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46वीं जूनियर नेशनल कबड्डी चैंपियनशिपः हरियाणा के छोरों ने असम को 31 और छोरियों ने गोवा को 36 अंक से हराया

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एमडीयू में एमेच्योर कबड्डी एसोसिएशन हरियाणा की ओर से 46वीं जूनियर नेशनल कबड्डी चैंपियनशिप में प?
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रोहतक। एमेच्योर कबड्डी एसोसिएशन हरियाणा की ओर से वीरवार को 46वीं जूनियर नेशनल कबड्डी चैंपियनशिप का धमाकेदार आगाज हुआ। एमडीयू के जिम्नेजियम हाल में आयोजित समारोह में देश के विभिन्न राज्यों की टीमें मार्च पास्ट में शामिल हुईं। गृह मंत्री अनिल विज व खेल मंत्री संदीप सिंह ने खेल ध्वज फहरा कर चैंपियनशिप का शुभारंभ किया। इस दौरान हरियाणवी कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। पहले दिन लड़कों के वर्ग में पहला मैच हरियाणा व असम के बीच हुआ। इसमें हरियाणा ने असम को 43-12 अंक से हराया। वहीं लड़कियों के वर्ग में पहला मैच हरियाणा व गोवा के बीच हुआ। इसमें हरियाणा 36 अंक अधिक लेकर विजयी रहा। हरियाणा की टीम ने 52 व गोवा ने 16 अंक जुटाए।
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अभिभावक अब कहते हैं कभी खेल भी लिया कर
गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि देश में खेल हो तो हरियाणा का नाम जरूर आता है। हरियाणा देश में सबसे ज्यादा मेडल दिलाने वाला राज्य है। सरकार ने भी खेलों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाते हुए उच्च कोटी के खिलाड़ी को खेल मंत्री बनाया है। सरकार ने खेलों को आगे बढ़ाने के लिए नई खेल नीति बनाई। पहले माता-पिता कहते थे, खेलता रहता है पढ़ता ही नहीं, मगर अब कहते हैं खेल भी लिया कर क्या पता मेडल मिल जाए। सरकार ने हर जिले में 20-20 स्कूलों को खेल नर्सरियां दी। इसमें 10 लड़कों की व 10 लड़कियों की नर्सरियां हैं। इसमें कोच की तनख्वाह व अन्य सुविधाओं के लिए राशि देते हैं। बच्चों को खेलों की ओर आकर्षित करने के लिए ऐसा किया जा रहा है। प्रदेश में कबड्डी व कुश्ती के प्रोत्साहन के लिए एक करोड़ रुपये की ईनामी स्पर्धाएं भी कराते हैं। यही नहीं खेलों व खिलाड़ियों के बेहतर भविष्य के लिए 300 एकड़ में विवि बनाया जा रहा है। क्रिकेटर कपिल देव को इसका वीसी बनाया गया है।
यहां बैठा हर खिलाड़ी क्रीम ऑफ इंडिया है
खेल मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि कबड्डी चैंपियनशिप में देश भर से खिलाड़ी आए हैं। यहां आकर मुझे 1998 का वह दिन याद आया, जब मैं अंडर-14 नेशनल खेलने गया था। मुझे लगा नेशनल खेल लिया बहुत है। यह मेरी गलत फहमी थी। वर्तमान में खिलाड़ी इसलिए खेलता है कि नौकरी मिल जाए। नौकरी मिलेगी तो शायद उसका लक्ष्य पूरा हो जाएगा। यह गलत फहमी है। वर्ष 2018 में एशियन गेम थे। इनमें हमारा मेडल नहीं आया। अब वर्ष 2022 में आपको मेडल लाना है। यहां बैठे खिलाड़ी क्रीम ऑफ इंडिया है। यहां आपको एक मिनट का भी मौका मिले तो मैट पर कुछ कर दिखाना है, जिससे आपको कोई रोक न सके। ये एक मिनट हो सकता है आपकी जिंदगी बदल दे, लेकिन यदि सिर्फ नौकरी के लिए खेलना तो देश की तरक्की रह जाएगी। हमें अपनी सोच बदलनी होगी, तभी देश बदलेगा।
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एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि विवि परिसर में राष्ट्रीय स्तरीय कबड्डी स्पर्धा हो रही है। यह विवि के लिए गर्व की बात है। प्रदेश के इस सबसे बड़े विवि में पौने तीन लाख विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। देश के 900 विवि में से एमडीयू 90 नंबर पर है। खेलों में विवि देश का सिरमौर है। इस मौके पर इस मौके पर एमेच्योर कबड्डी एसोसिएशन हरियाणा के अध्यक्ष कृष्ण लाल पंवार, पदमश्री सुनील डबास, मेयर मनमोहन गोयल, सतीश नांदल, उपायुक्त आरएस वर्मा, खेल निदेशक डॉ. देवेंद्र सिंह ढुलएसपी मोहित हांडा, कुलदीप दलाल, तेजस्वी गहलोत आदि मौजूद रहे।
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