प्रधानमंत्री जी, देश से गरीबी कब दूर होगी, भारत कब बनेगा गरीबी मुक्त देश
- कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के छात्र गौरव ने प्रधानमंत्री से किया डिजिटल संवाद
- मोदी ने कहाकि सभी देशवासी ठान लें तो जल्द ही गरीबी से मिल सकता है छुटकारा
राजेश शांडिल्य
कुरुक्षेत्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देश के 27 राज्यों के 21 जिलों में 3300 करोड़ रुपये की लागत से बने 70 मॉडल डिग्री कॉलेजों, 11 प्रोफेशनल कॉलेजों, 66 एंटरप्रॅयोनरशिप, इनोवेशन व कॅरियर हब की डिजिटल लांचिंग की। प्रधानमंत्री ने पांच छात्रों से डिजिटल संवाद किया। प्रधानमंत्री से डिजिटल संवाद करने वाले देश भर के पांच छात्रों में से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के छात्र गौरव को भी सवाल पूछने का मौका मिला। उसने सवाल पूछा कि प्रधानमंत्री जी, देश में गरीबी देखकर दुख होता है। आखिर कब मिटेगी देश से गरीबी।
गौरव के इस सारगर्भित सवाल का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुत ही सजगता एवं गंभीरता से उत्तर दिया। उन्होंने गौरव के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि देश अगर ठान लें तो हम जल्द गरीबी से मुक्त हो सकते हैं। इसके लिए हमें अपने प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित तरीके से प्रयोग करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ रही अर्थव्यवस्थाओं में एक है। विश्व में भारत इकलौता ऐसा देश है, जिसमें तेज गति के साथ गरीबी कम हो रही है। इसका सबसे अधिक फायदा दलित, वंचितों के साथ-साथ मुस्लिम आबादी को भी हुआ है।
प्रधानमंत्री ने सवाल के जवाब को आगे बढ़ाते हुए कहाकि देश तय कर ले तो हम हर समस्या से निकल सकते हैं। उन्होंने कहा कि गरीबी से लड़ना रेवड़ी बांटना नहीं बल्कि लोगों को सशक्त करना है। उन्हें अहसास कराना होता है कि वे इससे बाहर निकल सकते हैं। देश में लोगों को आवास, शिक्षा की सुविधा प्रदान की जा रही है। लोगों को स्वास्थ्य के लिए आयुष्मान भारत से जोड़ा गया है। देश में बड़ी तेजी से गरीबी घटती चली जा रही है और हमें आशा है कि हमारा देश जल्द ही गरीबी मुक्त भारत होगा। उन्होंने कहाकि आज सभी लोगों के बैंक में खाते हैं। देश के कुल 25 करोड़ परिवारों में से करीब 4 करोड़ परिवार ऐसे थे जिन तक बिजली अब तक नहीं पहुंची थी। हमने प्रयास किया और आज हर घर में बिजली पहुंच रही है।
कार्यक्रम के समापन के बाद गौरव से उसके सवाल की बाबत पूछने पर गौरव ने बताया कि देश में हर उथल-पुथल के पीछे कहीं ना कहीं सीधा संबंध गरीबी से है। उसके पिता की लाडवा में स्कूटर-मोटर साइकिल स्पेयर पार्ट की दुकान है। सितंबर 2018 में पिता एक निजी अस्पताल में भर्ती थे। उस दौरान उसने देखा कि अस्पताल के काउंटर पर एक रिक्शा वाला गिड़गिड़ा रहा था। उसकी बेटी का वहां इलाज चल रहा था। डॉक्टर ने उस गरीब से 70 हजार रुपये का इंतजाम करने का कहा जिसे देने में वह असमर्थ था। ऐसा बहुत से गरीब लोगों के साथ होता है। बकौल गौरव,जब मैं घरों में काम करने वाली नौकरानी से लेकर ढाबों पर काम करने वाले बच्चों,शापिंग माल के बाहर गुब्बारे बेचने वाले बच्चों की हालत को देखता हूं, तो इनका दर्द समझा जा सकता है। बता दें कि गौरव ने प्रधानमंत्री से प्रश्न किया था कि देश में गरीबी को देखकर दुख होता है। आपने पिछले साढे़ चार वर्षों में गरीबी को दूर करने के लिए प्रयास किए हैं। आपको क्या लगता है कि आने वाले समय में हम कब तक गरीबी मुक्त देश बनेंगे।