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जवानी के पांच साल सलाखों के पीछे काटने वाले युवक को अब मिला न्याय

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रोहतक। साढ़े चार साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोप में जिले का एक युवक न केवल पांच साल सलाखों के पीछे रहा, बल्कि स्थानीय अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट के आदेश पर दोबारा स्थानीय कोर्ट में सुनवाई हुई तो गुरुवार को अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर क्लीनचिट दे दी। एडवोकेट गौरव खुराना ने बताया कि एक व्यक्ति ने 13 सितंबर 2013 को पुलिस थाने में शिकायत दी कि उसकी साढ़े चार साल की बेटी के साथ 10 साल के किशोर ने गलत काम किया। पुलिस ने किशोर को ज्वुनाइल कोर्ट के सामने पेश किया, जहां से जमानत मिल गई। उस घटना के छह दिन बाद बच्ची के पिता ने उसी एरिया के 18 वर्षीय युवक व उसके माता-पिता के खिलाफ झगड़े की शिकायत दी। उस मामले की पुलिस पड़ताल कर रही थी कि बच्ची के पिता ने झगड़े की शिकायत के 13 दिन बाद एसपी आफिस में अर्जी दी कि 10 साल का किशोर तो उसकी बच्ची को घर से लाया था। 18 साल के किशोर ने बच्ची के साथ गलत काम किया है।
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पुलिस ने कार्रवाई करते हुए युवक को गिरफ्तार कर लिया। इतना ही नहीं, अदालत में सुनवाई के बाद उसे उम्रकैद की सजा मिली। युवक ने अपने वकील के माध्यम से हाईकोर्ट में अपील की। तर्क दिया कि जिस समय की वारदात बताई गई है वह रोहतक एक मॉल में था, जहां के सीसी कैमरे की फुटेज देखी जा सकती है। साथ ही घटना 13 सितंबर की बताई गई। जबकि 19 सितंबर को दी शिकायत में बच्ची का पिता पोस्को एक्ट के तहत आरोप नहीं लगाता। करीब दो सप्ताह बाद शिकायत देता है। सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर दोबारा केस की सुनवाई की जाए। हाईकोर्ट ने रोहतक की अदालत को दोबारा सुनवाई के आदेश दिए। नए सिरे से केस चला। गुुरुवार को कोर्ट ने युवक को साक्ष्यों के आधार पर बरी कर दिया।
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