जिले में स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को तीन नवजात, सेल टैक्स अफसर, बैंक कर्मी, नर्सिंग छात्रा समेत 42 नये पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि की है। अब तक जिले में कुल संक्रमितों की संख्या 1881 पहुंच गई है। वहीं, राहत की बात है कि 1416 मरीज ठीक हो चुके हैं। फिलहाल जिले में 441 एक्टिव केस हैं, इनमें से 26 पीजीआईएमएस में उपचाराधीन हैं, जबकि 415 मरीज होम आइसोलेट किए गए हैं। जिले में अब तक 52002 सैंपल जांचे जा चुके हें।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन में शनिवार को सलारा मोहल्ला में पांच माह की बच्ची, सरकारी गेस्ट टीचर व बिजनेसमैन, सांघी गांव में एक मौजिज परिवार में एक अधिकारी, पीजीआईएमएस गर्ल्स हॉस्टल की नर्सिंग की छात्रा, काहनौर का छात्र, शौरी मार्केट का कर्मचारी, श्रीनगर की गृहिणी व बजुर्ग, शिवम इनक्लेव में मोखरा कॉलेज की महिला कर्मी, तेज परसराम में दिल्ली में प्राइवेट जॉब करने वाला, जनता कॉलोनी में कोर्ट में काम करने वाली महिला, शौरी मार्केट में महिला, स्टेशनरी शॉप संचालक, तेज परसराम में तीन माह की लड़की, कलानौर की गृहिणी, सलारा मोहल्ला में निजी बैंक कर्मचारी, महिला बुजुर्ग, तीन माह की बच्ची, गृहिणी व झंग कॉलोनी का छात्र, तिलक नगर की महिला, जगदीश कॉलोनी में कर्मचारी, प्रताप चौक पर व्यक्ति, सनसिटी का वकील, शिवम इन्कलेव में मोबाइल शॉप संचालक, छोटूराम चौक पर राजेंद्र कॉलोनी की छात्रा, आंबेडकर कॉलोनी में स्वास्थ्य विभाग की कर्मचारी, चमेली मार्केट में छात्र-छात्रा व गृहिणी, प्रेम नगर में बुजुर्ग व गृहिणी, प्रताप बाजार की बुजुर्ग महिला, सेक्टर-दो में डॉक्टर व गृहिणी, आजादगढ़ में निजी जॉब करने वाला, छोटूराम नगर में बुजुर्ग महिला, जवाहर नगर का छात्र संक्रमण की चपेट में आया है।
5000 एंटीजन किट पहुंची, हाटॅस्पॉट एरिया में होगी माइक्रो स्क्रीनिंग
कोरोना संक्रमणकाल में आरटी पीसीआर किट के साथ एंटीजन किट से लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। एंटीजन किट जांच की रिपोर्ट महज एक घंटे में आ जाती है। जिले के ज्यादातर हॉटस्पॉट बने एरिया में एंटीजन किट से ही जांच की जाती है। सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने बताया कि अब तक जिले को 17500 एंटीजन किट मिल चुकी हैं। शनिवार को पांच हजार किट और मिली हैं। रविवार से इन किटों के माध्यम से हॉट स्पॉट बन रहे एरिया में माइक्रो स्क्रीनिंग करवाई जाएगी। संक्रमण को रोकने के लिए पीजीआईएमएस का स्त्री एवं प्रसूता विभाग भी संदिग्धों की इस किट से जांच करवा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से शनिवार को जिले में 1048 सैंपलों की जांच की। इसमें 243 सैंपल एंटीजन किट से जांचे गए। सिविल सर्जन ने बताया कि इस किट जांच से हमें पता चल जाता है कि एरिया में संक्रमण है या नहीं। यदि कोई इस जांच में संदिग्ध मिलता है तो उसकी आरटी पीसीआर जांच करवाई जाती है।
पॉलिक्लीनिक में लगाई मशीन से पहले दिन 50 सैंपल जांचे गए
स्वास्थ्य विभाग को कोरोना जांच करने के लिए एक और नई जांच मशीन मिल गई है। इस मशीन को मेयर मनमोहन गोयल व समाजसेवी संस्थाओं ने डोनेट किया था। सेक्टर-3 स्थित पॉलिक्लीनिक में लगाई गई मशीन को पहले केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग से मंजूरी और फिर आईसीएमआर से पासवर्ड मिलने के अभाव में शुरू नहीं किया जा सका था। शनिवार को जैसे ही मशीन का पासवर्ड विभाग को मिला जांच शुरू कर दी गई। पहले दिन मशीन से 50 सैंपलों की जांच की गई। 17 लाख लागत की यह सीबी नॉट जांच मशीन एक घंटे में चार सैंपल जांच करने की क्षमता रखती है।
उधर, पॉलिक्लीनिक में कोरोना की जांच मशीन शुरू भी नहीं हुई थी और इसका लैपटॉप चोरी हो गया। ऐसे सवाल उठ रहा है कि एक तरफ समाजसेवी मशीन दान कर रहे हैं, दूसरी ओर अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने बताया कि लैपटॉप के चोरी होने की शिकायत पुलिस को दी गई है। फिलहाल लैपटॉप की वजह से जांच कार्य में कोई बाधा नहीं आई है।