महीने के अंदर गांव में सभी मीटर बाहर लगाने के साथ नंगे तारों की जगह केबल एवं अन्य आधारभूत ढांचे को मजबूत करना है। रेवाड़ी के 358 गांवों में अभी लाइनलॉस एवं चोरी का औसत 63 फीसदी है। जो कि जगमग योजना के तहत 20 फीसदी तक लाना है।
रेवाड़ी के अधिकारियों के साथ बैठक कर एक अक्तूबर से शहरी तर्ज पर 24 घंटे बिजली सप्लाई देने की योजना तैयार की गई है। रेवाड़ी के साथ महेंद्रगढ़ में भी अक्तूबर से ही चौबीस घंटे बिजली सप्लाई देने की योजना तैयार है। इस पर करीब-40-40 करोड़ रुपये खर्च आएंगे। बचे हुए सभी फीडरों को टेंडर देकर पूरी तरह से ठेकेदार से कराया जाएगा। रेवाड़ी से पहले एक अगस्त से गुड़गांव एवं एक सितंबर से फरीदाबाद के गांवों को 24 घंटे बिजली सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। गुड़गांव एवं फरीदाबाद में कम गांव होने के कारण वहां पर काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा। इस बार प्रदेश के चार जिलों के गांव दिवाली पर चौबीस घंटे बिजली से दिवाली रोशन कर सकेंगे। -संजीव चोपड़ा, चीफ इंजीनियर, डीएचवीवीएन, हरियाणा