वैश्य पब्लिक स्कूल में 24 कर्मचारियों को हटाने का विवाद बढ़ गया है।
न्याय की गुहार लगाने गए कर्मचारी डीसी कैंप ऑफिस के बाहर पांच घंटे तक बैठे रहे, लेकिन डीसी ने मिलने से साफ इन्कार कर दिया।
हालांकि इस बीच उन्होंने प्रधानाचार्य से मुलाकात की। इस पर गुस्साए कर्मचारियों ने सोमवार से स्कूल को बंद कर हड़ताल की चेतावनी दे डाली।
कर्मचारियों ने एकसुर में कहा कि प्रशासन और संस्था के कुछ लोगों की मिलीभगत का शिकार नहीं बनेंगे।
बता दें कि स्कूल के 24 कर्मचारियों को प्रबंधन ने शुक्रवार को नौकरी से निकालने के नोटिस थमा दिए।
इसके विरोध में स्कूल में देर रात तक हंगामा चला। शनिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे कर्मचारी फिर से संस्था के कॉलेजियम सदस्य अजय गुप्ता के नेतृत्व में डीसी कैंप ऑफिस में पहुंच गए।
सिक्योरिटी ने कर्मचारियों को अंदर नहीं घुसने दिया। इस पर कर्मचारियों ने कैंप ऑफिस के बाहर ही डेरा डाल दिया। दोपहर को डीसी की ओर से संदेश आया कि प्रधानाचार्य को बुलाया गया है।
उनसे बात करने के बाद कर्मचारियों से मिला जाएगा। प्रधानाचार्य भी डीसी कैंप ऑफिस में पहुंच गए लेकिन कर्मचारी बाहर ही बैठे रहे। प्रधानाचार्य से बातचीत के बाद करीब ढाई बजे संदेश आया कि डीसी साहब स्कूल के किसी भी कर्मचारी से नहीं मिलेंगे।
इस पर कर्मचारियों का आक्रोश बढ़ गया। कर्मचारियों ने चेतावनी दे डाली कि वह अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे। सोमवार से स्कूल को बंद कर हड़ताल शुरू कर दी जाएगी और प्रशासन और कुछ लोेगों की मिलीभगत की शिकायत को सीएम तक पहुंचाया जाएगा। हालांकि यह चेतावनी देकर कर्मचारी अपने-अपने घर चले गए।
अब इंजीनियरिंग के कर्मचारियों पर गिरेगी गाज!
प्रबंधन ने गत सप्ताह वैश्य इंजीनियरिंग कॉलेज के 42 कर्मचारियों को निकालने की तैयारी की थी। लेकिन कर्मचारियों के हंगामे के बाद डीसी ने कुछ समय के लिए यह मामला रोकने के आदेश जारी कर दिए थे। सूत्रों की मानें तो सोमवार को फिर इंजीनियरिंग कॉलेज के कर्मचारियों को निशाना बनाया जा सकता है। अंदर ही अंदर निकाले जाने वाले कर्मचारियों की फाइनल सूची तैयार कर दी गई है। प्रबंधन सोमवार को कर्मचारियों को नोटिस भी थमा सकता है। यदि ऐसा हुआ तो वैश्य संस्था में बड़ा बवाल होगा। एक तरफ वैश्य पब्लिक स्कूल तो दूसरी तरफ इंजीनियरिंग कॉलेज के कर्मचारी प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन कर सकते हैं।