रोहतक। पशुपालकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से अब तक 93 पशु स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों के माध्यम से 50 हजार ओपीडी मामलों का उपचार किया गया है। जो 2.66 लाख के वार्षिक लक्ष्य का 19 प्रतिशत है। ये जानकारी बुधवार को उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कैंप कार्यालय में विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में दी।
बैठक में कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण, स्वास्थ्य सेवाओं, दुग्ध उत्पादन प्रोत्साहन तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए एक लाख कृत्रिम गर्भाधान का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले अब तक 19,800 कृत्रिम गर्भाधान किए जा चुके हैं।
पशु सुरक्षा चक्र के तहत चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान में एफएमडी और एचएस रोगों के लिए 1,99,500 डोज के लक्ष्य के मुकाबले 1,56,517 डोज लगाई जा चुकी हैं। इस प्रकार 78.5 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। स्वाइन फीवर के लिए सात हजार डोज के लक्ष्य के विरुद्ध 2,740 डोज लगाई गई हैं।
उपायुक्त ने बताया कि अनुसूचित जाति वर्ग के लाभार्थियों के लिए दो से तीन दुधारू पशुओं की इकाई स्थापित करने पर 50 प्रतिशत अनुदान की योजना संचालित है। योजना के तहत प्राप्त 243 आवेदनों को स्वीकृति के लिए बैंकों को भेजा जा चुका है।